राजिम कुम्भ कल्प 2026 में आरु साहू की प्रस्तुति ने बांधा समां, आज विराट संत समागम का शुभारंभ, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे मुख्य अतिथि
Aru Sahu's performance enthralled the audience at Rajim Kumbh Kalpa 2026; the grand Sant Sammelan commences today; Assembly Speaker Dr. Raman Singh will be the chief guest.
गरियाबंद : राजिम कुम्भ कल्प 2026 के आठवें दिन मुख्य मंच पर बाल कलाकार आरू साहू की भव्य प्रस्तुति हुई, नवीन मेला मैदान “मेरा भारत का बच्चा-बच्चा जय-जय श्रीराम बोलेगा...” गाने से गूंज उठा। आरू साहू की झलक पाने मुख्य मंच श्रद्धालुओं व दर्शकों से खचाखच भरा रहा। “राम सिया राम जय-जय राम” से प्रस्तुति की शुरुआत करने वाली आरू साहू ने अपनी सधी हुई आवाज़, आत्मविश्वास और भावपूर्ण गायन से न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। भक्ति, लोकसंस्कृति और देशभक्ति के रंग में रंगी इस बाल कलाकार की प्रस्तुति से लोग सरोबार होते रहे। आठवें दिन मुख्य मंच पर कार्यक्रम की शुरूआत धमतरी के प्रसिद्ध कलाकार रूपेन्द्र साहू की रही। उन्होंने मां जगदम्बा का स्मरण करते हुए भक्ति गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे दर्शक भक्ति-रस में डूब गए। इसके बाद “रि... रिलो... ” जैसे आदिवासी गीतों ने माहौल को पूरी तरह जीवंत कर दिया। “छम-छम बोले पांव के पैरी... ” और “जिंदगी के नहीं हे ठीकाना, लहरगंगा लें लेतें... ” जैसे गीतों पर दर्शक झूमते नज़र आए। इन प्रस्तुतियों ने न सिर्फ मंच को रोमांचित किया, बल्कि दर्शकों में भी नई ऊर्जा का संचार किया।
लोकसाधना की सुमधुर प्रस्तुतियाँ
इसके पश्चात लोकसाधना की कलाकार सावित्री कहार ने “गजानंद स्वामी चार भुजाधारी” और “चल न खेलेल जाबो गांजरकली” जैसे गीतों से खूब तालिया बटोरीं। वहीं “गोला रे गोला, बर्फ के गोला..”, “चिरईया ल के गोटी मारों..” और “कर्मा सुने ल चले आबे गा.. ” जैसे गीतों ने दर्शकों को मंच से बांधे रखा। लोकसाधना टीम द्वारा प्रस्तुत “छुनुर-छुनुर पैरी बाजे रे गोरी..” गीत ने भी दर्शकों से भरपूर मनोरजंन किया.
कार्यक्रम की अगली कड़ी में जब बाल कलाकार आरू साहू ने प्रस्तुति दी, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने अपनी पहली प्रस्तुति “राम सिया राम जय-जय राम...” से दर्शकों का दिल जीत लिया। “ओ मईया झूपत-झूपत महूं ल नाचई देबे...” गीत पर जोरदार तालियाँ गूंजीं। “मेरा भारत का बच्चा-बच्चा जय-जय श्रीराम बोलेगा...” गीत की प्रस्तुति ने लोगों से जयश्री राम के नारे लगाने पर मजबूर कर दिया दर्शक अपनी जगह पर ही जमकर थिरकने लगे। गीत पर राजिम विधायक रोहित साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू सहित उपस्थित जनप्रतिनिधि भी हाथ उठाकर तालियां बजाने को मजबूर हो गए.
इसके बाद आरू साहू ने दीपावली के अवसर पर होने वाले सुवा नृत्य, गौरी-गौरा और राउत नाचा की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं दुर्गेश तिवारी ने “सावन म शिव जी ल मनाबो...” गीत गाकर मंच और दर्शक दीर्घा को शिवमय बना दिया। आरू साहू की अगली प्रस्तुति “चना के दाल राजा, चना के दाल रानी...” पर दर्शक झूम उठे। उन्होंने पंथी नृत्य और “छोटे से श्याम कन्हैया..” की प्रस्तुति देकर दर्शकों से भरपूर स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त किया.
त्रिवेणी संगम तट पर स्थित पंचमुखी भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह प्राचीन मंदिर आठवीं-नवमी शताब्दी का बताया जाता है। मंदिर में की गई कलात्मक नक्काशी और स्थापत्य कला यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित करती है। मंदिर परिसर दो प्रमुख भागों में विभाजित है। प्रथम भाग में महामंडप से होते हुए गर्भगृह स्थित है, जहां भगवान शिव ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विराजमान हैं। वहीं दूसरे भाग में देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर परिसर में स्थित पीपल का वृक्ष लगभग 600 वर्ष पुराना बताया जाता है। यह मंदिर लगभग 17 फीट ऊंचे जगती तल पर स्थित है। प्रतिवर्ष बरसात के दिनों में बाढ़ आने के बावजूद मंदिर अपने स्थान पर अडिग खड़ा है। मंदिर अभिलेखों के अनुसार यह लगभग 1100 वर्षों से अपने मूल स्थान पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन दिशाओं से सीढ़ियां बनाई गई हैं। मुख्य सीढ़ी पूर्व दिशा की ओर है, जबकि अन्य दो सीढ़ियां उत्तर और दक्षिण दिशा में स्थित हैं.
देश-विदेश में भले ही कई भव्य मेले आयोजित होते हों, लेकिन इन दिनों राजिम कुंभ कल्प मेला की अलग ही पहचान बन गई है यहां सबसे बड़ा मीना बाजार सजा हुआ है। रोमांच और मनोरंजन से भरपूर इस मीना बाजार में दूर-दराज़ से हजारों मेलार्थी उमड़ रहे हैं। महासमुंद के कलाम खान ने बताया कि करीब 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह विशाल मीना बाजार अपने आप में अनोखा है। यहां आधुनिक झूले लगाए गए हैं, जो बच्चों से लेकर युवाओं और बुज़ुर्गों तक सभी को आकर्षित कर रहे हैं। सुबह 11 बजे से ही मेलार्थियों की भीड़ जुटने लगती है, जो देर रात 11 बजे तक लगातार बनी रहती है। लोगों की भारी मौजूदगी ही मीना बाजार की लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण बन गई है।
मीना बाजार का सबसे बड़ा आकर्षण है 28 चेयर वाला हवाई झूला, जिसकी ऊंचाई करीब 92 फीट है। इसके अलावा नाव झूला, ड्रैगन झूला, टोरा-टोरा, ब्रेक डांस, फ्रीजबी झूला, सुनामी झूला और 70 फीट ऊंचा रिवॉल्विंग टावर रोमांच के शौकीनों को खासा लुभा रहे हैं। ऊपर से नीचे घूमता यह टावर झूलने वालों को रोमांचित कर देता है। बताया गया कि “स्वीन स्टार झूला”, जो पूरे भारत में केवल दो स्थानों पर उपलब्ध है, उनमें से एक राजिम मेला में लगा हुआ है। इसमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी जमकर झूले का आनंद उठा रहे हैं।
इस बार मीना बाजार में वैष्णव देवी की आकर्षक झांकी भी लगाई गई है, जहां श्रद्धालु टिकट लेकर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं जुरासिक पार्क, भूत बंगला, दो अलग-अलग मौत का कुआं और जलपरी शो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। राजिम कुंभ कल्प मेला का मीना बाजार हर उम्र के लोगों का दिल जीत लिया है.
राजिम कुंभ कल्प मेले के दसवें दिन 10 फरवरी को सुप्रसिद्ध भजन गायिका स्वाति मिश्रा का भव्य कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बता दें कि श्रीराम भक्ति से ओत-प्रोत स्वाति मिश्रा के भजनों ने रामभक्तों के दिलों में विशेष स्थान बना लिया है। उनके गीतों में भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं का ऐसा संगम देखने को मिलता है, जो श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देता है। ‘राम आएंगे’ भजन ने उन्हें देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहचान दिलाई है। राजिम कुंभ कल्प मेला के मंच पर श्रीराम भक्ति से जुड़े एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए जाएंगे।
स्थानीय मंच पर होगी छत्तीसगढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति
वहीं नवीन मेला मैदान स्थित स्थानीय मंच पर रूआबांधा रेणु साहू पंडवानी, रायपुर पूर्वी यादव जगराता, मालपुरी दुर्ग हेमीन वर्मा सुवा नृत्य, दुर्ग सूर्य प्रकाश साहू लोकनृत्य, रायपुर अनीता देवांगन भजन संध्या, छुईया चौतु राम तारक नाचा गम्मत, रायपुर मनोज सेन लोककला मंच, गरियाबंद ललित निर्मलकर भुंजिया नृत्य, चम्पारण चंन्द्रहास साहू राउतनाचा, परसदा सोंठ राधा खूंटे पंथी पार्टी की प्रस्तुति होगी। इसी प्रकार पुराने महोत्सव स्थल नदी मंच में चौबेबांधा के बिसहत राम साहू मानसगान, राजिम शिखा गोस्वामी महाभारत कथा, उमरदा हूमन चंद्राकर रामायण, राजिम नामदास लहरे सतनाम भजन, पारागांव आर्यन सुगम गायन की प्रस्तुति दी जाएगी.
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज सुधार और जनजागरण का भी सशक्त मंच बनता जा रहा है। इसी कड़ी में राजिम संस्कार वेलफेयर फ़ाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 8 फरवरी 2026 को राजिम कुंभ कल्प के भव्य मेले में समाजहित में एक विशेष नशा-मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने हजारों श्रद्धालुओं और आगंतुकों को गहराई से प्रभावित किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कुंभ क्षेत्र में प्रोजेक्टर के माध्यम से नशा-मुक्ति पर आधारित जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन किया गया। वीडियो में नशे के दुष्परिणामों को सरल, प्रभावी और भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह विशेषकर युवा वर्ग अत्यंत प्रभावित हुआ। नशे के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को उदाहरणों के माध्यम से दर्शाया गया, जिसने लोगों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।
वीडियो प्रस्तुति के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य, परिवार की खुशियों और समाज की प्रगति को भी नष्ट करता है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशे से दूर रहकर ही एक स्वस्थ, सशक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण संभव है। श्रद्धालुओं ने पूरे ध्यान और गंभीरता से इस जागरूकता कार्यक्रम को देखा और सराहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को नशा-मुक्त बनाने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
उल्लेखनीय है कि यह जनजागरूकता कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग के सौजन्य से आयोजित किया गया, जिससे शासन और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्कार वेलफेयर फ़ाउंडेशन छत्तीसगढ़ के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ इस आयोजन को साकार किया। राजिम कुंभ कल्प में आयोजित यह नशा-मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम संस्कार वेलफेयर फ़ाउंडेशन छत्तीसगढ़ का निश्चय ही नशा-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी और अनुकरणीय पहल है.
संत कवि स्वामी अमृतानंद पवन दीवान की पुण्यतिथि के मौके पर पवन दीवान आश्रम में सुबह से ही शिष्य और उनके चाहने वाले लोग जुटने लगे, देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित किया। मौके पर पादुका पूजन के साथ ही शिव अभिषेक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। आश्रम के बच्चों के द्वारा मंत्रोचार किया गया तथा भजन संध्या मंडली के द्वारा भजन कीर्तन का कार्यक्रम अपराह्न 1ः00 बजे तक चलता रहा। शिवजी और हनुमान जी की महाआरती हुई तथा प्रसाद वितरण किया गया। मौके पर स्वामी अमृतानंद पवन दीवान स्मृति छत्तीसगढ़ ब्रह्मचर्य आश्रम न्यास समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, सचिव अनिल तिवारी, पंडित अर्जुन नयन तिवारी,सदस्य विकास तिवारी, कन्हैया तिवारी, डीके ठाकुर, आचार्य पंडित रोशन शास्त्री, पंडित अमित तिवारी, प्रबंधक नूतन तिवारी, पुरुषोत्तम मिश्रा, विकास शर्मा, रमेश पहाड़िया, साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
सन 2016 में ब्रह्मलीन हुए थे संत कवि पवन दीवान उल्लेखनीय है कि संत कवि पवन दीवान 2 मार्च सन 2016 में ब्रह्मलीन हुए थे उस समय राजिम कुंभ कल्प मेला का आयोजन चल रहा था। इनके अंतिम कार्यक्रम में देशभर के साधु संत पहुंचे हुए थे। सन 1945 में जन्मे संत कवि पवन दीवान के कार्यों को देखकर लोग उन्हें छत्तीसगढ़ का गांधी से अलंकृत किया था। सन 1977 में पहली बार चुनाव लड़े और विधायक बनकर सीधे जेल मंत्री बनाए गए, उसके बाद दो बार महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद रहे। डॉ. रमन सिंह की सरकार में गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाए गए। छत्तीसगढ़ निर्माण के आंदोलन में अपने आपको पहले पंक्ति में रखा। नतीजा 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होगा पृथक छत्तीसगढ़ राज्य बना। भागवत कथा से इनकी प्रसिद्धि फैली और देखते ही देखते एक नाम चला कि पवन नहीं यह आंधी है छत्तीसगढ़ का गांधी है.
राजिम कुंभ मेला में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजिम भक्तिन माता भोग भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। सोमवार 9 फरवरी को भोग भंडारा में समिति के संरक्षक मेहतरु राम साहू द्वारा अपने पूर्वजों के नाम से भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें कुंभ मेला में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। भोग भंडारा में प्रसाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। आज के भोग भंडारा में विशेष सहयोग देने वालों में शिक्षक विवेक शर्मा, सुजाता शर्मा, परिक्षेत्र साहू समाज खोरपा के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, ग्रामीण साहू समाज तरी के अध्यक्ष दौलत राम साहू, जामगांव परिक्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गंगाराम साहू, जनपद पंचायत अभनपुर के उपाध्यक्ष खेलूराम साहू, समाजसेवी राघवेंद्र साहू एवं सुरेश साहू, साथ ही पत्रकार ईश्वर साहू (खोरपा) प्रमुख रूप से शामिल रहे, जिन्होंने भोग भंडारा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
भोग भंडारा के शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना कर की गई। भोग भंडारा में समिति अध्यक्ष लाला साहू, परिक्षेत्र साहू समाज पिपरौद के अध्यक्ष पारसमणी साहू, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुरेंद्र साहू, मंदिर समिति उपाध्यक्ष नूतन साहू, आलोक साहू, संगठन मंत्री डिगेश्वर साहू, बलराम साहू, डॉ. ओंकार साहू एवं कोषाध्यक्ष भोले साहू सहित अन्य सामाजिक लोगों ने सहयोग प्रदान किया.
1 फरवरी से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला की भव्यता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वैसे तो राजिम कुंभ माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है। इसके अंतर्गत संत-समागम का भी आयोजन किया जाता है। इस बार संत समागम 10 फरवरी से 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। जिसमें विभिन्न धार्मिक स्थलों से साधु-संत शामिल होंगे।
इस बार राजिम कुंभ में संतों का आगमन शुरू हो चुका है। संतो के स्वागत हेतु कुंभ नगरी राजिम में संत समागम स्थल सजकर तैयार है। त्रिवेणी संगम स्थित संत समागम स्थल पर साधु-संतों, महामंडलेश्वरों, आचार्य महात्माओं के लिए विशाल डोम, स्विस कॉटेज, कुटिया तथा यज्ञ शाला का निर्माण किया गया है, जिसमें संत महात्माओं द्वारा विभिन्न प्रकार के यज्ञ अनुष्ठान को पूरी वैदिक रीतियों के साथ सम्पन्न होगा। इस दौरान संत समागम के विशाल मंच से संतों के प्रवचन आशीष वचन के रूप में श्रद्धालुओं को सुनने का पुण्य लाभ मिलेगा.
राजिम कुंभ कल्प मेला के नवमें दिन स्थानीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली। विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बेमेतरा की खिलेश्वरी साहू ने जसगीत पर देवी भजनों से की। इसके बाद पारागांव के सुरेश सोनकर ने जगराता भजनों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रायपुर के अयान ने पियानो वादन कर मंच पर अलग ही रंग बिखेरा। सिंगारभाठा के हरिराम साहू ने सतनाम भजन प्रस्तुत कर गुरु घासीदास बाबा के “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। पोंड की साक्षी ने लोकनृत्य, गरियाबंद की गीता यादव ने सुवा नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कुसुमबुड़ा के गिरवर सिंह धु्रव ने लोककला मंच पर सुवा नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
धौराभाठा के रामकृष्ण सेन ने फाग लोककला की प्रस्तुति दी, जबकि अभिषेक वर्मा ने नाचा गम्मत में खड़े साज के साथ ऐसा समां बांधा कि दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए। बिलासपुर की विशाखा साहू ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। इसी क्रम में नदी मंच पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रही। नवाडीह राजिम की शांति बाई साहू ने मानसगान, बोडरा के लक्ष्मीनारायण निषाद ने सत्संग भजन, राजिम के सौर्य पटेल ने बल जसगीत, तौरेंगा के भेवन साहू ने रामायण पाठ तथा चंद्रसूर के अमरनाथ निषाद ने बालिका मानस भजन प्रस्तुत कर दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। कार्यक्रम संयोजक पुरूषोत्तम चंद्रकार एवं संचालन मनोज सेन, किशोर निर्मलकर एवं दिनेश्वर साहू ने किया.
राजिम कुंभ कल्प मेला में 10 फरवरी दिन मंगलवार को शाम 7 बजे विराट संत समागम का उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। समारोह में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कुरूद विधायक अजय चन्द्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू, बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक धु्रव के अलावा जिला पंचायत गरियाबंद अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा अध्यक्षा श्रीमती ओमकुमारी साहू, जनपद पंचायत फिंगेश्वर अध्यक्ष श्रीमती इन्द्राणी साहू, नगर पालिका परिषद गरियाबंद अध्यक्ष रिखीराम यादव, नगर पंचायत फिंगेश्वर अध्यक्ष राजेन्द्र (धनराज) सूर्यवंशी, नगर पंचायत मगरलोड अध्यक्ष श्रीमती लिलेश सुरेश साहू, नगर पंचायत कोपरा अध्यक्ष रूप नारायण साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थित रहेगी।
विराट संत समागम अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित संत-महात्माओं का आशीर्वचन और सानिध्य प्राप्त होगा। जिसमें प्रमुख रूप से आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विशोकानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर प्रेमानंद जी महाराज, राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज, महामंडलेश्वर शैलेशानंद जी महाराज, दंडी स्वामी डॉ. इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज, दंडी स्वामी सच्चिदानंद तीर्थ जी महाराज, पीठाधीश्वर द्वारकेश लाल जी महाराज, संत गुरूशरण महाराज पंडोखर सरकार, महंत नरेन्द्र दास जी महाराज, स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज, स्वामी विराम देवाचार्य जी महाराज, बालयोगेश्वर बालयोगी रामबालक दास जी महाराज, साध्वी महंत प्रज्ञा भारती जी, महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज, संत परमात्मानन्द जी महाराज, संत युधिष्ठिर लाल जी महाराज, संत गोवर्धन शरण जी महाराज, महंत रामरूप दास जी महाराज, महंत दिव्यकांत जी महाराज, महंत त्रिवेणी दास जी महाराज, महंत राधेश्याम दास जी महाराज, महंत उमेशानन्द गिरी जी महाराज, स्वामी डॉ. राजेश्वरानन्द जी महाराज, पीताम्बरा पीठाधीश्वर पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर , आचार्य राकेश आर्य जी महाराज, गुरू मां सुमिरण माई, संत कौशलेन्द्र रामजी महाराज, संत विचार साहेब जी महाराज, संत गोकुल गिरि जी महाराज, प्रजापिता ब्रह्मकुमार नारायण भाई, स्वामी अखिलेशानंद जी महाराज, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी हेमा बहन, स्वामी कृष्णानंद जी महाराज, आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज, आचार्य लव कुमार शर्मा जी महाराज, संत सिद्धेश्वरानंद जी महाराज, आचार्य त्रिभुवन मिश्रा, महंत बी.आर. जोशी सहित अन्य संतों का सानिध्य प्राप्त होगा.



