बंधुआ मजदूरी पर बड़ा हमला, ईंट भट्ठे से देवभोग क्षेत्र के 10-12 बंधक श्रमिक और 7 बच्चे मुक्त, जिला प्रशासन की कार्यवाही, पुनर्वास की प्रक्रिया जारी
Major attack on bonded labor: 10-12 bonded laborers and 7 children from Devbhog area freed from brick kiln; district administration takes action; rehabilitation process underway
गरियाबंद : गरियाबंद जिला प्रशासन की तत्पर और इंसानियत की पहल से देवभोग क्षेत्र के 5 बंधक श्रमिकों और उनके 7 बच्चों को तेलंगाना राज्य के खम्मम जिले स्थित एक ईंट भट्ठे से सुरक्षित मुक्त कराया गया. यह संयुक्त रेस्क्यू कार्रवाई कलेक्टर बी.एस. उइके के नेतृत्व और जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय के मार्गदर्शन में की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक श्रमिकों को ईंट भट्ठे में बंधक बनाकर रखा गया था. खबर मिलने पर जिला प्रशासन ने पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर 28 दिसम्बर को मौके पर पहुंचकर सभी श्रमिकों और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला.
मुक्त कराए गए परिवारों के 7 बच्चों को जिला मुख्यालय लाया गया. जहां जिला बाल संरक्षण समिति द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. साथ ही बच्चों के लिए अस्थायी आवास, भोजन एवं आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की गई. बच्चों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग भी कराई गई. ताकि वे मानसिक रुप से सशक्त हो सकें.
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री अनिल द्विवेदी ने बताया कि सभी श्रमिकों और बच्चों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर ली गई है और पुनर्वास एवं सहायता से संबंधित जरुरी कार्रवाई लगातार जारी है.
इस पूरी कार्रवाई में रेस्क्यू दल के सदस्यों, श्रम निरीक्षक मनीष बंजार,डीसीपीयू (महिला एवं बाल विकास) गोपाल सिंह कंवर,श्रम कल्याण निरीक्षक पुणानंद साहू,राजस्व अधिकारी अजय देवांगन,प्रधान आरक्षक करम जांगड़े एवं विजय मिश्रा की भूमिका विशेष रुप से सराहनीय रही.
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