बेरोजगार युवाओं से बड़ी धोखाधड़ी, रेलवे में स्थायी नौकरी का झांसा देकर 33.50 लाख की ठगी, पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Unemployed youth were duped of Rs 33.50 lakh on the pretext of a permanent job in the Railways; police arrested three accused.

बेरोजगार युवाओं से बड़ी धोखाधड़ी, रेलवे में स्थायी नौकरी का झांसा देकर 33.50 लाख की ठगी, पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार

दुर्ग : बेरोजगार युवाओं को भारतीय रेलवे के माल गोदाम में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ऑपरेशन विश्वास के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों से 33,50,000 रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा मामला उजागर किया है. आरोपियों द्वारा अब तक 32 लोगों से भारी रकम लेकर नौकरी लगाने का झूठा वादा किया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिकउतई थाना क्षेत्रकी प्रार्थीया रीति देशलहरा ने 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी बिशेश्वर मारकंडे उर्फ बिसेसर उर्फ गुप्ता, जो उसके दिवंगत पति का पुराना परिचित था. उसने वर्ष 2022 में नवरात्रि के दौरान उनके घर आकर रेलवे माल गोदाम में स्थायी नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया. उसने दावा किया कि वह वहां का "लीडर" है और बेरोजगार युवाओं को ढाई लाख रुपये प्रति व्यक्ति लेकर तीन महीने के भीतर नौकरी लगवा देगा.
बिशेश्वर ने अपने सहयोगियों प्रमोद मारकंडे उर्फ राहुल और हेमंत कुमार साहू के साथ मिलकर दिसंबर 2022 से अप्रैल 2023 के बीच कुल 28 युवकों से 33.50 लाख रुपये वसूल लिया. लेकिन तय समय बीतने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली और न ही आरोपियों ने पैसा लौटाया. लगातार मांग करने पर वे पीड़ितों को गुमराह करते रहे.
पुलिस जांच में सामने आया कि हेमंत कुमार साहू रेलवे माल गोदाम श्रमिक संगठन का सचिव था. बेरोजगार युवकों को नौकरी का लालच देकर पैसे लेता था और बिशेश्वर को कमीशन देता था. रकम का उपयोग आरोपियों ने वाहन खरीदने, घर बनाने और व्यक्तिगत खर्चों में किया. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान 2,22,000 रुपये नगद, दो कार, एक इलेक्ट्रिक स्कूटी, चार मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं. तीनों आरोपियों को 21 नवंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया.
इस कार्रवाई में निरीक्षक महेश ध्रुव, उपनिरीक्षक प्रमोद सिन्हा, सउनि सुरेश पांडे, आरक्षक राजीव दुबे, महेश यादव, ध्रुव नारायण चंद्राकर और दिलीप सिदार की अहम भूमिका रही. पुलिस ने मामला धारा 420, 120बी और 34 भादवि के तहत दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है. प्रशासन ने चेतावनी दी कि नौकरी लगवाने के नाम पर किसी भी तरह की निजी लेन-देन से सावधान रहें और ऐसी जानकारी फौरन पुलिस को दें.
तीनों आरोपी
बिशेश्वर मारकंडे उर्फ बिसेसर (58 वर्ष)
प्रमोद मारकंडे उर्फ राहुल (23 वर्ष)
दोनों निवासी: ग्राम चारभाटा, थाना रानीतराई, दुर्ग
हेमंत कुमार साहू (37 वर्ष) निवासी: सरोना चौक, आमानाका, रायपुर
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t