ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से की सरपंच व सरपंच पति की मनमानी की शिकायत, जांच टीम गठित, रिपोर्ट पेश करने आदेश जारी

Villagers complained to the Chief Executive Officer of the District Panchayat about the arbitrary behavior of the Sarpanch and Sarpanch husband investigation team formed order issued to submit the report

ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से की सरपंच व सरपंच पति की मनमानी की शिकायत, जांच टीम गठित, रिपोर्ट पेश करने आदेश जारी

कबीरधाम/पंडरिया : कबीरधाम जिले में खैरडोंगरी के ग्रामीणों ने सरपंच व सरपंच पति की कार्यों में मनमानी और अनियमितता की शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से की. जिसके बाद जांच टीम का गठन किया गया और सात दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करने आदेश जारी किया गया. 
आपको बता दे कि पंडरिया ब्लाक के ग्राम पंचायत खैरडोंगरी के सरपंच श्रीमती गीतांजलि सिंह और उनके पति रोहित सिंह ठाकुर द्वारा राशि गबन कर अनियमितता पूर्ण कार्य किया गया है. जिसके खिलाफ जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कवर्धा को ग्रामीणों ने आवेदन दिया था. जिसे प्रमुखता से जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने लेते हुए जांच टीम गठित कर सात दिन के अंदर गंभीरता से निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करने कहा है.
खैरडोंगरी के ग्रामीणों को इस आदेश से उम्मीद हैं की जांच समिति सही जांच कर मनमानी पूर्वक कार्य करने वाले  व शासन की राशि को बंदरबांट करने वालों पर उचित कार्यवाही करेगी. 
ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत खैरडोंगरी के सरपंच और उनकी पति रोहित सिंह ठाकुर के द्वारा पेय नल योजना, स्वछता, सीसी रोड निर्माण, मुलभुत सम्बंधित आय व्यय जानकारी और राशन कार्ड वितरण नहीं किया जाना और आए दिन गरीब आदिवासी परिवार को गाली-गलौज कर मारपीट की धमकी दिया जाता है. जिसके खिलाफ आवेदकगण द्वारा पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पंडरिया सामने शिकायत  30 सितम्बर 2024 को पेश किया गया था. जिस पर अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया द्वारा विधिवत जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए जांच टीम गठित किया गया था. जो 23 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायत खैरडोंगरी में उपस्थित हुआ लेकिन उनके साथ भी सरपंच और सरपंच पति ने मिलीभगत कर अपने पक्ष में कर लिया. जिससे निष्पक्ष जांच की कार्यवाही नहीं की जा सकी.
जबकि ग्रामवासी आवेदन द्वारा उक्त जांच टीम के सामने निवेदन किया कि ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा किए गए अनियमितता पूर्ण कार्य की निष्पक्ष जांच की जाए लेकिन उक्त टीम द्वारा कोई जांच नहीं किया गया और बिना जांच किए वापस चले गए. जिससे ग्रामवासी आवेदक निराश हो गए हैं. ऐसी हालत में आवेदक को इंसाफ दिलाने के लिए ग्राम पंचायत सरपंच और उसके पति के खिलाफ जिला स्तरीय जांच समिति गठित करने निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने के लिए फिर से आवेदन दिया गया. अब जांच समिति गठित किया गया है. सात दिन में समिति को जांच करने आदेश दिया गया है. ग्रामीणों ने मांग किया कि निष्पक्ष जांच किया जाए औऱ दोषियों पर उचित कार्यवाही किया जाए.
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