आशुतोष चैतन्य महाराज की गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट में भारी विवाद, दो पक्षों में जबरदस्त मारपीट, अदालत का गेट बंद करने का प्रयास

A huge dispute erupted in the court during the arrest of Ashutosh Chaitanya Maharaj, with two sides fighting and attempting to close the court gates.

आशुतोष चैतन्य महाराज की गिरफ्तारी के दौरान कोर्ट में भारी विवाद, दो पक्षों में जबरदस्त मारपीट, अदालत का गेट बंद करने का प्रयास

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के बयान पर शुरु हुआ विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है. शुक्रवार और शनिवार को हालत और खराब हो गई. शनिवार 15 नवंबर को पुलिस ने आशुतोष चैतन्य को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया. इसी दौरान कोर्ट परिसर के बाहर माहौल अचानक गरम हो गया. 
अपर सत्र न्यायाधीश (ऐट्रोसिटी) लवकेश बघेल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. जहां पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं का उल्लेख करते हुए रिमांड की मांग की. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का मुआयना करने के बाद महाराज को जेल भेजने का आदेश दिया.
आक्रोशित लोगों ने थाने पहुंचकर कड़ी कार्रवाई की मांग की. जिसके बाद पुलिस ने तत्काल गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई की. महाराज को जब जिला कोर्ट में पेश किया गया. तभी समर्थक और विरोधी पक्ष आमने-सामने आ गए. पहले बहसबाजी हुई. फिर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से जमकर मारपीट और गाली गलौज तक हुई. कुछ लोगों ने तो गुस्से में जिला कोर्ट का मुख्य गेट बंद करने तक का प्रयास किया. जिससे अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. गेट बंद होते ही माहौल और उग्र होने लगा. लेकिन मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप करते हुए किसी तरह भीड़ को कंट्रोल किया.
इस दौरान कई लोगों को हल्की चोट लगी है. कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की मांग भी की जा रही है. वही पूरे मामले में कोर्ट परिसर के अंदर हुई मारपीट और गाली गलौज की घटना से वकीलों में भी आक्रोश देखा गया है और उन्होंने इस मामले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कोर्ट परिसर में की गई इस बवाल में चिन्हित लोगों की पहचान कर कार्यवाही की मांग की है.
पुलिस ने साफ कहा है कि कोर्ट परिसर में मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने साथ ही लोगों से अपील किया कि वे शांति बनाए रखें. अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था में मदद करें.
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि न्यायालय परिसर या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आशुतोष चैतन्य 2 दिन की न्यायिक रिमांड में हैं और मामले की जांच जारी है. बिलासपुर में यह मामला अब सिर्फ एक विवादित वीडियो का मुद्दा नहीं रह गया है. बल्कि समुदाय की भावनाओं, कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन का बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है.
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