नकटी गांव में मकानों को तोड़ने का आदेश,, बेदखली के खिलाफ आंदोलन पर बैठे ग्रामीण, कांग्रस और आप ने दिया साथ, मिला आश्वाशन- घर तोड़ा नहीं जाएगा

Order to demolish houses in Nakati village, villagers sit on protest against eviction, Congress and AAP support, assurance given – houses will not be demolished

नकटी गांव में मकानों को तोड़ने का आदेश,, बेदखली के खिलाफ आंदोलन पर बैठे ग्रामीण, कांग्रस और आप ने दिया साथ, मिला आश्वाशन- घर तोड़ा नहीं जाएगा

रायपुर : रायपुर के नकटी (सम्मानपुर) गांव में सैकड़ों ग्रामीणों अपने घरों से बेदखली के खिलाफ आंदोलन पर बैठे. नए विधायक और नए अधिकारीयों के आवास हेतु गलत तरीके से योजना में शामिल अधिकारियों ने नकटी गांव को अधिकरण कर गरीबों का घर उजाड़कर विधायकों और अधिकारियों को मुफ्त में देने की योजना थी. लेकिन अब भाजपा सांसद ने कहा किनकटी गांव को उजाड़ा नहीं जाएगा और किसी भी ग्रामीण का घर तोड़ा नहीं जाएगा.
दरअसल जमीन खाली करने चार दिन पहले उन्हें नगर निगम प्रशासन की एक नोटिस मिली कि गांव वालों को दो दिन में घर खाली करना होगा. ग्रामीण ने दावा किया कि वे पिछले 40 से 50 सालों से रह रहे हैं. ये जमीन उनके पूर्वजों द्वारा दी गई है और लोग आपस में भाईचारा दिखाते हुए थोड़े-थोड़े हिस्सों में घर बनाकर गुजारा कर रहे थे. घर टूटने की खबर से लोगों की मानो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई हो. इसी का विरोध करते हुए वहां के ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन किया
जसबीर सिंग ने बताया कि किस तरह से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पूरे गांव को जिसमें 80 से 90 परिवार निवासरत हैं. उन्हें घर खाली करने का पिछले महीने नोटिस दिया गया. हैरत की बात यह है कि पिछले साल ही कई ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास के तहत आबंटन किया गया. जिस पर उन्होंने पक्के मकान बनाए हैं. लेकिन अब सरकार वहां विधायक कॉलोनी बनाना चाहती है. घर की बेदखली के नाम से ग्रामीणों में दुख है और सरकार के प्रति रोष व्याप्त है.
कांग्रेस की पूर्व विधायक अनिता शर्मा ने कहा कि हम ग्रामीणों के साथ हैं. ग्रामीणों की ओर से संरक्षित जमीन पर वहां के गांव वालों का हक है. ग्रामीणों के घर उजाड़ कर विधायक कालोनी बनाने पर हमारा पुरजोर विरोध रहेगा.
उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ छत्तीसगढ़ का नहीं है पूरे देश का है. जहां अलग-अलग कारणों से बुलडोजर चलवाया जा रहा है. सवाल है कि जिन कारणों से गरीबों की बस्ती और घर तोड़े जाते हैं. उसमें से कोई कारण नकटी गांव नहीं है. लोग ना तो बांग्लादेशी हैं और ना ही मुस्लिम... फिर क्यों नोटिस पे नोटिस थमाई जा रही है? और अगर अवैध है तो कानूनी तरीके से भी प्रक्रिया की जा सकती है. क्या भाजपा का बुलडोजर सिर्फ गरीबों के घरों पर चलाने के लिए है? 8 लाख आवास का सपना दिखाकर सत्ता में आई भाजपा अब उसी ताकत के नशे में ग्रामीणों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रही है. लेकिन अब भाजपा सांसद ने कहा किनकटी गांव को उजाड़ा नहीं जाएगा और किसी भी ग्रामीण का घर तोड़ा नहीं जाएगा.
जसबीर सिंग ने राज्य की साय सरकार से कहा कि नकटी गांव के ग्रामीणों की मांग को देखते हुए उनके घरों को ना उजाड़ा जाए. आम आदमी पार्टी की तरफ से प्रदेश संगठन महामंत्री जसबीर सिंग, कलावती मार्को,रघुराज सिंह, आर एस ठाकुर, शिव कुमार शर्मा, पुनारद निषाद, अखिल शुक्ला और मोहन चंद्रवंशी आदि पार्टी के साथी मौजूद रहे. आम आदमी पार्टी नकटी गांव के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और अगर ग्रामीणों की मांग सरकार नहीं सुनती है तो आम आदमी पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर उनके न्याय के लिए सड़क पर आंदोलन भी करेगी.
प्रशासन का कहना है कि नकटी की जमीन सरकारी है. जिसमें लोग अवैध तरीके से कब्जे किया है. इसका मतलब साफ है कि ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. जितने हिस्से में नकटी गांव बसा हुआ है उसे तोड़ कर छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए कालोनी बनाई जाएगी. उसी विधायक कालोनी के लिए ग्रामीणों को उनके घर से निकाला जा रहा है.
ग्रामीणों को उनके घर के बदले ना कोई मुआवजा और ना ही किसी तरह की जमीन देने की बात नहीं कही जा रही थी. ग्रामीण कहां जाएंगे, कैसे रहेंगे इसकी कोई भी जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं. ऐसे में लोगों के ऊपर पहाड़ टूट पड़ा. और इसी के कारण वे अपने गांव के चौराहे पर एक सप्ताह से प्रदर्शन किया. जिसमें 70 साल की बुजुर्ग महिला भी हैं और 5 साल का बच्चा भी शामिल है. लेकिन अब भाजपा सांसद ने कहा किनकटी गांव को उजाड़ा नहीं जाएगा और किसी भी ग्रामीण का घर तोड़ा नहीं जाएगा.
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