नौकरी के बहाने ले जाकर MP में दो लाख में बेची दो लड़कियां, एक की कर दी शादी, दोनों युवतियों को बेचने वाली महिला और खरीदार गिरफ्तार

Two girls were taken to Madhya Pradesh on the pretext of a job and sold for Rs 2 lakh, one of them was married off. The woman who sold them and the buyer were arrested.

नौकरी के बहाने ले जाकर MP में दो लाख में बेची दो लड़कियां, एक की कर दी शादी, दोनों युवतियों को बेचने वाली महिला और खरीदार गिरफ्तार

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर पुलिस ने एक युवती की खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. यह कार्रवाई पीड़िता की बहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है. जिसमें युवती को नौकरी दिलाने के बहाने उज्जैन ले जाकर बेचने का आरोप लगाया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिक 19 नवंबर 2025 को पीड़िता की सहेली अलका ने शादी-पार्टी में काम दिलाने का झांसा देकर उसे पत्थलगांव ले जाने की बात कही। लेकिन योजना के तहत वह पीड़िता को मध्यप्रदेश के उज्जैन ले गई. जहां उसे अशोक नाम के व्यक्ति को 2 लाख रुपये में बेच दिया गया. आरोप है कि अशोक ने युवती को अपनी कैद में रखकर जबरन शादी भी कर लिया था.
पीड़िता की बहन द्वारा मामले की जानकारी मिलने पर अंबिकापुर पुलिस ने 26 नवंबर को थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 323/2025 के तहत कई धाराओं 143(2), 187, 3(5) BNS, 140(3), 142, 144(2), 64 2D BNSमें मामला दर्ज किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच शुरु की गई.
इस मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम उज्जैन रवाना हुई. वहां से जांच टीम ने भंवर सिंह के कब्जे से पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया था. पुलिस ने आरोपी भंवर सिंह पिता उमराव सिंह 25 साल और उसके सगे भाई मुकेश सिंह उम्र 32 साल को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा गया था. हालांकि मुख्य आरोपी अशोक परमार और एक अन्य महिला आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार थे. जिनकी तलाश में पुलिस की टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई थी.
5 दिसंबर को पुलिस को मुखबिर से अहम खबर मिली. जिसके आधार पर मणिपुर पुलिस टीम ने उज्जैन में दबिश दी. इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी अशोक परमार उम्र 30 साल पिता चुन्नीलाल परमार निवासी भान बड़ोदिया पोस्ट ताजपुर थाना घटिया, जिला उज्जैन (म.प्र.) और एक अन्य महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया. मामले में पुख्ता सबूत मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
इस कार्रवाई में थाना मणिपुर के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौखी लाल, और आरक्षक सत्येंद्र दुबे की अहम भूमिका रही.
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