खुद को मरा बताकर पेंशन के 1.19 करोड़ निकलवाए:रिटायर्ड कर्मचारियों ने 5% कमीशन में किया सेटिंग, फेक डेथ सर्टिफिकेट बनाने वाला गिरफ्तार

Withdrew 1.19 crores of pension by declaring himself dead: Retired employees made a setting for 5% commission, person making fake death certificate arrested

खुद को मरा बताकर पेंशन के 1.19 करोड़ निकलवाए:रिटायर्ड कर्मचारियों ने 5% कमीशन में किया सेटिंग, फेक डेथ सर्टिफिकेट बनाने वाला गिरफ्तार

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 15 रिटायर्ड कर्मचारियों ने खुद को मृत बताकर डेथ पॉलिसी के पैसे निकलवाए हैं. इनमें सभी अलग-अलग कंपनी में कार्यरत थे. जिन्होंने अपनी नेशनल पेंशन स्कीम का पैसा निकलवाने ऑनलाइन सर्विस सेंटर के संचालक से संपर्क किया. संचालक ने उन्हें बदले में 5% कमीशन देने की बात कही थी. इस डील के बाद उसने फेक डेथ सर्टिफिकेट बनाकर 1 करोड़ 19 लाख रुपए बैंक से अवैध तरीके से निकाल लिए. मामला पाटन थाना क्षेत्र का है.
अवैध रूप से पैसे निकालने वाले संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस काम में एचडीएफसी लाइफ कंपनी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल था. जिसने पैसे एप्रूव कराए थे. इसकी तलाश पुलिस कर रही है. मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की.
दरअसल घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बीएसपी के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम पर मृत्यु दावा किया गया. जबकि वह जीवित निकला। इसके बाद एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो (झारखंड) के मैनेजर को संदेह हुआ और पुलिस में शिकायत की गई.
शिकायत में बताया गया कि एनपीएस योजना में फर्जी मृत्यु दावा लगाकर बड़ी रकम गलत तरीके से निकाली गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरु की. जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 15 खाताधारकों को मृत बताकर करीब 1 करोड़ 19 लाख रुपए की अवैध निकासी कर ली.
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर निकाली राशि
जांच में पता चला कि ऑनलाइन सेवा केंद्र का संचालक मास्टरमाइंड राजेश कनोजिया उम्र 44 साल है. जिसने लोगों के दस्तावेज लेकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य केवाईसी दस्तावेज तैयार किए थे. इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर बीमा दावा किया जाता और पैसा निकाल लिया जाता था.
पूर्व कर्मचारी ने भी निभाई अहम भूमिका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में एचडीएफसी लाइफ कंपनी का पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर भी शामिल था. उसने अपने पद का गलत फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेज अपलोड किए और सत्यापन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दावे पास कराए. पाटन थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
NPS में जीवित रहते सिर्फ 60% राशि निकालने का नियम
एनपीएस योजना में खाताधारक जीवित रहते अधिकतम 60% राशि निकाल सकता है. बाकी 40% पेंशन के रुप में मिलती है. खाताधारक की मौत के बाद पूरी रकम नॉमिनी को मिलती है. लेकिन आरोपियों ने जीवित लोगों को मृत बताकर 100% रकम निकाल ली.
फर्जी दस्तावेजों में मिले कई गड़बड़ संकेत
जांच में यह भी सामने आया कि कई फर्जी दावों में एक जैसे पते, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए लेन-देन किया गया था. पुलिस ने आरोपी राजेश कनोजिया के पास से 10 हजार रुपए कैश और कई डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं.
आरोपी को भेजा गया जेल
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और उसे कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.  दूसरा आरोपी राजेश कुमार ठाकुर फरार है. जिसकी तलाश की जा रही है.
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