शिक्षा को सेवा नहीं वसूली के रुप में देख रही प्रदेश की भाजपा सरकार -हाफिज खान, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण छात्रों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर
The BJP government in the state is viewing education as a form of recovery, not a service - Hafiz Khan. Rural students in Chhattisgarh will be worst affected.
शिक्षा अधिकार है. व्यापार नहीं.. गरियाबंद पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के शुल्कों में हुई बेतहाशा वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा पर डकैती कर रही है और पूछा कि क्या अब प्रदेश में गरीब का बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाएगा?
गरियाबंद पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने बताया कि शिक्षा मंडल ने फीस में जो वृद्धि की है वह बेहद चौंकाने वाली है.
नियमित परीक्षा शुल्क: जो पहले मात्र ₹460 था, उसे सीधे बढ़ाकर ₹800 कर दिया गया है.
नामांकन शुल्क: ₹80 की जगह अब छात्रों को ₹200 देने होंगे (करीब 150% की वृद्धि).
विलंब शुल्क: इसे ₹1540 से बढ़ाकर ₹2000 कर दिया गया है.
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने कहा कि इससे प्रदेश के ग्रामीण छात्रों पर सबसे बुरा असर पड़ेगा. जिला आदिवासी बाहुल्य और किसान प्रधान जिला के अभिभावक बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं और एक तरफ भाजपा सरकार 'मुफ्त शिक्षा' के बड़े-बड़े विज्ञापन छपवाती है. तो दूसरी तरफ परीक्षा फॉर्म के नाम पर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जेब काट रही है. क्या सरकार अपना बजट घटा कर छात्रों की फीस से खजाना भरना चाहती है.
मोहम्मद हाफिज खान ने इस बढ़ोतरी को “छात्र-विरोधी” करार दिया और कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को सेवा के रूप में नहीं, बल्कि एक वसूली के रुप में देख रही है. इस बढ़ोतरी को प्रदेश के किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बताते हुए कहा, “यह बढ़ोतरी ऐसे समय में की गई है जब प्रदेश का किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग पहले से महंगाई की मार झेल रहा है.”
मोहम्मद हाफिज खान ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह मंचों से “बेटा-बेटी पढ़ाओ” और “नई शिक्षा नीति” के नारे तो लगाती है. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि परीक्षा शुल्क बढ़ाकर हजारों गरीब छात्रों को पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. “यह फैसला सीधे-सीधे ग्रामीण अंचल, किसान परिवारों और मजदूर वर्ग के बच्चों के सपनों पर हमला है.”
कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग किया कि माशिमं द्वारा बढ़ाए गए सभी शुल्कों को तत्काल वापस लिया जाए और 2021 से पहले की दरों को ही लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.
पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने सीधे मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश के लाखों छात्रों पर डाले गए इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ का औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस घर-घर जाकर सरकार के इस 'शिक्षा विरोधी' चेहरे को उजागर करेगी और छात्रों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से आवाज उठाएगी.
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