’’अर्नब’’ तूफान से फसल नुकसान पर किसानों को 72 घंटे में देनी होगी सूचना, तभी मिलेगा बीमा क्लेम का लाभ, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Farmers must report crop damage caused by Cyclone 'Arnab' within 72 hours to be eligible for insurance claims; the Agriculture Department has issued an advisory.
रायपुर : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से हुई बारिश और तेज हवाओं की वजह से खेतों में खड़ी और कटाई के बाद सुखाने के लिए रखी फसलों को नुकसान की खबर मिल रही है. राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों, उप संचालक कृषि और बीमा कंपनियों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं.
सरकार के मुताबिक सर्वे में तेजी लाने का मकसद प्रभावित किसानों के पात्र बीमा दावों का भुगतान जल्द सुनिश्चित करना है. किसान फसल नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज करा सकते हैं.
फसल बीमा योजना में धान सहित 11 फसल श्रेणियां शामिल
कृषि विभाग के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी और रागी अधिसूचित हैं.
प्रदेश में कुल 21,26,576 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बीमित है. असामयिक बारिश से उत्पादन में कमी आने की स्थिति में फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर दावा भुगतान का प्रावधान है. विभाग इसके लिए आवश्यक फसल कटाई प्रयोग करा रहा है.
कटाई के बाद खेत में रखी फसल पर भी बीमा प्रावधान
विभाग के मुताबिक स्थानीय आपदा के अंतर्गत बेमौसम बारिश से अधिसूचित फसलों को हुए नुकसान पर योजना की शर्तों के अनुसार दावा भुगतान का प्रावधान है.
इसके अलावा, कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल यानी करपा को कटाई के 14 दिन के भीतर चक्रवात, चक्रवाती बारिश या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर भी बीमा दावा पात्र हो सकता है.
किसानों को ध्यान रखना होगा कि कटाई के बाद 14 दिन का कवर और नुकसान की सूचना देने की 72 घंटे की समय-सीमा अलग-अलग हैं. नुकसान होने पर उसकी सूचना समय पर दर्ज कराना जरूरी है.
अब तक फसल नुकसान की 59,666 सूचनाएं मिलीं
कृषि विभाग के मुताबिक चक्रवात के प्रतिकूल प्रभाव से फसल क्षति की 59,666 खबर मिली है. इनमें से 88 सूचनाओं का सर्वे पूरा हो चुका है. जबकि बाकी का सर्वे जारी है.
राज्य शासन ने संबंधित अधिकारियों और बीमा कंपनियों को सर्वे निर्धारित समय-सीमा में तेजी से पूरा करने तथा पात्र दावा राशि के भुगतान की कार्रवाई करने को कहा है.
किसान 14447 पर ऐसे दें फसल नुकसान की सूचना
बीमित किसान फसल क्षति होने के 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 14447 पर नुकसान की सूचना दे सकते हैं.
सूचना दर्ज कराने में सुविधा के लिए किसान अपना नाम, मोबाइल नंबर, गांव, तहसील और जिले का विवरण, बीमित फसल की जानकारी और नुकसान की तारीख तैयार रखें. उपलब्ध होने पर खसरा नंबर और बीमा पॉलिसी या आवेदन का विवरण भी पास रखें.
नुकसान की फोटो और वीडियो सुरक्षित रखना तथा सूचना दर्ज होने का संदर्भ नंबर संभालकर रखना आगे की कार्रवाई में उपयोगी हो सकता है. मदद के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, उप संचालक कृषि या संबंधित बैंक शाखा से भी संपर्क कर सकते हैं.
फसल बीमा सर्वे और भुगतान की समय-सीमा
राज्य शासन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक नुकसान की सूचना मिलने के बाद बीमा कंपनी को निम्न समय-सीमा में कार्रवाई करनी है.
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कार्रवाई |
निर्धारित समय |
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सर्वेयर की नियुक्ति |
सूचना प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर |
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सर्वे पूरा करना |
10 दिन के भीतर |
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पात्र दावा राशि का भुगतान |
सर्वे के बाद 15 दिन के भीतर |
पात्र दावा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी, दावा भुगतान बीमा कवरेज, सर्वे और योजना की लागू शर्तों के आधार पर होगा, प्रभावित किसान सर्वे का इंतजार किए बिना निर्धारित समय में फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराएं,
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