रायपुर दक्षिण उपचुनाव के प्रत्याशी का 24 अक्टूबर तक ऐलान, सरकार के इशारे पर काटा जा रहा हसदेव का जंगल, पुलिस की लापरवाही से लोहारीडीह की घटना
Raipur South by election candidate announced by October 24 Hasdev forest being cut at the behest of the government Loharidih incident due to police negligence
रायपुर दक्षिण उपचुनाव के प्रत्याशी का 24 अक्टूबर तक होगा ऐलान
रायपुर : रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी का नाम 21 से 24 अक्टूबर के बीच घोषित कर सकती है. इसके लिए कल 20 अक्टूबर को कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया है. जहां संभावित प्रत्याशी पर चर्चा की जाएगी. इस बैठक के बाद ही प्रत्याशी की घोषणा की जा सकती है.
कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी जल्द होने की उम्मीद है. प्रत्याशी चयन को लेकर पहले से तय संगठनात्मक कार्यक्रमों में बदलाव किया जा सकता है. इसके लिए क्षेत्र के प्रभारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है. ताकि चुनावी रणनीतियों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके.
रायपुर दक्षिण में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है. जिससे कार्यकर्ता सम्मेलन से पहले ही दावेदार अपने-अपने नामों की घोषणा कर सकते हैं. प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर दावेदारों की लिस्ट भी बनाई जा सकती है.
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पुलिस की लापरवाही से लोहारीडीह की घटना
रायपुर : राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने लोहारीडीह मामले, हसदेव जंगल कटाई और भाजपा नेता की नोटों के साथ रील पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पुलिस ने लोहारीडीह के शिवप्रसाद उर्फ कचरु साहू की हत्या के मामले में चार लोगों की गिरफ्तार किया है.
मध्यप्रदेश पुलिस ने यह माना कि कचरु साहू की हत्या हुई थी. इस मामले में मध्यप्रदेश की पुलिस की कार्यवाही से साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती थी. उसने हत्या को आत्महत्या बताने का षड़यंत्र रचा था जिसके परिणाम स्परुप लोहारीडीह में जन आक्रोश भड़का और रघुनाथ साहू को उसके घर में जिंदा जला कर मार डाला गया. रघुनाथ साहू की हत्या के बाद पुलिस की कार्यवाही और पुलिस की कस्टडी में और पुलिस की मारपीट से प्रशांत साहू की मौत हो गयी. इस तरह छत्तीसगढ़ पुलिस की लापरवाही से लोहारीडीह में तीन लोगों की जान गयी.
लोहारीडीह में हुई मॉब लीचिंग की घटना के लिये गृहमंत्री एवं पुलिस के अधिकारी, कर्मचारी जिम्मेदार है. पुलिस प्रशासन ने लोहारीडीह दी की घटना में अपनी नाकामी पर पर्दा करने के लिए गांव के 167 सहित अन्य लोगों को अपराधी बनाया है. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है.
पहले भी कहा था ये आत्महत्या नहीं हत्या थी. यह मध्य प्रदेश पुलिस ने साबित किया. गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले को क्यों दबाया? लोहारडीह में हुई तीनों मौत रुक सकती थी. इसके जिम्मेदार गृह मंत्री है. आखिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट कैसे बदला गया. इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार की कई नाकामियों को दबाने प्रशासन में विभाग को दांव पर लगा दिया. सरकार बताये इस मामले पर लीपापोती क्यों की गई? इसके इशारे पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई? दो परिवार को बर्बाद करने का जिम्मेदार कौन? मध्य प्रदेश की पुलिस छत्तीसगढ़ जाकर आरोपियों को ले जाती है लेकिन यहां की पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश करती है.
मध्यप्रदेश पुलिस के कार्यवाही के बाद साफ़ हो गया कि कवर्धा जिला के पुलिस के उच्च अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये की वजह से लोहारीडीह की घटना हुई है. रघुनाथ साहू की हत्या पुलिस के अधिकारियों के सामने हुई है.
पुलिस कस्टडी में प्रशांत साहू की पिटाई से मौत हुई. राज्य सरकार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ और जिम्मेदार पुलिस कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए. पुलिस ने ठीक से जांच किये बगैर सिर्फ एक व्यक्ति विनोद साहू S/o रघुनाथ साहू के बयान के आधार पर 167 लोगों को जेल में डाल दिया. पूरे गांव का बयान लेना था. उसके बाद कार्यवाही होना था.
कांग्रेस पार्टी मांग करती है गृह मंत्री तत्काल इस्तीफा दे. वे इस्तीफा नहीं देते है तो मुख्यमंत्री उनको बर्खास्त करे. लोहारीडीह की घटना की न्यायिक जांच की जाए. जेल में बंद निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए. पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए.
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सरकार के इशारे पर हसदेव में जंगल काटा जा रहा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हसदेव में जंगल कटाई और आदिवासियों पर लाठीचार्ज मामले में कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी प्रताड़ित है.
भाजपा सरकार बनने के बाद सरकार की सांठगांठ से हसदेव में जंगल की कटाई का काम लगातार जारी है. जनभावनाओं के अनुरूप पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हसदेव में कटाई पर रोक लगाया था और इस बारे में आवंटित खदान को निरस्त करने केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा था. हसदेव में जंगल कटाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों, आदिवासियों पर सरकार के इशारे पर हमला किया गया.
लाठीचार्ज किया गया. इस पूरे मामले में बड़ी तादाद में आदिवासी और स्थानीय ग्रामीण घायल हुए हैं. कांग्रेस इस हमले की कड़ी निंदा करती है. मुख्यमंत्री कहते हैं कि हसदेव में कटाई नहीं हो रही है. वे कौन लोग है जो जंगल काट रहे है?
मुख्यमंत्री साफ़ करें कि हसदेव के वन की कटाई किसके इशारे पर हो रही है? किसको फायदा पहुंचाने सरकार जनभावनाओं के खिलाफ कटाई करवा रही है? पुलिस जंगल काटने वालों को संरक्षण क्यों दे रही है? हसदेव जंगल कटाई मामले में सरकार श्वेत पत्र जारी करे. आदिवासियों पर, ग्रामीणों पर हमला करने वाले और लाठीचार्ज करने वालो पर कड़ी कार्यवाही की जाए.
बेरोजगार भाजपा नेता आकाश सोलंकी के पास लाखों रुपए आया कहां से इसकी जांच की जाये?
भाजपा नेता की नोटो के साथ रील पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का काला खेल तेजी से बढ़ा है.
भाजपा के बड़े नेता से लेकर मंडल स्तर तक के नेता अवैध उगाही में लगे हुए हैं. भानुप्रतापपुर के मंडल अध्यक्ष बेरोजगार आकाश सोलंकी अपनी कार में लाखों रुपए की नोट की गड्डी रखकर रील बनाते हैं. यह सरकार का भ्रष्टाचार का नमूना है. आखिर बेरोजगार युवक के पास इतना पैसा आया कहां से राज्य सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए और आयकर विभाग भी संज्ञान में ले.
जबकि आम नागरिक अपने साथ 2 लाख रु. से ज्यादा की नगद रकम रखकर सफर नहीं कर सकते हैं। ऐसे में क्या भाजपा नेताओं को लाखों रुपए रखकर सफर करने की विशेष छूट दी गई है?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कहते हैं कि उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए फेक वीडियो बनाया गया है. जबकि भाजपा नेता आकाश सोलंकी स्वीकार कर रहे हैं कि नोटों के साथ रील उन्होंने बनाया है. ऐसे में यह बहुत जरुरी हो गया है कि इतनी बड़ी रकम लेकर भाजपा के नेता किसको देने जा रहे थे? या किसी से अवैध वसूली कर आ रहे थे? यह बहुत ही गंभीर मामला है कि बेरोजगार युवा के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई?
पत्रकार वार्ता में पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, वरिष्ठ नेता राजेंद्र तिवारी, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महापौर एजाज ढेबर, कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, नितिन भंसाली, प्रवक्ता वंदना राजपूत, सत्यप्रकाश सिंह, अजय गंगवानी, तुकाराम चंद्रवंशी, केशव चंद्राकर, सारिक रईस खान मौजूद थे.
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बिलासपुर : नगर निगम द्वारा सामान्य सभा नहीं होने को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि 27 फ़रवरी 2024 से नगर निगम बिलासपुर की कोई भी सामान्य सभा नही हुई है. जिसके चलते ढेर सारे प्रस्ताव लटके हुए है और विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं. क्योंकि सभी पर मोहर सामान्य सभा की लगती है. सरकार बदलते ही अधिकारियों की कार्यशैली बदल गई है और बीजेपी सरकार के आते ही अधिकारी पार्षदों और सभापति और मेयर की सुनना बंद कर दिये हैं. इसका ख़ामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. पेंशन और जातिप्रमाण पत्र का निराकरण न होने से ग़रीबों पर सीधा अत्याचार हो रहा है.
सभापति और आयुक्त मीडिया में बयान दे रहे हैं या मीडिया के जरिए बात कर रहे हैं. ये लोकतंत्र के लिए सही नहीं है और चुने हुए प्रतिनिधियों की अगर बीजेपी सरकार में सुनवाई नहीं होगी तो तो जनता की सुनवाई की तो हम आशा ही न रखे. जनता अपना प्रतिनिधि निगम में भेजती है इसलिए कि वो उनकी बातें और मांगे रख सके. लेकिन सभापति शेख नज़ीरुद्दीन जी कई बार लेटर भेजने के बाद भी आयुक्त महोदय का सामान्य सभा न करवाना और टालना लोकतंत्र के लिए घातक है और ये गलत भी है.
बीजेपी की सरकार और आयुक्त आख़िर किस लिये सामान्य सभा नही करना चाहते हैं. क्या सरकार के पास फण्ड नहीं है? या फिर सरकार फण्ड देना नहीं चाहती है? वैसे शायद अभी तक सिर्फ पन्द्रहवें वित्त का पैसा आया है और सरकार अभी तक कोई भी फण्ड नहीं दे पायी है. निगम को और सिर्फ सुर्ख़ियों में घोषणा और कागज़ों में सिर्फ विकास दिखाया जा रहा है.
अधिकारी अगर निगम के सभापति की नही सुन रहे हैं तो ये बहुत ही गंभीर बात है. सरकार को इस पर कार्यवाही करनी चाहिए और डिप्टी सीएम साहब इस विभाग के मंत्री भी है इसलिए उनको तत्काल मामले में रुचि लेते हुए दिशा और निर्देश देना चाहिए.
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21 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन करेगी कांग्रेस: पीसीसी चीफ दीपक बैज
रायपुर : छत्तीसगढ़ में हसदेव में पेड़ों की कटाई को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है. वहीं इस मामले में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि यह सरकार का दोहरा चरित्र है. एक तरफ मां के नाम पर एक पेड़ लगवाओं और बाप के नाम पर लाखों पेड़ कटवा लो, बैज ने कहा कि कवर्धा लोहारीडीह मामले को लेकर कांग्रेस 21 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन करेगी.
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने 14 नवंबर से धान खरीदने का फैसला' लिया है. वहीं धान खरीदी को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज का बयान सामने आया है. उन्होंने धान खरीदी पर सरकार की नियत पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान 1 नवंबर से धान बेचना चाह रहे हैं. रकबा बढ़ा है लेकिन धान खरीदी की अवधि कम करना यह फैसला क्यों लिया गया. क्या सरकार की नियत में खोट है? केंद्र ने समर्थन मूल्य बढ़ाया है. सरकार को 3217 रुपए में किसानों का धान खरीदना चाहिए. पिछले सरकार की बाकी चौथी किस्त दिवाली पर जारी करना चाहिए.
हसदेव में पेड़ों की कटाई को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि यह सरकार का दोहरा चरित्र है. एक तरफ मां के नाम पर एक पेड़ लगवाओं और बाप के नाम पर लाखों पेड़ कटवा दो. कवर्धा लोहारीडीह मामले को लेकर कांग्रेस 21 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन करेगी. गृह मंत्री विजय शर्मा के कार्यालय का घेराव करेंगे.
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