भूमि पूजन कार्यक्रम में मंच पर बैठे कृषि मंत्री रामविचार नेताम और विधायक के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा, धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल

A video of BJP workers creating a ruckus and shoving in front of Agriculture Minister Ramvichar Netam and the MLA sitting on the stage during the groundbreaking ceremony has gone viral.

भूमि पूजन कार्यक्रम में मंच पर बैठे कृषि मंत्री रामविचार नेताम और विधायक के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा, धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से एक मामला सामने आ रहा है. प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के धोंधा गांव में आयोजित कृषि महाविद्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया. मंच पर मौजूद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में मंत्री रामविचार नेताम मौजूद थे. उनके सामने हुई इस घटना ने कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिया. और मौके पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया.
मंच पर शुरु हुई तीखी नोंकझोंक
सरकारी कार्यक्रम में विकास की बात होनी थी. लेकिन BJP की अंदरुनी गुटबाजी ने पूरे आयोजन को रणक्षेत्र बना दिया. कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मुकेश तायल और अनुप गुप्ता के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरु हो गई. शुरुआत में यह सामान्य नोंकझोंक लग रही थी. लेकिन कुछ ही मिनटों में विवाद ने उग्र रुप ले लिया.
समर्थकों की नारेबाजी से बढ़ा तनाव
दोनों नेताओं के समर्थक भी एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. जिससे मंच और कार्यक्रम स्थल का माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालात धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होते चले गए और आयोजकों के लिए हालात संभालना मुश्किल होने लगा.
धक्का-मुक्की से मारपीट तक पहुंचा विवाद
देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरु हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया. मंच पर लात-घूंसे चले. जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. अचानक हुए इस हंगामे से कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया.
मंत्री की मौजूदगी में मचा हंगामा
घटना के समय मंत्री रामविचार नेताम और और प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह मंच पर मौजूद थे. उनके सामने हुए इस विवाद ने सभी को असहज कर दिया. बताया जा रहा है कि मंत्री ने शांति बनाए रखने और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने की अपील की.
बीच-बचाव कर शांत कराई गई स्थिति
आयोजकों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया. काफी मशक्कत के बाद हालातपरकंट्रोल पाया जा सका और कार्यक्रम को फिर से व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
पार्टी अनुशासन पर उठे सवाल
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं. भूमि पूजन जैसे धार्मिक और सामाजिक महत्व के कार्यक्रम में हुई मारपीट ने कार्यकर्ताओं के व्यवहार और अनुशासन पर सवालिया निशान लगा दिया है.
फिलहाल घटना को लेकर पार्टी की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. स्थानीय स्तर पर हालात सामान्य बनाने की कोशिश जारी है. अब नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं.
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच पहले से राजनीतिक मतभेद चल रहे थे. जो सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गए. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
सवाल यह है कि जब मंच पर ही BJP नेता एक-दूसरे को पीटने पर उतारू हैं, तो जनता की समस्याओं पर ध्यान कौन देगा? इस घटना ने साफ कर दिया है कि भाजपा के भीतर की गुटबाजी अब बंद कमरों से निकलकर सार्वजनिक मंचों तक पहुंच चुकी है. सूरजपुर की सियासत में इस बवाल के बाद राजनीतिक भूचाल आना तय माना जा रहा है. अब देखना होगा कि पार्टी संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या संबंधित नेताओं के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं.
पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालात कंट्रोल में है और मामले की जानकारी ली जा रही है. अगर किसी पक्ष द्वारा लिखित शिकायत दी जाती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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