यशवंत अस्पताल में 40 हजार रुपये के इंतजार में युवती की मौत! परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
A young woman died while waiting for 40 thousand rupees in Yashwant Hospital! Family members alleged negligence and demanded a fair investigation
रायपुर : राजधानी रायपुर में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. रायपुर के यशवंत अस्पताल में इलाज से ज्यादा महत्व पैसों को दिया गया और उसी पैसों के इंतजार में एक मासूम ज़िंदगी हमेशा के लिए बुझ गई. परिजनों का आरोप है कि अगर अस्पताल प्रबंधन मदद करता तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी. मृतका की मां ने आरोप लगाते हुए कहा कि 40 हजार रुपए जमा करने के बाद भी मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया गया। इलाज में देरी की वजह से मेरी बेटी की मौत हो गई.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतका नेहा छूरा पिता सागर उम्र 28 साल छूरा निवासी राजीव आवास, बासटाल को 1 सितंबर 2025 को कमर दर्द की शिकायत पर यशवंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान परिवार ने पहले ही 3 लाख रुपये जमा करा दिए थे. लेकिन जैसे ही मरीज की हालत नाजुक हुई और डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही. तभी असली अमानवीय चेहरा सामने आया.
परिजनों के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने साफ शब्दों में कह दिया कि पहले 40 हजार रुपये दीजिए, तभी रेफर करेंगे. परिवार ने हाथ जोड़कर कहा कि वे रकम बाद में दे देंगे. लेकिन मरीज को फौरन रेफर किया जाए. लेकिन प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा और मदद की जगह सिर्फ पैसों की मांग पर जोर दिया गया.
समय पर रेफर न किए जाने की वजह से नेहा की हालत और बिगड़ गई. देर होने के चलते युवती ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया. इसके बाद परिजन अस्पताल परिसर में बिलखते रहे. फिलहाल परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमएचओ से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
परिजनों का आरोप है कि अगर अस्पताल प्रबंधन ने फौरन मदद किया होता तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान पैसों के इंतजार में न जाए,
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