पदयात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी रोक, नहीं दी अनुमति, अब सिर्फ तुता धरना स्थल पर धरना ही कर पाएगा छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा

The administration put a stop to the padyatra did not give permission now only the Chhattisgarh Sangharsh Morcha will be able to protest at the Tuta protest site

पदयात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी रोक, नहीं दी अनुमति, अब सिर्फ तुता धरना स्थल पर धरना ही कर पाएगा छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा

रायपुर : आज प्रदेश के चार शिक्षक संगठन अपनी पाँच सूत्री मांगों को लेकर राजधानी में पदयात्रा निकालने वाले थे. इस पदयात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी सिर्फ तुता धरना स्थल पर धरना दे पाएंगे.
पहले कहा गया था कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रदेश के सभी शिक्षक 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर सत्याग्रह पदयात्रा करेंगे. पूर्व सेवा गणना मिशन के तहत मोदी की गारंटी को लागू करने की मांग को लेकर शिक्षक गांधी जयंती के दिन राजधानी में सत्याग्रह पदयात्रा करने वाले हैं. चुनावी घोषणा पत्र में सरकार ने उनसे वादा किया था जो अभी तक पूरा नहीं हुआ.
शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति सभी वर्गों में न होने की वजह से एक ही पद में 20 से 24 साल भी हो गए हैं. जिससे शिक्षक एल बी संवर्ग का मनोबल टूट रहा है. पदयात्रा के बाद सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.
मोर्चा की प्रमुख मांगें हैं कि पूर्व सेवा गणना करते हुए एलबी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना,  सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करना, समतुल्य वेतनमान में सही वेतन का निर्धारण, केंद्र की तरह 1 जनवरी 2024 से 4% महंगाई भत्ता देना। इन सभी मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा आंदोलन करेगा और सरकार से चर्चा करेगा.
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगा.
– 2 अक्टूबर: सत्याग्रह पदयात्रा – राजधानी रायपुर में एल.बी. संवर्ग के शिक्षक सत्याग्रह पदयात्रा निकालेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे.
– 14 अक्टूबर: ज्ञापन सौंपना – सभी जिला मुख्यालय में शिक्षक मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री के नाम मूल मांग सहित देय तिथि से लंबित महंगाई भत्ता और एरियर्स की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा.
– 1 नवंबर: राज्य स्थापना दिवस – प्रदेश भर के शिक्षक पूर्व सेवा गणना दीप जलाकर अपनी सेल्फी, फोटो सहित सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे.
– 11 नवंबर: ज्ञापन सौंपना – छत्तीसगढ़ के 146 विकास खंड में मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम, तहसीलदार, और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को समस्त शिक्षकों की उपस्थिति में ज्ञापन दिया जाएगा.
– 12-24 नवंबर: मांग पत्र सौंपना – मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, जिला, जनपद, पंचायत सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों को पुरानी सेवा गणना करने की मांग को लेकर मांग पत्र सौंपा जाएगा.
– 25 नवंबर: पैदल मार्च – मोर्चा के प्रदेश भर के पदाधिकारी राजधानी रायपुर के इंद्रावती से महानदी भवन तक पैदल मार्च कर मंत्रालय में मांग पत्र देंगे.
छग शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांत संचालक गण वीरेंद्र दुबे,संजय शर्मा, मनीष मिश्रा तथा विकास राजपूत ने विज्ञप्ति जारी कर शिक्षक LB संवर्ग की मुख्य मांगो का उल्लेख करते हुये प्रदेश के शिक्षकों से अपील किया कि हम सभी संविलियन प्राप्त शिक्षक विभिन्न विसंगतियों से घिरे हुए हैं. जिसमे प्रमुख रुप से प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना न कर संविलियन तिथि से सभी लाभ दिए जाने के शासन के फैसले से पूरा शिक्षक एल बी संवर्ग ठगा सा महसूस कर रहा है. क्योंकि संविलियन तिथि से गणना करने पर न तो पुरानी पेंशन में पूर्ण पेंशन मिलेगा. न ही ग्रेज्युटी का पूरा लाभ मिलेगा. न क्रमोन्नति/समयमान का लाभ मिल पा रहा है. जिससे वेतन में भारी विसंगति आ गई है. पदोन्नति सभी वर्गों में न होने की वजह से एक ही पद में 20 से 24 साल भी हो गए हैं. जिससे शिक्षक एल बी संवर्ग का मनोबल टूट रहा है.
शिक्षक मोर्चा के प्रांत संचालक वीरेंद्र दुबे,संजय शर्मा, मनीष मिश्रा व विकास राजपूत ने बताया कि उपरोक्त सभी समस्याओं के समाधान हेतु विभागीय अधिकारियों से कई दौर की बात भी हो चुकी है लेकिन अभी तक आपेक्षित परिणाम नही मिला है. जिसके कारण शिक्षक LB संवर्ग में आक्रोश व्याप्त है. ज्ञापन व पत्राचार से शासन को अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं. अब मजबूरन हमें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb