भाजपा सरकार किसानों से धान नहीं खरीदने का साजिश कर रही -मंडावी, हमारी योजनाओं को बंद कर जनकल्याण के रास्ते बंद किए -बघेल
BJP government is conspiring not to buy paddy from farmers Mandavi by closing our schemes they have closed the way for public welfare Baghel
हमारी योजनाओं को बंद कर जनकल्याण के रास्ते बंद किए -बघेल
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के काल की योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की मौजूदा कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आज कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई, आईटी, डीआरआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई हैं. बीजेपी की केंद्र में बैठी सरकार इनका दुरुपयोग कर रही है. इसका सबूत बीते रोज सरगुजा में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर द्वारा दिया गया एक बयान है. जिसमें उन्होंने कहा है कि देखिए आने वाले दो महीने में क्या होता है.
भूपेश बघेल ने कहा इस समय एक महादेव का मामला चल रहा है (यह एक ऐप है. जिस पर सट्टा लगाया जाता है). इस मामले में हम लोगों ने कार्रवाई के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है. इसमें जितनी भी कार्रवाई की है. वह राज्य सरकार ने की है. वहीं केंद्रीय एजेंसी ने कोई कार्रवाई नहीं की. क्योंकि इनका असल मकसद राजनीतिक है.
केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए भूपेश बघेल ने आगे कहा कि यही वजह है कि केंद्रीय एजेंसी मुख्य लाभार्थी पर कोई कार्रवाई नहीं करती. जहां तक शराब घोटाले की बात है तो जो निर्माता है. उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही उनकी संपत्ति जब्त या कुर्क की गई. इतना ही नहीं. किसी की गिरफ्तारी भी नहीं की गई. जबकि मुख्य खिलाड़ी तो वही लोग हैं.
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ठगा सा महसूस कर रहा किसान, कांग्रेस नेताओं ने उठाये गंभीर सवाल
बिलासपुर : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर/ग्रामीण) ने कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की. प्रेस कांफ्रेंस में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने भाजपा की साय सरकार पर किसानों के साथ छलावा करने का आरोप लगाया और कहा कि आज किसान अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है.
उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा ने किसानों के साथ 21 क्विंटल धान खरीदी और एक मुश्त पैसे देने का वादा किया था. अब एक साल में ही अपने वादे से मुकर गई है. जिससे किसान खासे परेशान हैं. उनको अपना धान साहूकारों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. भाजपा सरकार ने 1 नवम्बर से धान खरीदी के बजाय 14 नवम्बर से शुरू की. जो 31 जनवरी तक होगी. छुट्टी और शनिवार, रविवार को छोड़ दे तो सिर्फ 47 दिन ही खरीदी की जाएगी. सरकार ने खरीदी का लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन रखा है. इस हिसाब से रोजाना साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन खरीदना पड़ेगा. जबकि प्रति सोसाइटी खरीदी सिर्फ औसत खरीदी 752 क्विंटल खरीदा जा रहा है. जिससे 47 दिनों में 160 लाख मीट्रिक टन नही खरीदी जा सकता है. ऐसी हालत में किसान अपना बाकी धान कहां बेचेंगे?
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की सरकार ने घोषित समर्थन मूल्य और केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाए गए मूल्य को मिलाकर देती थी. 2500 समर्थन मूल्य और 140 रुपये केंद्र की वृद्धि को मिलाकर प्रति क्विंटल 2640 रुपये दिया. लेकिन भाजपा सरकार ने घोषित समर्थन मूल्य 3100 रुपये और केंद्र सरकार की मूल्य वृद्धि 117 रुपये कुल 3217 रुपये एक मुश्त देने के बजाए सिर्फ 14 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और सिर्फ 2300 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है.
पांडेय ने कहा कि 72 घण्टे में पूरा पैसा खाता में देने का वादा था. धान खरीदी 14 नवम्बर से हो रहा है लेकिन पैसे कब आएंगे इसकी गारन्टी साय सरकार नही दे पा रही है?
भाजपा सरकार ने अपने अधिकारियों से गलत अनावरी रिपोर्ट बनवाई है. जिसके तहत एक एकड़ में सिर्फ 9 से 14 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है.
विजय पांडेय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीज उत्पादक किसानों से भी पूरा उत्पादन खरीदती थी. लेकिन भाजपा सरकार ने बीज उत्पादक किसानों से धान न खरीदने का फैसला लेते हुए सोसाइटी के सामने नोटिस चस्पा कर दिया है. जिससे ऐसे किसानों बहुत ही ज्यादा परेशान है.
सोसाइटियों के पास बारदानों की कमी है. इससे भी धान खरीदी प्रभावित हो रही है., सोसाइटी के अधिकारी, कर्मचारी किसानों के धान को गुणवत्ता और नमी के नाम रिजेक्ट कर रहे हैं. फिर कर्मचारी किसानों से वही धान आधे कीमत में खरीद रहे हैं. जो सीधा-सीधा किसानों के साथ धोखा है.
किसानों को ऑनलाइन टोकन दिया जा रहा है. जिसकी वजह से 15-15 दिन तक टोकन नही मिल रहा है.
72 घण्टे में बफर स्टाक के उठाव नीति को बदल दिया गया है. जिससे रखने के जगह न होने से खरीदी प्रभावित हो रही है. किसान धान बेचने के लिए केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं और अधिकारी-कर्मचारी अपने चहेते किसानों के धान ले रहे हैं.
कांग्रेस के कार्यकाल में 28 फरवरी तक मार्कफेड द्वारा धान का निपटाना बाध्य था. जिसे भाजपा सरकार ने 31 मार्च तक कर दिया है. जिससे संग्रहण स्थल में धान दो महीने तक खुले में पड़े रहेंगे. इस बीच बरसात होती है धान खराब हो जाएंगे. मिलर्स लेंगे नही. कुल मिलाकर भाजपा सरकार की नीयत धान खरीदने में साफ नही है.
आज मिलर्स धान उठाने में मजबूरी दिखा रहे हैं. क्योकि ट्रांसपोर्टिंग करने में उन्हें घाटा हो रहा है. कांग्रेस सरकार ने प्रति क्विंटल 120 रुपये धान मिलिंग के लिए दे रही थी. जबकि भाजपा ने सिर्फ 60 रुपये दे रही है. जिससे मिलर्स धान का उठाव नही कर रहे धान संग्रहन स्थल पर पड़ा हुआ. और खरीदी भी बाधित हो रही है.
ऐसा लगता है कि सरकार हर स्तर पर खुद अड़ंगा डालकर धान खरीदना नही चाहती है. क्योकि भाजपा ने शुरु से ही समर्थन मूल्य में धान खरीदने का विरोध कर रही थी.
विजय पांडेय ने सरकार से पूछा कि संग्रहण केंद्रों में जो सीसी केमरे लगे हैं? और जो इलेक्ट्रॉनिक मशीने तौलने के लिए खरीदे गए हैं. उसकी सप्लाई किसने किया? क्या नियम का पालन हुआ? और खरीदने की राशि कहां से भुगतान किया गया?
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भाजपा सरकार किसानों से धान नहीं खरीदने का साजिश कर रही -विक्रम मंडावी
बीजापुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय बीजापुर में प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों से धान नहीं खरीदने की साजिश कर रही है.
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार की नई नीति से साफ़ है कि वह किसानों से धान खरीदी करना नहीं चाहती है. विक्रम मंडावी ने कहा कि अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा है जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा। किसानो से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है.
बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा है. सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जाएगा.
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में बारदानों को लेकर कहा कि सोसायटी में बारदाना की कमी है किसान परेशान है. सरकार ने कहा है कि 50% नये 50% पुराने बारदानों का उपयोग किया जाए. 50% पुराने बरदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है. जिसकी वजह से धान खरीदी बाधित हो रही है.
आगे उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्रो में टोकन नहीं जारी किया जा रहा है. किसान घंटो खड़े रहते हैं. आनलाईन टोकन सिस्टम के कारण किसानों को 15 दिन बाद का भी टोकन नही मिल रहा है.
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि धान उपार्जन की कांग्रेस सरकार की नीति को भाजपा सरकार ने बदल दिया है. नई नीति के मुताबिक 72 घंटे में बफ स्टॉक के उठाव की नीति को बदल दिया है. पहले इस प्रावधान के होने से समितियों के पास ये अधिकार होता था कि वे समय सीमा में उठाव न होने पर चुनोती दे सकें.अब जो बदलाव हुआ है उसके बाद बफ स्टॉक के उठाव की कोई सीमा ही नहीं है. धान खरीदी केन्द्रो में जगह की कमी आ रही है.
पहले मार्कफेडे द्वारा समस्त धान का निपटान 28 फरवरी तक कर देने की बाध्यता रखी गई थी. अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है. जबकि धान खरीदी 31 जनवरी तक होगी. उसके बाद धान खरीदी बंद हो जाएगी. यानी समितियों / संग्रहण केंद्रों में धान अब दो महीने तक रखा रह रहेगा.
विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता में कहा कि धान मिलिंग के लिए कांग्रेस सरकार ने प्रति क्विंटल 120 रुपए देने का फैसला लिया था. जिसका परिणाम यह हुआ था कि प्रदेश भर में 700 नई राइस मिलें खुली थीं.अब सरकार ने मिलर के लिए 120 रुपए को घटाकर 60 रुपए कर दिया है. इस वजह से राईस मिलर हड़ताल पर हैं. धान सोसायटी में जाम है. मिलरों को 120 की जगह 60 रुपए देने के फैसले के बाद कई जिलों में राइस मिलर एसोसिएशन धान की मीलिंग करने में असमर्थता व्यक्त करने लगे हैं.
प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, जिला पंचायत सदस्या श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, नगर पालिका अध्यक्ष बेनहुर रावतिया, पार्षद प्रवीण डोंगरे, पार्षद जितेंद्र हेमला, पार्षद श्रीमती कविता यादव, पार्षद साहिल तिग्गा,वरिष्ठ कांग्रेसी वेणुगोपाल राव, सुनील उद्दे, सुरेश सोढ़ी, इदरीश खान, युवा कांग्रेस एजाज खान मौजूद थे.
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