शादी को लेकर घर में हो रही चर्चा, युवती ने फांसी लगाकर दी जान, इधर छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की खुदकुशी, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस

A young woman hanged herself while a student in the 11th grade committed suicide in a hostel, with family members making serious allegations and police investigating.

शादी को लेकर घर में हो रही चर्चा, युवती ने फांसी लगाकर दी जान, इधर छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की खुदकुशी, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस

बलौदाबाजार/लवन : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम बरदा में एक 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसकी खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. यह मामला लवन थाना क्षेत्र का है. 
मिली जानकारी के मुताबिक मृतका 19 वर्षीय भगवती बंजारे पिता शोभाराम बंजारे ने अपने घर के पीछे खेत में स्थित एक पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगा ली. इसकी खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फांदे से उतराकर जांच के लिए भेजा दिया गया. एफएसएल, फॉरेंसिकद्ध टीम की मौजूदगी में घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है. फिलहाल खुदकुशी की वजह का पता खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. 
जिला अस्पताल में महिला ने लगाई फांसी
पिछले दिनों धमतरी जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती युवती ने बाथरुम में जाकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है. युवती कोंडागांव जिले के खोपाबेड़ा गांव निवासी बताई गई है. मिली जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल में बुधवार की दोपहर उस समय हड़कंप मंच गया जब बर्न वार्ड में भर्ती 20 साल की युवती ने वार्ड में स्थित महिला प्रसाधन कक्ष में जाकर फांसी लगा ली. कोंडागांव जिले के ग्राम खोपाबेड़ा निवासी दसोमती नेताम पिता सायतु उम्र 20 साल धमतरी के बस स्टैंड के पीछे स्थित हरिओम राइस मिल में मजदूरी करती थी. सोमवार को युवती अपने निवास में खाना बना रही थी. खाना बनाते समय दाल उसके हाथों में गिर गई. गर्म दाल से उसका हाथ झुलस गया. इल्स्स्ज कराने युवती जिला अस्पताल में भर्ती हुई.
बर्न वार्ड में भर्ती थी युवती
अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित बर्न वार्ड में भर्ती कर युवती का इलाज किया जा रहा था. युवती के साथ उसकी बहन जगमती सोरी थी. बुधवार की दोपहर युवती अपने बिस्तर से उठकर वार्ड में स्थित बाथरूम गई थी. काफी समय तक युवती के वापस नहीं आने पर उसकी बहन ने बाथरुम में जाकर देखा। वहां युवती गमछे के फंदे पर फांसी पर लटकी हुई थी. घटना की खबर पर अस्पताल में हड़कंप मच गया. अस्पताल के अधिकारी व पुलिस को जानकारी दी गई. खबर पर सीएसपी, सीएमएचओ, सिविल सर्जन व कोतवाली प्रभारी सहित अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे। पुलिस शव को मर्रच्यूरी में शिफ्ट कराकर आगे की कार्रवाई में कर रही है.
दोषी पर होगी कार्रवाई : सीएमएचओ
सीएमएचओ डा. यूएल कौशिक ने मीडिया को बताया कि कोंडागांव क्षेत्र की रहने वाली युवती धमतरी की एक राइस मिल में काम करती थी. दाल बनाते झुलस जाने पर उपचार के लिए बर्न वार्ड में भर्ती थी। युवती ने बुधवार को फांसी लगा ली है. इस मामले में स्टाफ द्वारा किसी तरह की लापरवाही व गैर जिम्मेदारी पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे.
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छात्रावास में आत्महत्या से पहले पिता से कहा था - 'घर ले चलो', सुबह आई बेटे की मौत की खबर

कोरिया : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एक छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. मृतक छात्र की पहचान सुरेश सिंह के रूप में हुई है. छात्रावास में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि घटना के पीछे की असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी. मामले को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि छात्रावास प्रबंधन की तरफ़ से सुरेश पर फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती गई राशि बैंक से निकालने का दबाव बनाया जा रहा था. इसी तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया.
पिता से रोते हुए घर ले जाने की लगाई गुहार
परिजनों के मुताबिक आत्महत्या से पहले सुरेश सिंह ने अपने पिता से फोन पर बात की थी. बातचीत के दौरान वह काफी परेशान था और रोते हुए पिता से उसे घर ले जाने की गुहार लगा रहा था. पिता ने उसे समझाते हुए कहा कि वे सुबह उसे लेने आ जाएंगे. लेकिन सुबह होने से पहले ही परिवार को बेटे की मौत की खबर मिल गई. इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और छात्रावास की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
फुटबॉल प्रतियोगिता की राशि को लेकर विवाद
परिवार का आरोप है कि सुरेश सिंह पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों और छात्र हित के मुद्दों में भी सक्रिय रहता था. हाल ही में एक फुटबॉल प्रतियोगिता में टीम ने जीत हासिल की थी. जिसमें करीब एक लाख रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में मिली थी. परिजनों के मुताबिक छात्रावास अधीक्षक और एक कर्मचारी सुरेश पर इस राशि को बैंक से निकालने का दबाव बना रहे थे. जबकि सुरेश का कहना था कि यह पैसा पूरी टीम के खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में खर्च किया जाना चाहिए. इसी कारण वह पैसे निकालने का विरोध कर रहा था.
छात्र हितों के मुद्दे उठाने पर नाराजगी का आरोप
परिवार का यह भी कहना है कि सुरेश छात्रावास में रहने वाले छात्रों की समस्याओं को लेकर अक्सर आवाज उठाता था. कुछ समय पहले वह छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी गया था।आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षक नाराज हो गए थे. परिजनों का दावा है कि अधीक्षक ने ज्यादा बोलने वाले छात्रों की सूची बनाकर उन्हें फेल कराने तक की धमकी दी थी.
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सोनहत के एसडीएम अनसुल वर्मा छात्रावास पहुंचे और वहां मौजूद अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की. अधिकारियों ने कई घंटों तक छात्रों से बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाने की कोशिश की।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक होली की छुट्टियों के बाद जब सुरेश घर से लौटकर छात्रावास आया था. तब से वह कुछ गुमसुम रहने लगा था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले पर सांसद प्रतिनिधि अविनाश पाठक ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल राज्य में एक आदिवासी छात्र की छात्रावास में खुदकुशी की घटना बेहद गंभीर है और इसकी सूक्ष्म और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके.
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