जिला अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिलने से गर्भवती महिला की मौत, डॉक्टरों पर गंभीर आरोप, 108 एंबुलेंस स्टाफ ने वसूली 800 रुपये रिश्वत
A pregnant woman died after receiving timely treatment at the district hospital, with serious allegations against doctors. 108 ambulance staff extorted a bribe of ₹800.
सूरजपुर : अंबिकापुर जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला की मौत हो गई. मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों पर समय रहते इलाज न करने का गंभीर आरोप लगाया है. मामला अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचा. जहां महिला को मृत घोषित कर दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक सूरजपुर जिले के ग्राम पीढ़ा निवासी परिजन गर्भवती रेखा राजवाड़े पत्नी तिलक राजवाड़े उम्र 24 साल को रात करीब 11 बजे सूरजपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे. परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत वहीं अस्पताल में हो गई थी. लेकिन डॉक्टरों ने अपनी लापरवाही छुपाने के लिए महिला को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि महिला की मौत पहले ही हो चुकी थी. इतना ही नहीं. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि 108 एंबुलेंस के स्टाफ ने उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए 800 रुपये रिश्वत ली. तब जाकर सुबह 5 बजे उन्हें अंबिकापुर छोड़ा गया.
परिजनों का आरोप है कि प्रसूता को वार्ड में भर्ती करने के बाद न तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर देखने आए और न ही नर्स। करीब साढ़े तीन घंटे तक रेखा दर्द से कराहती रही और परिजन इधर-उधर चक्कर काटते रहे. मितानिन सुगंती राजवाड़े ने भी कई बार गार्ड से डॉक्टर-नर्स को बुलाने की कोशिश की. लेकिन किसी ने दरवाजा तक नहीं खोला.
आधी रात के बाद करीब ढाई बजे जब प्रसूता ने दम तोड़ दिया. तब डॉक्टर और नर्स वार्ड में पहुंचे. आनन-फानन में उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. लेकिन वहां पहुंचते ही मां और नवजात को मृत घोषित कर दिया गया.
परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिला होता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी. फिलहाल पूरे मामले की जांच की मांग की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं.
रेखा का पहले से एक तीन साल का बेटा है. परिवार दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहा था. लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने खुशियां मातम में बदल दीं.
परिजनों और ग्रामीणों का सवाल है कि रात 11 बजे अस्पताल में डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर क्यों नहीं थे? वे सोते रहे और एक महिला की जान चली गई. जिला अस्पताल की इस गंभीर चूक पर अब स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को कटारे में खड़ा किया जा रहा है.
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