जनपद पंचायत में रिश्वत लेते बाबू का वीडियो वायरल, चेक जारी करने के एवज में मांगे पैसे, बोला- उधारी में रुपए दिया था उसका ब्याज लिया हूं, मचा बवाल

Video of Babu taking bribe in District Panchayat went viral asked for money in lieu of issuing cheque said I have taken interest on the money given in loan created ruckus

जनपद पंचायत में रिश्वत लेते बाबू का वीडियो वायरल, चेक जारी करने के एवज में मांगे पैसे, बोला- उधारी में रुपए दिया था उसका ब्याज लिया हूं, मचा बवाल

सक्ती : सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने शासन लाख दावे करती है. लेकिन धरातल शासन की यह मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है. आज भी सक्ती जिले के जैजैपुर जनपद पंचायत में पदस्थ बाबू वेंकटेश्वर वर्मा को खर्चा पानी नहीं मिलता है तब तक वे तरह-तरह की बहाना बनाकर लोगों को घुमाते रहते हैं. कुछ इसी का वाक्या जनपद पंचायत जैजैपुर में देखने को मिला है. जहां जनपद पंचायत कार्यालय जैजैपुर में पदस्थ बाबू वेंकटेश्वर वर्मा ने ग्राम पंचायत बर्रा में विधायक निधि से निर्मित सीसी रोड की चेक काटने के सरपंच को महीने तक तरह तरह की बहाना बनाकर घुमा रहा है.
जबकि सरपंच पंचायत में विधायक निधि से बनने वाले सीसी रोड का निर्माण पूर्ण करा कराकर बकाया भुगतान राशि लेने के लिए बाबू का चक्कर लगा रहे थे. सरपंच द्वारा बार-बार बाबू से चेक काटने की निवेदन करने के बाद भी बाबू द्वारा चेक नहीं काटा जा रहा था. तब परेशान होकर सरपंच ने दूसरे व्यक्ति के जरिए बाबू को रुपए के साथ भेजा तभी उस व्यक्ति ने रुपए देते बाबू का वीडियो बना लिया. जनपद पंचायत जैजैपुर के सरपंचों ने बताया बाबू वेंकटेश्वर वर्मा लंबे समय से जैजैपुर जनपद कार्यालय में पदस्थ हैं और उनके द्वारा बिना रुपए लेनदेन के कोई भी काम नहीं करने का आरोप लगाया है.
लंबे समय से एक ही जगह में जमे होने से हौसला बुलंद
आपको बता दें कि सरकारी कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों का शासन के द्वारा समय-समय पर ट्रांसफर किया जाता रहता है. ताकि कोई भी अधिकारी एक ही जगह पर ज्यादा दिन रहकर वहां काम ना करे. लेकिन जनपद पंचायत जैजैपुर में पदस्थ बाबू कई सालों से जैजैपुर जनपद पंचायत में बाबूगिरी कर रहे हैं. जिसके चलते यहां उसका जान पहचान स्थानीय लोगों सहित जनप्रतिनिधियों से हो गया है. यही वजह है कि बिना लेन-देन के बाबू वेंकटेश्वर वर्मा द्वारा किसी भी पंचायत के कार्यों का फाइल बढ़ाने के एवज में रुपए की मांग करना आम बात हो गई है.
उधारी में रुपए दिया था उसका ब्याज लिया हूं
लोगों को उधार में रकम देना और ब्याज लेना कानूनन जुर्म है. अगर कोई ब्यक्ति ब्याज में रुपये देने का काम करता है. तो उस व्यक्ति को शासन से लाइसेंस लेना होता है. बाबू वेंकटेश्वर वर्मा के पास ना तो सूदखोरी का लाइसेंस है और ना उसने किसी को ब्याज में रुपए दिया था. उसने तो ग्राम पंचायत बर्रा में सीसी रोड के निर्माण कार्य के चेक काटने और फाइल आगे बढ़ाने के लिए रुपए की मांग कर रहा था. जो स्पष्ट रूप सुनाई दे रहा है. जिससे रुपया लिया हूं उसको मैंने ब्याज पर उधार दिया था. वो उधारी का ब्याज चुकाने मेरे पास आया था. रिश्वत लेने की बात बेबुनियाद है.
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