स्कूल-परिसर में झूले में गला फंसने पर 10 वर्षीय छात्र की मौत, परिवार में पसरा मातम, फौरन एक्शन, प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक सस्पेंड
10-year-old student dies after his neck gets caught in a swing on school premises. Grief descends upon the family; immediate action taken—headmaster and assistant teacher suspended.
महासमुंद/बसना : महासमुंद जिले के एक स्कूल परिसर में पेड़ पर बंधी रस्सी बच्चों के खेलने का साधन बनी हुई थी, लेकिन यही रस्सी कक्षा चौथी के छात्र तरुण चौहान उम्र 10 साल की मौत की वजह बन गई.
बसना विकासखंड के मुड़ीडीह शासकीय प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार 16 अगस्त सुबह करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हादसा हुआ. बताया जा रहा है कि तरुण रस्सी के झूले में खेल रहा था. तभी उसका गला रस्सी में फंस गया. घटना के वक्त स्कूल परिसर में कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार मौजूद नहीं था.
इस मामले की गंभीरता तो देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
महिलाओं ने तरुण को लटका देखा तब तक मौत हो चुकी थी
मिली जानकारी के मुताबिक तरुण पिता सेत चौहान स्कूल समय से पहले परिसर में पहुंच गया था. स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी बंधी हुई थी. जिस पर बच्चे झूला झूलने के साथ उल्टा लटककर भी खेलते थे. इसी दौरान तरुण का गला रस्सी में फंस गया. कुछ महिलाएं स्कूल परिसर पहुंचीं तो उन्होंने बच्चे को रस्सी से लटका देखा. उन्होंने उसे नीचे उतारने का प्रयास किया. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
महिलाओं ने बच्चे को रस्सी से लटका देखा
घटना की खबर मिलने पर भंवरपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. हादसे के बाद परिवार में मातम है.
पेड़ पर लंबे समय से बंधी थी रस्सी
बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में पेड़ पर रस्सी काफी समय से बंधी हुई थी. बच्चे उस पर झूला झूलते थे और उल्टा लटककर भी खेलते थे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बच्चों की पहुंच में मौजूद इस संभावित खतरे को समय रहते हटाया क्यों नहीं गया. अगर जिम्मेदारों को बच्चों के इस तरह खेलने की जानकारी थी. तो सुरक्षा के लिए कदम क्यों नहीं उठाए गए? और अगर जानकारी नहीं थी. तो स्कूल परिसर में निगरानी की व्यवस्था कैसी थी?
घटना के वक्त स्कूल में कोई मौजूद नहीं था
हादसे का एक अहम पहलू यह भी है कि घटना सुबह स्कूल समय शुरू होने से पहले की बताई जा रही है. उस वक्त परिसर में कोई शिक्षक या अन्य जिम्मेदार मौजूद नहीं था. इससे बच्चों के स्कूल पहुंचने से पहले परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
भंवरपुर चौकी प्रभारी अनंजना चंद्रा ने बताया कि घटना सुबह की है. छात्र जब खेल रहा था. उस समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था. बच्चे अक्सर रस्सी में उल्टा लटककर खेलते थे. इसी दौरान खेलते हुए रस्सी उसके गले में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई.
प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक सस्पेंड
जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. जांच में दोनों शिक्षक दोषी पाए गए हैं.
16 अक्टूबर को स्कूल परिसर में हुआ हादसा
विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसना से मिले जांच प्रतिवेदन के मुताबिक 16 अक्टूबर को स्कूल परिसर में पेड़ से बंधे झूले की रस्सी में खेलते समय छात्र के गले में रस्सी फंस गई. इस हादसे में उसकी मौत हो गई. मामले की जांच के दौरान स्कूल के प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक को जिम्मेदार पाया गया.
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी बीएल देवांगन ने जारी निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि दोनों शिक्षकों का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के खिलाफ है. इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत दोनों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है.
निलंबन अवधि में बसना रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षकों का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बसना निर्धारित किया गया है. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. कार्रवाई की सूचना लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी गई है.
ताजा खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



