फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट में फर्जी हस्ताक्षर का आरोप, तारीख और बारकोड में गड़बड़ी मिलने पर आरंग की राव हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ FIR
FIR registered against the operator of Rao Hospital in Arang following allegations of forged signatures on a fire safety certificate, along with discrepancies found in the date and barcode.
आरंग : अस्पतालों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट और सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर दिया जा रहा है. इसी बीच आरंग स्थित राव हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. अग्निशमन विभाग के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन ने विभागीय अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और लोगो का इस्तेमाल कर प्रमाण पत्र तैयार किया था. मामले में अग्निशमन विभाग की शिकायत पर अस्पताल संचालक के खिलाफ आरंग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.
निरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ी
मिली जानकारी के मुताबिक राव हॉस्पिटल ने नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व में जारी अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं कराया था. इसके स्थान पर अस्पताल संचालक द्वारा कंप्यूटर ग्राफिक्स की मदद से कथित रूप से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर उपयोग किए जाने का आरोप है.
अग्निशमन विभाग की तरफ से 2 जुलाई को अस्पताल परिसर का मुआयना किया गया था. इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट पेश किया. जिसमें कई विसंगतियां पाई गईं. प्रमाण पत्र पर जारी करने की तारीख 16 अप्रैल 2026 अंकित थी. जबकि उससे जुड़े बारकोड में 16 अगस्त 2025 की तारीख दर्ज थी.
हस्ताक्षर और बारकोड की जांच में भी मिली विसंगति
प्रमाण पत्र में निरीक्षणकर्ता के रूप में पुरुषोत्तम सिंह का नाम दर्ज था. जबकि विभाग के मुताबिक इस नाम का कोई अग्निशमन अधिकारी वहां पदस्थ नहीं था. दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षर और विभागीय लोगो को लेकर भी शक सामने आया. इसके अलावा प्रमाण पत्र पर अंकित आवेदन क्रमांक और बारकोड को स्कैन करने पर विभाग द्वारा जारी सत्यापित मूल दस्तावेज नहीं मिला.
नवीनीकरण के नोटिस से खुला मामला
अग्निशमन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के संबंध में नोटिस जारी किए जाने के बाद दस्तावेज की जांच हुई. जिसमें कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. इसके बाद विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत जुर्म दर्ज किया है. मामले में आगे की जांच की जा रही है.
ताजा खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



