राजधानी में बवाल, सरकारी स्कूल सफाई कर्मचारियों ने कर दिया हड़ताल, रैली-चक्काजाम और धरना प्रदर्शन, दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी
Chaos in the capital, government school sanitation workers went on strike, rally-blockade and sit-in demonstration, warning of agitation in Delhi
रायपुर : रायपुर में छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले 15 सालों से 43,301 अंशकालीन सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं. इन्हें निर्धारित दो घंटे के बजाय पूरे दिन भृत्य और चपरासी के काम करने पड़ते हैं. क्योंकि 90% स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के पद खाली हैं. इसके बावजूद कर्मचारियों को सिर्फ 3,000-3,500 रुपये मासिक वेतन मिलता है. जो महंगाई में परिवार चलाने के लिए काफी नहीं है. ज्यादातर कर्मचारी कर्ज लेकर जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं.
प्रधान पाठक कल्याण संघ और शिक्षक संगठन ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है. इनमें चतुर्थ श्रेणी पदों पर समायोजन, पूर्णकालिक वेतन, 12 महीने का मानदेय और नियुक्ति पत्र शामिल हैं. साथ ही 10,463 बंद स्कूलों के कर्मचारियों को अन्य स्कूलों में समायोजित करने की मांग भी उठी है.
भारतीय जनता पार्टी ने 2023 के घोषणा पत्र में 50% वेतन वृद्धि और पूर्णकालिक वेतन देने का वादा किया था. लेकिन 20 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से कर्मचारी 15 जून 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. 17 जुलाई को स्कूल शिक्षा सचिव से बैठक में पहल का आश्वासन मिला. लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई.
इस विरोध में 31 अगस्त 2025 को नया रायपुर में धरना और रैली निकाली गई. प्रदर्शन के दौरान सड़कों को घंटों जाम किया गया. भारी तादाद में पुलिस बल बुलाया गया और प्रशासन ने बातचीत कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया. प्रदर्शन इतना उग्र हुआ कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें न माने जाने पर दिल्ली में भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



