मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में दर्शन करने गए बुजुर्ग की बिगड़ी तबीयत, स्टेशन पर दो घंटे तड़पता रहा, मौत के बाद यात्रियों में आक्रोश

The health of an elderly person who went to visit under the Chief Minister's Tirth Yatra Yojana deteriorated, he kept suffering for two hours at the station, anger among passengers after his death

मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में दर्शन करने गए बुजुर्ग की बिगड़ी तबीयत, स्टेशन पर दो घंटे तड़पता रहा, मौत के बाद यात्रियों में आक्रोश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत ओडिशा से दर्शन कर लौट रहे जीपीएम जिले के लालपुर गांव बुजुर्ग निवासी कन्हैया लाल पुरी की समय पर इलाज नही मिलने की वजह से मौत हो गई. इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है.
मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री के नाम पर चलाई जा रही इस योजना में प्रशासन और रेलवे ने ट्रेन मे बुजुर्गो की तबियत बिगड़ने पर इलाज के लिए ना तो किसी डाक्टर की नियुक्ति की थी और ना ही ही की कुशल प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की. मेडिकल अभाव में हुई तीर्थयात्री की मौत के बाद सरकार और योजना पर सवाल उठ रहे है.
कन्हैया लाल पुरी अपनी पत्नी के साथ 24 अप्रैल को बिलासपुर से पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर के दर्शन के लिए रवाना हुए थे. लौटते समय ट्रेन झाड़सुगुड़ा रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई.
सहयोगी तीर्थयात्रियों ने रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार सूचना दी. लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका. यात्रियों के मुताबिक, झाड़सुगुड़ा रोड स्टेशन पर उन्हें उतारा गया. जहां दो घंटे तक इलाज का इंतजार करते हुए उनकी जान चली गई. साथ में यात्रा कर रहे प्रकाश राय ने बताया कि कन्हैया लाल की हालत अचानक बिगड़ी थी. लेकिन समुचित इलाज न मिलने से यह दुखद घटना घटी.
इस घटना के बाद तीर्थयात्रियों में भारी गुस्सा है. वहीं मृतक के गांव लालपुर में शोक की लहर दौड़ गई है.
ग्रामीणों ने सरकार से तीर्थ यात्रियों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की मांग की है, साथ ही बुजुर्गो को बेहतर और सुरक्षित यात्रा के सरकार के दावो की पोल भी इस मौत ने खोल कर रख दी है और बुजुर्गो की तीर्थयात्रा मे डाक्टर की नियुक्ति नही करने से सरकार सवालों के कटघरे मे है.
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