आयुष्मान योजना बंद होने वाली!, 21 क्विंटल के आधार पर खरीदी नहीं हो रही, मिलीभगत कर मतदाता सूची में छेड़छाड़ -विकास उपाध्याय

Ayushman scheme to be closed purchases are not being made on the basis of 21 quintals voter list is being tampered with collusion Vikas Upadhyay

आयुष्मान योजना बंद होने वाली!, 21 क्विंटल के आधार पर खरीदी नहीं हो रही, मिलीभगत कर मतदाता सूची में छेड़छाड़ -विकास उपाध्याय

सरकार की लापरवाही के कारण आयुष्मान योजना बंद होने वाली

रायपुर : सरकार की लापरवाही की वजह से आयुष्मान योजना बंद होने वाली है. प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों का भाजपा सरकार 1500 करोड़ से ज्यादा का भुगतान रोककर रखी है. जिसकी वजह से प्राइवेट अस्पताल वाले आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का इलाज बंद करने की चेतावनी कई बार दे चुके हैं. बकाया भुगतान करने की अस्पतालों ने अंतिम चेतवानी भी सरकार को दिया है. उसके बाद भी सरकार अस्पतालों का भुगतान नहीं कर रही है. अगर प्राइवेट अस्पतालों ने गरीबों का इलाज बंद कर दिया तो गरीब वर्ग के लोग मुश्किल में पड़ जायेंगे. कई ऐसी बीमारियां है जिनका इलाज प्राइवेट अस्पतालों में ही होता है. साथ ही सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों का इलाज हो भी नहीं सकता. इसलिए सरकार इस मामले में जल्द फैसला ले.

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर विकसित किया था. सभी जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल के तौर पर विकसित किया था. ब्लॉक के अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं विकसित की थी. ज्यादातर जिला अस्पताल में डायलिसिस और क्रिटिकल केयर यूनिट शुरु किए गए थे. 25 लाख तक की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना छत्तीसगढ़ में संचालित थी.
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में 4000 से ज्यादा नियमित पदों पर डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी की भर्तियां की. मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना, हाट बाजार क्लिनिक, मोहल्ला क्लीनिक, दाई दीदी क्लिनिक, हमर अस्पताल और हमर लैब स्थापित किया था. लेकिन अब सरकार बदलते ही विगत 11 महीनों के भीतर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो चुकी है.
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी के मेकाहारा से लेकर उपस्वास्थ्य केंद्र तक स्वास्थ्य सुविधायें भगवान भरोसे है. भाजपा सरकार की दुर्भावना, उपेक्षा और निकम्मेपन के चलते हैं.
मामूली बीमारी से बड़ी तादाद में लोग बे-मौत मरने मजबूर हैं. पीलिया, मलेरिया, डायरिया से रोज मौत हो रही है. सुकमा के गोगुंडा गांव में 15 दिनों में 10 आदिवासियों की मलेरिया से मौत हो गयी है. मौसमी बीमारियों से रोकथाम के उपाय बंद होने की वजह से पिछले 11 महीनों में ही प्रदेश में मलेरिया संक्रमण दर 8 गुना बढ़ गई है. हमर अस्पताल, हाट बाजार क्लीनिक, मोहल्ला क्लीनिक, शहरी स्लम चिकित्सक सेवा कार्यक्रम बाधित है. बड़े ऑपरेशन तो दूर, मामूली इलाज़ के लिए जनता भटक रही है.
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मिलीभगत कर मतदाता सूची में छेड़छाड़ - विकास उपाध्याय

रायपुर : पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के ऊपर निशाना साधते हुए कहा है कि आने वाले नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से घबराई हुई है कि छत्तीसगढ़ की जनता इन्हें नकार न दे. क्योंकि पिछले 11 महीने की सरकार में इनकी जो कार्यप्रणाली रही है इससे जनता पूरी तरह नाखुश है. और जनता के मन में अपराध को लेकर एक भय का वातावरण बना हुआ है. इसीलिए बीजेपी के नेता अधिकारियों से मिलीभगत कर मतदाता सूची में छेड़छाड़ कर रहे हैं.
वर्तमान में रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों का परिसीमन किया गया है. जिसकी मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है. मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद लिस्ट का अवलोकन करने के बाद पता चला कि कई वार्डों में वार्ड में रह रहे मतदाताओं को प्रायोजित तरीके से दूसरे वार्डों में जोड़ दिया गया है.
जैसे कि पं. सुंदर लाल शर्मा वार्ड क्र.42 के बूथ क्र. 179 के करीब 300-400 मतदाताओं को वामनराव लाखे वार्ड क्र.66 में जोड़ दिया गया है. वहीं महामाया मंदिर वार्ड क्र.65 के बूथ क्र. 144 के करीब 700 मतदाताओं को महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड में जोड़ दिया गया है. ठीक इसी तरह पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्र.41 में भी छेड़छाड़ के बाद पं. ईश्वरीचरण शुक्ल वार्ड क्र.22 में जोड़ दिया गया है.
उपाध्याय ने कहा कि इसी तरह लगातार हमारे पास शिकायतें आ रही है रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में 100-200 से लेकर 1000 तक के मतदाताओं को कूटरचित ढंग से दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया है. इसलिए कलेक्टर को ज्ञापन के जरिए इससे अवगत कराया गया है और 70 वार्डों में भौतिक सत्यापन कर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किये जाने की मांग की गई है. अगर मतदाता सूची को दुरुस्त नहीं किया जाता है ऐसी हालत में नगरीय प्रशासन मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा.
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सरकार 21 क्विंटल के आधार पर खरीदी नहीं कर रही -दीपक बैज

रायपुर : सरकार किसानों का 21 क्विंटल धान की खरीदी नहीं करना चाह रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में सोसायटी वार जो अनावरी रिपोर्ट बनाया गया उसमें 75 प्रतिशत से ज्यादा क्षेत्रों में अनावरी रिपोर्ट षड़यंत्रपूर्वक 21 क्विंटल से कम 9, 10, 14, 16 क्विंटल बनवाया गया है.
खरीदी अनावरी रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है. कम खरीदी करने के बाद झूठा दावा किया जा रहा कि पूरा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी हो रही है. सरकार प्रदेश के सभी जिलों की अनावरी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दे. सच्चाई सामने आ जाएगी.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि टोकन काटने के बाद भी किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं. क्योंकि टोकन कटने की तारीख से 3 से 7 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है. ऑनलाइन 15 दिसंबर तक टोकन नहीं मिल रहा है. सोसाइटियों को निर्देश है कि एक दिन में अधिकतम 752 क्विंटल यानी 1880 कट्टा धान ही खरीदा जाना है. ऐसे में एक किसान का शेष धान के लिये उसको आगामी दिनों की तारीख दी जा रही है. सरकार भले ही घोषणा कर रही है. पूरा धान खरीदेंगे. लेकिन जिस रफ्तार से खरीदी हो रही उससे किसान चिंतित है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था, बारदानों की कमी तथा टोकन के लिये सरकार द्वारा जारी किये गये निर्देशों और मीलरों द्वारा धान का उठाव नहीं करने की वजह किसान परेशान है. समितियों में बारदाने की कमी है. सरकार ने कहा है कि 50% नये 50% पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50% पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है. जिसकी वजह से धान खरीदी बाधित हो रही है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार धान खरीदी सुचारु रुप से चलाने का झूठा दावा कर रही है. सरकार किसानों को और समस्या उठाने वालों को धमकाने के बजाय कमियां दुरूस्त करें. धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था और सरकार द्वारा जारी फरमान की वजह से किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है. सरकार के द्वारा 14 नवंबर से 31 जनवरी तक कुल 75 दिन के अंदर धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित है. इसमें से 30 दिनों करीब एक महिना से ज्यादा छुट्टी है. यानि करीब 45 दिन ही सरकार धान खरीदी करेगी. सिर्फ 45 दिनों में 30 लाख से ज्यादा किसानों के धान की खरीदी संभव नही है. रोजाना 3.5 लाख से 4 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी. तभी निर्धारित लक्ष्य 160 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो पाएगी.
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भाजपा की विफलता पर ध्यान देते हुए कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में होगा संविधान रक्षक अभियान

रायपुर : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा भारतीय संविधान की रक्षा के लिए 26 नवंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक साथ दिवस का राष्ट्रीय व्यापी संविधान रक्षक अभियान का शुभारंभ 26 नवंबर 2024 को किया गया है. जिसके तहत प्रथम चरण में संविधान और समानता की लड़ाई विषय पर प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 2 से 10 दिसंबर 2024 तक कार्यक्रम आयोजित किया जाना है. इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिलेवार कार्यक्रम प्रभारी नियुक्ति किया गया है. जिसकी सूची पत्र के साथ संलग्न है.
इस कार्यक्रम के जरिए भारत में असमानता और इसे संबोधित करने में भाजपा की विफलता पर ध्यान देते हुए एससी एसटी ओबीसी अल्पसंख्यक गैर- अधिसूचित, जनजातीय महिलाओं बुजुर्गों और युवाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ हाशिए पर रहने वाले समुदायों की स्थिति खराब करने वाली नीतियों को आम जनता के बीच उजागर किया जाना है.
कार्यक्रम प्रभारी से आवश्यक संपर्क एवं समन्वय स्थापित करते हुए 2 से 10 दिसंबर 2024 के मध्य प्रभारी की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन करें और कार्यक्रम के बाद विस्तृत प्रतिवेदन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अवगत कराया जाना है.
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