खूंखार दंतेल हाथी ने बाड़े में बंधी दो भैंसों के पेट अपने खतरनाक दांतों से फाड़ उतारा मौत के घाट, एक भैंस घायल, इलाके में फैली सनसनी
The dreaded tusk elephant tore the stomachs of two buffaloes tied in the enclosure with its dangerous teeth killing them one buffalo got injured
राजिम/फिंगेश्वर : गरियाबंद जिले में हाथीयो का आतंक जारी है. बीती रात ग्राम जोगी डीपा में एक ग्रामीण के दो भैंसों को मौत के घाट उतार कर आसपास के गांव में घूम रहा है.
बता दे की गरियाबंद जिले में 15 रोज पहले एक महिला को पोंड के जंगल मौत के घाट उतारने के बाद यह दांतेल Me3 हाथी धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के आसपास घूम रहा था. उसके बाद दो दिन पहले फिर इसकी वापसी पाण्डुक परिक्षेत्र में हुई और झरझरा मंदिर से वापस होते हुए अपने पुराने रास्ते में महासमुंद जिला के लिए वापसी करते हुए ग्राम जोगी डीपा में किसान जनक/तुलसी राम ध्रुव के दो भैंसों को मौत के घाट उतार दिया और एक भैंस को घायल कर दिया.
सभी भैसे किसान के बड़ी में हमेशा की तरह बांधे हुए थे. जिसमे एक भैंस रस्सी तोड़कर भागने में कामयाब रहा. जिस वजह से उसकी जान बच गई. बाकी दो रस्सी नही तोड़ पाए और खूंखार हाथी ने अपने खतरनाक दांत से भैस के पेट को ही फाड़ दिया.
जिस तरह इंसान और जानवरों को मौत के घाट उतरता जा रहा है. यह भयानक हाथी खतरनाक साबित हो रहा है. आतंक का पर्याय बन चुका है. इंसानो को तो मुनादी या मोबाइल से अलर्ट जारी किया जा रहा है. लेकिन बेजुबान जानवरों को कौन से तरीके से एलर्ट किया जाए कि हाथी के सामने ना आए. ऐसे में किसानों को ही अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने की जरुरत है.
विभाग की तरफ से लगातार मुंनादी और जानकारी दी जा रही है. गनियारी फुलझार के जंगल में घूम रहा यह खूंखार हाथी जो आज रात शायद महासमुंद जिला प्रवेश कर सकता है.
वहीं पीछे-पीछे धमतरी से तीन हाथियों के एक दल गरियाबंद जिला में प्रवेश करने की संभावना है बताई जा रही है. जो चित परिचित अपने रुट में हाथियों का आना जाना और इस मार्ग में आने वाले हर एक को उखाड़ फेंकना अब इन हाथियों की फितरत बन चुकी है. हाथी मित्र दल और वन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि कोई घटना ना हो और अलर्ट जारी किया जा रहा है.
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