आंगनबाड़ी कर्मियों ने छोड़ा काम, सड़क पर उतरीं हजारों महिलाएं, नियमितीकरण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाल CM के नाम सौपा ज्ञापन

Anganwadi workers have stopped work, with thousands of women taking to the streets; they held a rally to press for a six-point list of demands—including the regularization of their jobs—and submitted a memorandum addressed to the Chief Minister.

आंगनबाड़ी कर्मियों ने छोड़ा काम, सड़क पर उतरीं हजारों महिलाएं, नियमितीकरण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाल CM के नाम सौपा ज्ञापन

कोरबा/चारामा/सुकमा/ जशपुर : छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच ने प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की है. इस बारे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया है.
संयुक्त मंच ने ज्ञापन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की कई योजनाओं के संचालन और केंद्रों के नियमित संचालन में अहम भूमिका निभाती हैं. इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और पर्याप्त मानदेय से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है. मंच का कहना है कि विभागीय जिम्मेदारियों के अतिरिक्त अन्य कार्यों का भार मिलने से नियमित कामकाज भी प्रभावित होता है.
प्रमुख मांगेंः-
नियमितीकरण और मानदेय में वृद्धिः- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की गई है. नियमितीकरण होने तक श्रम कानूनों के अनुरूप कार्यकर्ताओं को 30,000 और सहायिकाओं को 25,500 प्रतिमाह मानदेय देने की मांग रखी गई है.
पदोन्नति का अवसरः- कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत करने की मांग की गई है. इसके लिए उम्र संबंधी बाध्यता समाप्त करने की बात भी कही गई है.
सामाजिक सुरक्षा सुविधाएंः- कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को समूह बीमा, पेंशन, ग्रेच्युटी तथा भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है. 
मृत्यु और सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सहायताः- आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में तत्काल अनुकंपा नियुक्ति देने तथा सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ताओं को 5 लाख और सहायिकाओं को 3 लाख की राशि तत्काल प्रदान करने की मांग की गई है.
प्रतिवर्ष मानदेय वृद्धिः- मध्यप्रदेश की तर्ज पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में प्रतिवर्ष 1,000 की वृद्धि करने की मांग की गई है.
संयुक्त मंच ने शासन से सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निराकरण करने की अपील की है. मंच का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उचित मानदेय, सामाजिक सुरक्षा तथा बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलने से वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी.
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, छत्तीसगढ़ महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका कल्याण संघ, प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ, संघर्षशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका यूनियन तथा सशक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ से जुड़ी प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का उल्लेख किया गया है. कोरबा जिले की तरफ से भी इन मांगों के निराकरण की अपेक्षा जताई गई है.
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चारामा : छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ ब्लॉक शाखा चारामा के बैनर तले मंगलवार, 27 अक्टूबर को जनपद पंचायत कार्यालय चारामा के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. ब्लॉक अध्यक्ष हेमलता नायक के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई. प्रदर्शन के बाद रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचीं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम तहसीलदार चारामा सत्येंद्र शुक्ल को ज्ञापन सौंपा.
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जशपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन के बाद प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है.
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सुकमा जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सुकमा : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सुकमा जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी मांगे रखी. यह ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विभागीय सचिव के नाम सौंपा गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समस्या का समाधान करने की मांग रखी.
संघ की मीडिया प्रभारी निशा सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से नियमितीकरण की मांग उठाती रही हैं. उनका कहना है कि कई साल से विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. सरकार की तरफ से अब तक ठोस फैसला नहीं होने की वजह से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगे नहीं पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है. तो नवंबर या दिसंबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने स्पष्ट किया सरकार उनकी मांगों पर उचित फैसला करें. अब देखना होगा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की मांगों पर शासन की तरफ से क्या पहल की जाती है.
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