धमतरी में दिल दहला देने वाली वारदात, नाबालिग रागिनी की रहस्यमयी मौत, 50 फीट ऊपर मौत का साया और एक चीख से थम गई शहर की धड़कनें
A heartbreaking incident in Dhamtari: the mysterious death of minor Ragini, the shadow of death 50 feet above, and a single scream that stopped the city's heartbeat.
धमतरी : कभी-कभी खामोशी किसी बड़े तूफान का इशारा होती है. लेकिन धमतरी के सुभाष नगर वार्ड में किसी ने नहीं सोचा था कि रविवार की शाम इतनी काली होगी. एक हंसती-खेलती 17 साल की रानी उर्फ़ रागिनी श्रीवास्तव की जिंदगी ने चंद सेकंडों में मौत को गले लगा लिया.
जब मोहल्ले की गलियों में बच्चों की हंसी गूंज रही थी. तभी रानी उर्फ रागिनी श्रीवास्तव चुपचाप मौत की सीढ़ियाँ चढ़ रही थी. जगह: सुभाष नगर वार्ड की विशाल पानी टंकी... ऊंचाई करीब 50 फीट.. रागिनी बिना कुछ कहे टंकी के शिखर पर पहुंची. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे रोकता. वह मासूम जिंदगी हवा में झूल गई.
धमाके की आवाज सुनते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई. लोग बदहवास होकर भागे... किसी ने पुलिस को फोन लगाया. तो कोई रागिनी को आवाजें देता रहा. उसे फौरन जिला अस्पताल धमतरी ले जाया गया. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. डॉक्टरों ने सिर्फ सिर हिलाया और कहा,"सब खत्म हो गया."
अनसुलझे सवाल: क्यों हारी रागिनी?
वार्ड में सन्नाटा है. परिजनों के आंसू थम नहीं रहे हैं. रागिनी, जो हमेशा मुस्कुराती रहती थी और शांत स्वभाव की थी. उसके मन में कौन सा 'जहर' घुल रहा था? क्या वह किसी गहरे अवसाद का शिकार थी? या फिर उस मुस्कान के पीछे कोई ऐसा दर्द था. जिसे वह बयां न कर सकी?
समाज के लिए कड़वा आईना
यह सिर्फ एक मौत नहीं है. बल्कि हमारे समाज की संवेदनशीलता पर एक गहरा घाव है. तनाव, अवसाद और अकेलापन दीमक की तरह हमारी नई पीढ़ी को निगल रहा है. क्या हम अपने बच्चों की मुस्कान के पीछे छिपे 'खामोश दर्द' को पहचान पा रहे हैं?
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों से पूछताछ कर रही है. आखिर उस 17 साल की उम्र में ऐसा क्या हुआ कि उसने जिंदगी से हार मान ली?
अगर आप या आपके आसपास कोई मानसिक तनाव से जूझ रहा है. तो कृपया बात करें.. याद रखें. हर समस्या का समाधान है. आत्महत्या नहीं.....
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