गर्भवती महिला की मौत पर फूटा गुस्सा, अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा, गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन, मुख्य मार्ग पर किया चक्काजाम

Outrage erupted over the death of a pregnant woman; a massive commotion ensued within the hospital premises. Family members took to the streets demanding arrests and staged a road blockade on the main thoroughfare.

गर्भवती महिला की मौत पर फूटा गुस्सा, अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा, गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन, मुख्य मार्ग पर किया चक्काजाम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : मरवाही जिले में 22 साल की गर्भवती महिला ज्योति चौधरी की मौत मामले ने अब उग्र रूप ले लिया है. आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने इंसाफ की मांग को लेकर गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. प्रदर्शनकारी दोषियों के खिलाफ फौरन कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
परिजनों के मुताबिक ज्योति चौधरी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल जीपीएम में भर्ती कराया गया था. जहां डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे शिशु की मौत होने और महिला की हालत नाजुक होने की जानकारी दी थी. इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था.
आरोप है कि रास्ते में महिला को सेमरा स्थित डीडी अस्पताल लाया गया. जहां बेहतर इलाज का भरोसा देकर भर्ती करा दिया गया. परिजनों का कहना है कि मृत शिशु को बाहर निकालने के बाद इलाज के नाम पर करीब दो लाख रुपये ले लिए गए. लेकिन महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही. कई बार अनुरोध करने के बावजूद समय पर बड़े अस्पताल रेफर नहीं किया गया.
नाजुक हालत में महिला को भेजा गया बिलासपुर
परिवार का आरोप है कि चार से पांच दिनों तक अस्पताल में रखने के बाद नाजुक हालत में महिला को बिलासपुर भेजा गया. जहां सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
मृतका के परिजनों ने डीडी अस्पताल प्रबंधन, संबंधित एम्बुलेंस चालक और जिला अस्पताल के संबंधित चिकित्सकों की भूमिका की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है. चश्मदीदों का कहना है कि जब तक दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की जाती. तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
मौके पर पहुंचकर समझाइश दे रहे अफसर
चक्काजाम की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. मामले की जांच का आश्वासन दिया देकर गुस्साए लोगों को शांत कराया गया. जबकि परिजन इन्साफ और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.
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