महाकुंभ में किन्नर जगद्गुरु हिमांगी सखी के शिविर पर जानलेवा हमला, महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के करीबी बताए जा रहे हमलावर

Deadly attack on the camp of Kinnar Jagadguru Himangi Sakhi in Mahakumbh, the attackers are said to be close to Mahamandaleshwar Lakshmi Narayan Tripathi.

महाकुंभ में किन्नर जगद्गुरु हिमांगी सखी के शिविर पर जानलेवा हमला, महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के करीबी बताए जा रहे हमलावर

प्रयागराज : महाकुंभ नगर में किन्नर अखाड़े की प्रमुख जगद्गुरु हिमांगी सखी के कैंप पर दर्जनों युवकों ने हमला कर दिया. जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई. हमलावरों ने कैंप को चारों तरफ से घेरकर तोड़फोड़ की और हिमांगी सखी को बंधक बनाने की कोशिश की. घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई. इस घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गए हैं. यह हमला सेक्टर-8 स्थित कैंप में हुआ.
हमलावर फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर आए थे और शिविर में घुसकर अराजकता फैला दी. आरोप है कि उन्होंने हिमांगी सखी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया. इस दौरान हुई हिंसा के चलते शिविर में भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए. घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
हमले की पूरी वारदात शिविर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है. पुलिस ने फुटेज जब्त कर मामले की जांच शुरु कर दी है. हिमांगी सखी का बयान दर्ज कर लिया गया है और हमलावरों की पहचान की जा रही है. इस मामले में महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की भूमिका की भी जांच हो रही है.
हिमांगी सखी के मुताबिक लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी करीब 50-60 लोगों के साथ उनके शिविर में आईं. ये लोग लाठी-डंडों, तलवार, फरसा और त्रिशूल जैसे हथियारों से लैस थे. हिमांगी सखी का कहना है कि हमलावरों ने उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी को पकड़ लिया और फिर उन पर लात-घूंसों और डंडों से हमला किया. हमले में वे गंभीर रुप से घायल हो गई. 
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके शिविर से करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण लूट लिए. जाते-जाते उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. हिमांगी सखी का कहना है कि यह हमला इसलिए हुआ क्योंकि वे किन्नर अखाड़े में फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने का विरोध कर रही थीं. हमलावरों के बारे में कहा जा रहा है कि वे लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के करीबी हैं.
किन्नर अखाड़े में मतभेद की वजह
हिमांगी सखी लगातार इस बात का विरोध कर रही थीं कि किन्नर अखाड़े में एक महिला को महामंडलेश्वर क्यों बनाया गया. खासकर तब जब उसके अंडरवर्ल्ड से संबंधों की चर्चा हो रही थी. हमले से कुछ घंटे पहले ही शनिवार सुबह वे दोबारा किन्नर अखाड़े से जुड़ी थीं. लेकिन उनका विवाद बना रहा.
हिमांगी सखी कौन हैं?
महामंडलेश्वर हिमांगी सखी मूल रुप से मुंबई की रहने वाली हैं. माता-पिता की मौतऔर बहन की शादी के बाद वे वृंदावन चली गई. जहां उन्होंने गुरु की शरण में रहकर शास्त्रों का अध्ययन किया. बाद में गुरु की आज्ञा से वे धर्म प्रचार के लिए मुंबई लौटीं.
मुंबई में उन्होंने कुछ समय तक फिल्मों में भी अभिनय किया. हाल ही में परी अखाड़े ने उन्हें जगद्गुरु की उपाधि दी थी. महाकुंभ के दौरान उन्होंने किन्नर मुस्कान को महामंडलेश्वर घोषित किया था. लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया.
गुजरात के बड़ौदा में जन्मी हिमांगी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। इससे पहले उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव वाराणसी से लड़ा था.
2019 में हिमांगी सखी को नेपाल के पशुपतिनाथ पीठ द्वारा महामंडलेश्वर की प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया. प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर गौरी शंकर महाराज ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की. जिससे एक प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्ति के रुप में उनकी भूमिका बन गई.
इस हमले के बाद प्रयागराज के महाकुंभ नगर में तनाव का माहौल बना हुआ है. श्रद्धालु डरे हुए हैं और प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. पुलिस और प्रशासन पूरी घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है. फिलहाल इस घटना ने किन्नर अखाड़े के भीतर गहराते विवाद को फिर से उजागर कर दिया है. अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और हमलावरों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है.
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