पति की मारपीट से तंग आकर आत्महत्या करने महिला ने पुल से नदी में लगाई छलांग, मछुआरों ने बचाई जान, अस्पताल में भर्ती
Tired of her husband's beatings, a woman committed suicide by jumping from a bridge into a river, fishermen saved her life and she was admitted to a hospital
जांजगीर चांपा : जांजगीर चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र के हसदेव नदी के ऊपर बने गेंमन पुल से खुदकुशी करने की कोशिश करते हुए महिला ने छलांग लगा दी. वहीं हसदेव नदी के मछली पकड़ने पहुंचे मछुआओं ने देखा और समय रहते हुए महिला को पानी से बाहर निकाला गया. पुलिस को खबर दी गई. जहां महिला को बीडीएम अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. यह मामला चांपा थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे, लक्ष्मी सूर्यवंशी घर से निकली और पैदल चलते हुए चांपा के गेमन पुल तक पहुंच गई. पुल हसदेव नदी के ऊपर स्थित है और आमतौर पर यहां लोगों की आवाजाही बनी रहती है.
चश्मदीदों के मुताबिक महिला कुछ देर पुल के किनारे खड़ी रही और फिर अचानक नदी में छलांग लगा दी. हालांकि उस समय कुछ स्थानीय मछुआरे नदी में मछली पकड़ने के लिए मौजूद थे. जिन्होंने महिला को नदी में गिरते देखा. उन्होंने बिना देर किए पानी में छलांग लगाई और महिला को बाहर निकाल लिया. इसके बाद घटना की खबर पुलिस को दी गई.
चांपा थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि लक्ष्मी सूर्यवंशी उम्र 37 निवासी हरदी अमोदा थाना नवागढ़ ने अपने पति धनेश्वर सूर्यवंशी के द्वारा लगातार मारपीट गाली गलौज से प्रताड़ित होने की जानकारी दी है. इन सबसे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। महिला ने यह भी बताया कि वह कई बार इन घटनाओं की शिकायत करना चाहती थी, लेकिन परिवार और समाज के डर से चुप रही/
वह घर से निकलकर पैदल चलते हुए यह पहुंची थीं. यह घटना 11.30 बजे की बताई गई है. स्थानीय मछुआरों ने समय पर रहे हुए महिला को डूबने से बचाया. यह एक सराहनीय पहल है.
घटना की जानकारी नवागढ़ पुलिस को दी गई है. परिजनों के साथ चांपा थाना में आने के बाद सुपर्द किया गया. आगे की कार्यवाही नवागढ़ थाना कर रही है. फिलहाल उसे इलाज के लिए बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की निगरानी में महिला का इलाज चल रहा है. चिकित्सकों का कहना है कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे समय रहते बचा लिया गया.
फिलहाल पुलिस द्वारा महिला के बयान दर्ज किए गए हैं और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है. अगर महिला लिखित शिकायत दर्ज कराती है तो पति के खिलाफ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का केस दर्ज किया जाएगा. नवागढ़ थाना प्रभारी से भी संपर्क कर महिला की स्थिति और पति के खिलाफ अब तक की शिकायतों की जानकारी ली जा रही है. अगर पति पर पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है. तो इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी.
यह घटना एक बार फिर से घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को सामने लाती है. महिला ने अगर समय रहते अपनी हालत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या संस्था को बताई होती तो शायद यह हालत टल सकती थी. समाज में अभी भी ऐसे मामलों को लेकर चुप्पी और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते महिलाएं खुद को अकेला और कमजोर महसूस करती हैं.
इस घटना ने फिर साबित किया है कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं समय पर मदद नहीं मिलने के कारण चरम कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं. प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसी पीड़ित महिलाओं को समय रहते सहायता और परामर्श मुहैया कराएं. सरकारी हेल्पलाइन, महिला आयोग, और सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिए, जिससे पीड़ित महिला को न्याय और सुरक्षा दोनों मिल सके.
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