महंगाई से बिगड़ा छात्रावासों का बजट, 12 नवंबर को हड़ताल करेंगे अधीक्षक, बोले- 1500 रुपए की स्कॉलरशिप में भोजन व्यवस्था चलाना मुश्किल
Rising costs disrupt hostel budgets; superintendents to go on strike on November 12, stating that it is difficult to manage food arrangements on a scholarship of ₹1,500.
रायपुर : छत्तीसगढ़ के सरकारी छात्रावासों और आश्रमों के अधीक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर 12 नवंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल करेंगे. छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ ने जिला मुख्यालयों में आंदोलन का ऐलान किया है. अधीक्षकों का कहना है कि उनसे 24 घंटे ड्यूटी की अपेक्षा की जाती है. लेकिन काम के घंटे और साप्ताहिक अवकाश तय नहीं हैं.
संघ ने ड्यूटी के घंटे निर्धारित करने, साप्ताहिक अवकाश देने, मकान किराया भत्ता और पदोन्नति की व्यवस्था लागू करने की मांग की है. अधीक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर मेस की राशि में कटौती का मुद्दा भी उठाया है. उनका कहना है कि इससे छात्रावासों के संचालन में परेशानी हो रही है.
ड्यूटी के घंटे और साप्ताहिक अवकाश तय करने की मांग
अधीक्षक संघ के मुताबिक काम के घंटे निर्धारित नहीं होने से उन्हें लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है. संघ चाहता है कि अधीक्षकों के लिए ड्यूटी का समय तय किया जाए और साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था लागू हो. इसके साथ ही मकान किराया भत्ता और पदोन्नति से जुड़ी मांगें भी रखी गई हैं.
VSK ऐप से उपस्थिति की अनिवार्यता पर आपत्ति
संघ ने शिक्षक संवर्ग के प्रभारी अधीक्षकों को VSK ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से छूट देने की मांग की है. इसके अलावा ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर मेस की राशि में कटौती को लेकर भी आपत्ति जताई गई है.
कार्रवाई हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों और समस्याओं का समाधान करने के बजाय दंडात्मक कार्रवाई की गई तो नियमित और प्रभारी अधीक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. फिलहाल 12 नवंबर को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया गया है.
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जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत संचालित करीब 200 छात्रावासों की व्यवस्थाएं जल्द ही ठप पड़ सकती हैं. छात्रावास अधीक्षक संघ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के सामने मोर्चा खोल दिया है. संघ ने स्पष्ट किया है कि अगर शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे 12 नवंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। जिसके बाद मांगें पूरी न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा.
अधीक्षकों का कहना है कि वर्तमान में प्रति छात्र 1500 रुपये मिलने वाली शिष्यवृत्ति राशि तेजी से बढ़ती महंगाई के दौर में पूरी तरह नाकाफी साबित हो रही है. इसके अलावा, अगर कोई विद्यार्थी 10 दिन से ज्यादा समय तक अनुपस्थित रहता है तो उसकी शिष्यवृत्ति की राशि काट ली जाती है. जिससे मेस का संचालन और खाद्य सामग्री का प्रबंध करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
संघ ने विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति बढ़ाने अथवा हॉस्टलों के लिए अलग से पूरक बजट प्रदान करने का आग्रह किया है.
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दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में छात्रावास अधीक्षक संघ ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. संघ ने विभागीय सचिव मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की है. अधीक्षकों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 12 नवंबर को आंदोलन तेज किया जाएगा.
ये हैं संघ की 5 प्रमुख मांगें….
1. अधीक्षकों की सेवा शर्तों का निर्धारण किया जाए
2. अधीक्षक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन किया जाए
3. शिक्षक संवर्ग से आने वाले प्रभावी अधीक्षकों को VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से छूट दी जाए
4. ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार किया जाए और मेस राशि में अनुचित कटौती पर रोक लगे
5. छात्रावास संचालन के लिए पर्याप्त बजट और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
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जगदलपुर : बस्तर में छात्रावास अधीक्षक संघ ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया. संघ ने विभागीय सचिव के नाम बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 12 नंवबर को उग्र आंदोलन करने के लिए वो मजबूर होंगे. संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष पल्लव झा ने बताया कि विभाग के मंशानुरूप ऑनलाइन अटेंडेंस और पंजी अपलोड की प्रकिया का विरोध नहीं है. लेकिन कुछ ऐसी व्यवहारिक समस्याएं हैं जिनका विरोध वो करते करेंगे.
जिला सचिव रामेश्वरी साहू ने कहा, ''कार्य के दौरान महिला अधीक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. महिला अधीक्षकों को छात्रावास में निवास करना पड़ता है. जिसमें उनके परिवार की अनुमति नहीं होती है. जिसके चलते बेटा, पिता और पति के प्रति दायित्व छूट जाता है. काम के कारण अपनी निजी जीवन और कार्यालयीन जीवन को संतुलित करने में परेशानी होती है. इसीलिए हमारी यह मांग है कि अधीक्षकों का आवास परिसर में हो. जिसमें सीसीटीवी कैमरा लगा रहे और प्रवेश द्वार अलग हो. ताकि परिवार और अधीक्षक के दायित्वों का निर्वहन किया जा सके.
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कबीरधाम : छात्रावासों में पर्याप्त संसाधनों एवं आवश्यक सुविधाओं की कमी और निर्धारित कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने से परेशान छात्रावास अधीक्षकों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य छात्रावास अधीक्षक संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है.
मंगलवार को संघ के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर छात्रावास अधीक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया। संघ ने बताया कि छात्रावासों में पर्याप्त संसाधनों और आवश्यक सुविधाओं का अभाव अधीक्षकों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। इन समस्याओं के समाधान के लिए संघ लंबे समय से मांग कर रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है.
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