वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ा एक्शन, महासमुंद के जंगल की 233 जमीन पर अवैध कब्जा, 12 महिला और 40 पुरुष समेत 52 आरोपी गिरफ्तार

Strict action against those damaging forest resources, illegal occupation of 233 acres of forest land in Mahasamund, 52 accused including 12 women and 40 men arrested

वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ा एक्शन, महासमुंद के जंगल की 233 जमीन पर अवैध कब्जा, 12 महिला और 40 पुरुष समेत 52 आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद : वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ संचालित अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को वन मंडल महासमुंद के बागबाहरा परिक्षेत्र अंतर्गत आमाकोनी सर्किल, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 एवं 96 आरक्षित वन में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. कुल 52 आरोपियों जिसमें 12 महिला और 40 पुरुष हैं. को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय महासमुंद से जेल भेजा गया.
वन विभाग के मुतबिक सभी अतिक्रमणकारी ओडिशा के हैं. तमोरा में रहते हैं. इनका तमोरा के ग्रामीण विरोध करते हैं. लेकिन ये मानते नहीं. वन कर्मियों के साथ भी गाली-गलौच करते रहे हैं. इन्हें लेकर डर का वातावरण गांव में है. जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम तमोरा के कुछ लोगों ने करीब 94 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण करते हुए हर-भरे एवं मूल्यवान वृक्षों की अवैध कटाई की. इसी जमीन पर कृषि प्रयोजन के लिए अनधिकृत कब्जा स्थापित करने के मकसद से व्यापक खुदाई और जुताई की गई थी. साथ ही वन भूमि की सीमा निर्धारण के लिए स्थापित सीमेंट कांक्रीट निर्मित मुनारों सीमा चिन्हों को तोडक़र क्षतिग्रस्त किया गया. इन अवैध गतिविधियों के परिणाम स्वरूप मूल्यवान वृक्ष प्रजातियों और औषधीय जड़ी-बूटियों को भारी क्षति पहुंची है. जो कि पूरी तरह कानून के खिलाफ और दंडनीय अपराध है.
इस मामले में संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26-1 तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3-1 के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई. कुल 52 आरोपियों जिसमें 12 महिला और 40 पुरुष हैं. को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय महासमुंद से जेल भेजा गया.
इस कार्रवाई के लिए उप वन मंडलाधिकारी महासमुंद गोविंद सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव, रेंजर नवीन वर्मा द्वारा पूर्व से ही रणनीति तैयार की गई. अभियान में परिक्षेत्र सहायक नवीन शर्मा, डिप्टी रेंजर मोतीलाल साहू, भुवनेश्वर तिवारी, दुलार सिन्हा, वनपाल योगेश कन्नौजे तथा वन रक्षक रणजीत ठाकुर, नीलकंठ दीवान, चुकेश सिंह ध्रुव, कमल यादव, वीरेंद्र कुमार ध्रुव  टोमन दीवान, पूरण ध्रुव, खेमराज साहू, चित्रसेन दीवान, नरेंद्र ध्रुव, कविता ठाकुर, कांति ध्रुव सहित वन विद्यालय महासमुंद के प्रशिक्षु वनरक्षकों की सहभागिता रही.
मुख्य वन संरक्षक मणिवासगन एवं वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने कहा कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या अवैध गतिविध किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. उक्त आरोपी आदतन अपराधी हैं. जिनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है. लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ. ये मूलत: ओडि़शा के निवासी हैं और कुछ साल से ग्राम तमोरा में निवासरत हैं. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इनका विरोध किया जाता रहा है. लेकिन इनके आक्रामक एवं आपराधिक व्यवहार के कारण क्षेत्र में डर का वातावरण बना हुआ था. आरोपियों द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील गाली-गलौज एवं धमकी भी दी गई है.
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