कैबिनेट की बैठक में IAS अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई, नवनियुक्ति मुख्य सचिव विकास शील का स्वागत, लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले

Cabinet meeting bids emotional farewell to IAS officer Amitabh Jain, welcomes newly appointed Chief Secretary Vikas Sheel, and takes several important decisions

कैबिनेट की बैठक में IAS अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई, नवनियुक्ति मुख्य सचिव विकास शील का स्वागत, लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है.
 मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय सेवकों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के खिलाफ अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने के बारे में बैंकों/वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव प्राप्त करने का फैसला लिया गया. आगे की कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया. वित्त विभाग द्वारा प्रक्रिया में पात्र पाए जाने वाले बैंक/वित्तीय संस्था से सम्पादित किए जाने वाले एमओयू के प्रारुप का भी अनुमोदन किया गया.
 राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) की बकाया ऋण राशि रुपये 24,50,05,457/- (चौबीस करोड़ पचास लाख पांच हजार चार सौ सत्तावन) एक मुश्त वापस किये जाने का फैसलालिया गया. राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के द्वारा राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण प्रदाय किया जाता है.
 मंत्रिपरिषद द्वारा स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों में एक बार के लिये छूट प्रदान करने का फैसला लिया गया.वित्त विभाग द्वारा शिक्षा विभाग को राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती की अनुमति दी गई है. शिक्षा विभाग के भर्ती नियम-2019 को शिथिल करते हुए स्पेशल एजुकेटर के पदों पर सीधी भर्ती चयन परीक्षा के स्थान पर एक बार मेरिट के आधार पर करने का अनुमोदन मंत्रिपरिषद ने प्रदान किया.
 मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी दी गई और नवनियुक्ति मुख्य सचिव विकास शील (भारतीय प्रशासनिक सेवा 1994 बैच) का स्वागत किया गया.
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कैबिनेट बैठक में NHM कर्मचारियों की बहाली पर फैसला नहीं, कटा वेतन भी नहीं मिला

रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बर्खास्त किए गए 25 एनएचएम कर्मचारियों की बहाली सहित मांगो में फैसला न होने से कर्मचारियों में मायूसी है. प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में दिया था. कैबिनेट बैठक में इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया.
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्यरत 16,500 कर्मचारियों ने हाल ही में 33 दिन तक हड़ताल की थी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन स्थगित हुआ था.
कर्मचारियों की 10 मांगों में से 4 पर तत्काल आदेश जारी हुए थे. जबकि ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति पर 3 माह की समयसीमा तय की गई थी. हड़ताल स्थगन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर हड़ताल अवधि का वेतन देने एवं 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आश्वासन दिया था.
त्योहारों में NHM कर्मचारियों की वेतन कटौती
त्योहारी सीजन में जहां प्रदेश के करीब 5 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है. वहीं एनएचएम कर्मचारियों के 33 दिन का वेतन काटने का आदेश उनकी त्योहारी खुशियों को फीका कर गया है. हड़ताल स्थगन के 10 दिन बाद भी 6 मांगों पर आदेश जारी न होना कर्मचारियों में नाराजगी है. यह पहला मौका है जब  मांगों को सरकार ने मान लिया. आंदोलन को संवैधानिक करार दिया गया और सत्तारूढ़ दल के सांसद–विधायकों ने समर्थन किया. फिर भी कर्मचारियों की हड़ताल अवधि का वेतन काटा जा रहा है.
संघ ने मांग किया कि 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का आदेश जारी किया जाए. 33 दिन की हड़ताल अवधि को शून्य घोषित कर उस अवधि का वेतन दिया जाए. शेष मांगों पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित हो.
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी एवं प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने कहा कि त्योहारी सीजन में आर्थिक तंगी का सामना कर रहे एनएचएम कर्मचारी आज की कैबिनेट बैठक से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे थे. लेकिन किसी भी मांग पर ठोस फैसले न होने से कर्मचारियों में निराशा बढ़ गई है.
डॉ. मिरी ने कहा, ‘एनएचएम कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आंदोलन स्थगित किया गया. चर्चा में जिलों में की गई कार्रवाई शून्य करने तथा 25 पदाधिकारियों की बहाली का आश्वासन मिला था. लेकिन कैबिनेट बैठक में 25 बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों की बहाली एवं 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं होने से कर्मचारियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है.
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