जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात बच्चे की मौत, परिजनों का आरोप- समय पर नहीं मिला इलाज, अस्पताल प्रबंधन ने कहा- जांच के बाद तय होगी वजह
Newborn dies during delivery at district hospital; family alleges lack of timely treatment, while hospital management states the cause will be determined after an inquiry.
दुर्ग : जिला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत पर परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि प्रसूता को 3 सितंबर से अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन 5 सितंबर को प्रसव पीड़ा और रक्तस्राव के बाद भी समय पर उचित इलाज नहीं मिला. बाद में ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत की जानकारी दी गई, मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है,
घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने नाराजगी जताई, उनका आरोप है कि अगर समय रहते सहीं इलाज मिलता तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मामले को लेकर सिविल सर्जन ने जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
परिजनों के मुताबिक गर्भवती महिला की जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्चे के गले में नाल फंसे होने की बात बताई थी और ऑपरेशन की सलाह दी थी. आरोप है कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन डॉक्टर की छुट्टी का हवाला देते हुए ऑपरेशन टाल दिया गया.
प्रसव पीड़ा के दौरान बिगड़ी हालत
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन समय पर नहीं होने के बाद महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया. जहां प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई.
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.
सिविल सर्जन ने दिया जांच का आश्वासन
मामला सामने आने के बाद परिजन सिविल सर्जन के पास पहुंचे। शिकायत के बाद मामले की जांच कराने और जांच में लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
फिलहाल नवजात की मौत की असल वजह इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. घटना के बाद एक बार फिर दुर्ग जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं.
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