नगर पंचायत के अध्यक्ष बलरामकांत साहू गिरफ्तार!, एक दिन पहले जिस्मफरोशी के खिलाफ उठाई आवाज, गुस्साए समर्थकों ने घेरा थाना
Nagar Panchayat President Balram Kant Sahu arrested!, raised voice against prostitution a day before, angry supporters surrounded the police station
महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है. तुमगांव नगर पंचायत के अध्यक्ष बलरामकांत साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि सुबह 5 बजे करीब 25–30 पुलिसकर्मी तीन वाहनों में नगर पंचायत अध्यक्ष बलरामकांत साहू के निवास पहुंचे और बिना किसी वारंट के उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
वहीं परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी तरह अनुचित और अचानक की गई. जब ग्रामीण और समर्थक पुलिस थाने पहुंचे तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया और अध्यक्ष साहू से मुलाकात नहीं करने दी गई.
शनिवार सुबह जैसे ही तुमगांव नगर पंचायत अध्यक्ष बलरामकांत साहू की गिरफ्तारी की खबर नगर में फैली. पूरा माहौल मानो विस्फोटक हो गया. देखते ही देखते गुस्साई भीड़ थाने के सामने जमा हो गई. दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद होने लगे और मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया गया. “बलरामकांत साहू को रिहा करो” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा. बाजार में किसी ने सब्जी नहीं बेची, दुकानों के शटर गिरे रहे और गांव में मातम जैसा माहौल छा गया. युवाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर सड़कों को जाम कर दिया. थाने में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.
लोगों का आरोप था कि पुलिस ने यह कार्रवाई जनता की आवाज दबाने के लिए की है. पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी छेड़छाड़ और धमकी के गंभीर आरोपों पर हुई है. लेकिन ग्रामीणों और समर्थकों का कहना है कि असली वजह कुछ और है. और वह है तुमगांव में खुलेआम फल-फूल रहे जिस्मफरोशी के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाना.
सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह सब एक संयोग था या सुनियोजित साजिश?क्योंकि सिर्फ एक दिन पहले ही बलरामकांत साहू ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा था. जिसमें उन्होंने साफ लिखा था कि नगर क्षेत्र में देह व्यापार तेजी से फैल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो वे खुद आंदोलन करेंगे. और ठीक अगले ही दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस का तर्क बनाम जनता का सवाल!
• पुलिस का कहना है कि बीती रात कुछ महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
• उनका आरोप है कि बलरामकांत साहू ने उनसे छेड़छाड़ की और पेट्रोल डालकर घर जला देने की धमकी दी.
• इन्हीं आरोपों पर पुलिस ने साहू को गिरफ्तार कर धारा 351(3), 296, 74 और 75(2) के तहत मामला दर्ज किया.
लेकिन जनता का कहना है कि
अगर बलरामकांत साहू सच में दोषी थे तो अचानक इतने गंभीर आरोप ठीक उसी दिन क्यों लगे जब उन्होंने जिस्मफरोशी बंद कराने की मांग की?
• क्या यह “पेट्रोल की धमकी” पर कार्रवाई है या “जिस्मफरोशी की दुकानें बंद कराने की धमकी” पर?
• क्या पुलिस कानून का पालन कर रही है या फिर अवैध धंधे करने वालों की ढाल बन गई है?
तुमगांव – काला धंधे का गढ़!
•यह कोई पहला मौका नहीं है जब तुमगांव चर्चा में आया हो।
•वर्षों से यह इलाका देह व्यापार का गढ़ माना जाता रहा है।
•कई बार यहां पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई हुई, घर तोड़े गए, लेकिन कुछ ही दिनों बाद कारोबार फिर से शुरु हो जाता है.
स्थानीय लोग कहते हैं कि यह धंधा इतना मजबूत नेटवर्क बन चुका है कि पुलिस की कार्रवाई भी इसके आगे बौनी साबित हो जाती है. “जो विरोध करता है, वही फंस जाता है,” ग्रामीणों ने कहा.
गांव की जनता की बगावत!
बलरामकांत साहू की गिरफ्तारी ने गांव को उबाल दिया है. महिलाएं तक सड़कों पर उतर आईं. उनका कहना था कि “जिस इंसान ने हमारी बेटियों और बहनों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई. उसी को अपराधी बना दिया गया.”
धाराएं और सजा – जनता का अविश्वास!
बलरामकांत साहू पर दर्ज धाराओं का जिक्र करते हुए पुलिस ने उन्हें बड़ा अपराधी बताने की कोशिश की.
•धारा 351(3) – छेड़छाड़ (3 साल तक की कैद या जुर्माना)
•धारा 296 – आपराधिक धमकी (2 साल तक की कैद या जुर्माना)
•धारा 74 – सामान्य मारपीट (1 साल तक की कैद या 10,000 जुर्माना)
•धारा 75(2) – खतरनाक हथियार/आग से चोट (7 साल तक की कैद + जुर्माना)
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह सब फर्जी आरोप हैं. ताकि बलरामकांत साहू को दबाया जा सके.
बड़े सवाल जो पुलिस से पूछे जाने चाहिए!
•जिस व्यक्ति ने जिस्मफरोशी के खिलाफ मोर्चा खोला. उसी पर छेड़छाड़ का आरोप क्यों लगा?
•क्या यह मात्र संयोग है या फिर सुनियोजित साजिश?
•पुलिस की कार्रवाई सच में शिकायत पर हुई या फिर “काले कारोबार” को बचाने के लिए?
•अगर जिस्मफरोशी के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो आखिर अब तक यह धंधा क्यों फल-फूल रहा है?
जनता की अदालत बनाम पुलिस की कार्रवाई!
तुमगांव की जनता अब यह मानने को तैयार नहीं कि पुलिस सिर्फ कानून के लिए काम कर रही है।
गांव में यह चर्चा जोरों पर है कि –“यह गिरफ्तारी पुलिस की नहीं, बल्कि जिस्मफरोशी के कारोबारियों की जीत है.” अब देखना यह होगा कि अदालत में सच्चाई क्या सामने आती है. क्या बलरामकांत साहू सच में दोषी साबित होंगे? या फिर यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति और अवैध धंधों की मिलीभगत का एक और काला अध्याय बनकर रह जाएगा?
“पुलिस का कहना है कि, बीती रात कुछ महिलाओं ने थाने पहुंचकर बलरामकांत साहू पर छेड़छाड़ और पेट्रोल डालकर घर जला देने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने साहू को गिरफ्तार कर लिया.”
बता दें कि तुमगांव नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम कांत साहू पहले बीजेपी में थे. लेकिन टिकट नहीं मिलने पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इसमें उन्हें जीत भी हासिल हुई थी. नगर में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. छेड़छाड़ के मामले को समर्थक राजनीतिक साजिश बता रहे हैं. हालांकि पुलिस की जांच में पूरा मामला साफ हो सकेगा. फिलहाल पुलिस अफसरों का कहना है कि उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है इसलिए थाने ले जाया गया है.
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