सीबीआई चार्जशीट में बड़ा खुलासा, बिरनपुर मामले में भाजपा ने खेला था सांप्रदायिक और जातीय कार्ड, कांग्रेस बोली- अरुण साव मांगे माफी
CBI chargesheet reveals major allegation that BJP played communal and caste card in Biranpur case, Congress demands apology from Arun Sao
गरियाबंद : बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट के तथ्यों से यह साफ हो गया कि यह घटना किसी राजनैतिक साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि दो बच्चों के आपसी झगड़े से शुरु होकर दो परिवारों और फिर दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गई थी.
सीबीआई जांच से यह भी सामने आया है कि उस समय भाजपा ने इस मामूली घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की. भाजपा सरकार ने ही सीबीआई जांच के बिंदु तय किए थे. ताकि जांच की दिशा राजनीतिक सच्चाई तक न पहुंचे.
चार्जशीट के मुताबिक भाजपा ने तत्कालीनकांग्रेस सरकार पर जो आरोप लगाए थे. वे पूरी तरह झूठे और भ्रामक थे. भाजपा की मंशा थी कि इस घटना को धार्मिक और जातीय रुप देकर चुनावी सहानुभूति बटोरी जाए.
सीबीआई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने घटना स्थल पर पहुंचकर भड़काऊ भाषण दिए थे. और घटना को सांप्रदायिक रुप देने का प्रयास किया. उनके पहुंचने के बाद ही इलाके में आगजनी हुई थी. भाजपा ने मृतक भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को टिकट देकर सहानुभूति की लहर भुनाने की राजनीतिक चाल चली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपनी चुनावी सभाओं में इस घटना को धार्मिक विवाद से जोड़कर प्रस्तुत किया था. वहीं सीबीआई की रिपोर्ट ने यह भी साबित कर दिया कि उस समय कांग्रेस सरकार की कार्रवाई पूरी तरह सही थी. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वे जांच में दोषी पाए गए. भाजपा द्वारा लगाए गए तुष्टिकरण के आरोप मनगढ़ंत और भ्रामक थे.
चार्जशीट में यह भी साफ हुआ कि ईश्वर साहू द्वारा जिस अंजोर यदु पर आरोप लगाया गया था. उसका सीबीआई की रिपोर्ट में कोई उल्लेख नहीं है. जिससे यह साफ होता है कि भाजपा ने झूठे आरोपों के माध्यम से समाज में ध्रुवीकरण करने की साजिश रची.
इसी मामले को लेकर फिंगेश्वर के विश्रामगृह में कांग्रेस की प्रेस वार्ता आयोजित की गई. जिसमें पूर्व ससदीय सचिव एवं पूर्व महासमुंद विधायक डॉ. विनोद चंद्राकर मौजूद रहे. इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी तादाद में पत्रकार भी मौजूद रहे.
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक चंद्राकर ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर जो आरोप लगाए थे. वे मिथ्या और भ्रामक थे. उस समय के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने जो भड़काऊ भाषण दिया था. उसी से माहौल बिगड़ा था. अब जब सीबीआई की चार्जशीट ने सच्चाई उजागर कर दी है. तो उप मुख्यमंत्री अरुण साव को जनता से माफी मांगनी चाहिए.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट ने भाजपा का “काला चेहरा” उजागर कर दिया है. उन्होंने मांग किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी अपने गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयानों के लिए छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगें..
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कांकेर : स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में धमतरी विधायक ओंकार साहू ने कहा कि सीबीआई द्वारा बिरनपुर हत्याकांड एवं सांप्रदायिक हिंसा मामले में दाखिल चार्जशीट से भाजपा की साजिश का पर्दाफाश हो गया. इस चार्जशीट ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा ने उस समय इस संवेदनशील घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की थी.
सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ कहा है कि यह पूरी घटना दो बच्चों के आपसी झगड़े से शुरू होकर दो परिवारों तक सीमित थी । जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस घटना में कोई राजनीतिक षड्यंत्र या पूर्व नियोजित योजना शामिल नहीं थी। यह एक स्थानीय विवाद था, जिसे भाजपा ने जानबूझकर राजनीतिक हथियार बना दिया.
विधायक साहू ने कहा कि भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच के जो बिंदु तय किए थे. वे पहले से ही पक्षपातपूर्ण थे. अगर सीबीआई को राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की जांच की अनुमति दी जाती. तो भाजपा का चेहरा पूरी तरह उजागर हो जाता. भाजपा ने जांच के दायरे को सीमित रखकर अपनी भूमिका छिपाने का प्रयास किया.
चार्जशीट में दर्ज तथ्यों से साफ है कि भाजपा द्वारा तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और भ्रामक थे. भाजपा ने उस समय जानबूझकर समाज में वैमनस्य फैलाने, ध्रुवीकरण करने और चुनावी लाभ पाने के लिए इस घटना का दुरुपयोग किया.
तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिरनपुर पहुंचकर स्थिति को भड़काने का कार्य किया था. उनके वहां पहुंचने के बाद आगजनी की घटनाएं हुईं और उन्होंने भड़काऊ भाषण देकर माहौल को और अधिक विषाक्त बनाया. भाजपा ने इस घटना को पूरे प्रदेश में सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक ने अपनी चुनावी सभाओं में इस मामले को धर्म और जाति के चश्मे से प्रस्तुत किया, जिससे समाज में तनाव बढ़ा.
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि भाजपा ने मृतक भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को टिकट देकर सहानुभूति की राजनीति की और जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया. सीबीआई की जांच से यह भी साफ हो गया है कि कांग्रेस सरकार द्वारा घटना के बाद जिन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी, वह पूरी तरह उचित थी.
ईश्वर साहू द्वारा जिस व्यक्ति अंजोर यदु पर आरोप लगाए गए थे, उसे भी सीबीआई ने निर्दोष पाया है. चार्जशीट में उसका कोई उल्लेख नहीं है. इससे यह सिद्ध होता है कि भाजपा ने झूठे आरोपों और भ्रम फैलाने की साजिश रची थी
विधायक साहू ने कहा कि भाजपा के इस षड्यंत्र का न सिर्फ कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हुआ. बल्कि समाज की एकता को भी भारी क्षति पहुँची। अब जबकि सीबीआई की चार्जशीट ने सच्चाई उजागर कर दी है. भाजपा नेतृत्व को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए.
विधायक साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदा न्याय, शांति और सौहार्द की पक्षधर रही है और आगे भी रहेगी. भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को कांग्रेस पूरी ताकत से बेनकाब करती रहेगी. मौके पर कांकेर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सौहाद्र सलाम, कांकेर के छाया संसद बिरेस ठाकुर साथ में कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे.
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बिलासपुर: बिरनपुर हिंसा और हत्याकांड में जब सीबीआई की चार्जशीट ने सभी खुलासे कर दिए है. मुंगेली में पत्रकार वार्ता लेते हुए बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने बताया कि किस तरह से बीजेपी का काला चेहरा उजागर हो चुका है और दो बच्चों की लड़ाई और फिर वो दो परिवारों की लड़ाई बनी और फिर उसको दो समुदाय की लड़ाई बना दिया गया और सीबीआई ने खुलासा किया कि इस लड़ाई में किसी तरह का राजनीतिक षड्यंत्र नहीं था,बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में डिप्टी सीएम अरुण साव ने और उनके नेताओं ने किस प्रकार से बिरनपुर हत्याकांड को राजनीतिक रुप दिया और विधानसभा चुनाव में इसको मुद्दा बनाया और ग़लत तरीक़े से प्रदेश की जनता के सामने लाया गया.
बीजेपी का चेहरा उजागर सीबीआई की रिपोर्ट ने कर दिया है और आज ये साफ़ हो गया है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार की कार्यवाही निष्पक्ष थी और कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया. कांग्रेस पार्टी बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष और वर्तमान डिप्टी सीएम अरुण साव से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांग करती है और उनसे ये अपेक्षा करती है कि जनता के सामने जो उन्होंने और उनके पार्टी के वरिष्ठ और सभी नेताओं ने जो झूठ परोसा था उसके लिए प्रदेश की जनता से माफ़ी भी मांगे.
उन्होंने कहा बीजेपी जब भी चुनाव आता है तो वर्ग विशेष को टारगेट करके वोटो का ध्रुवीकरण करती आई है और बीरानपुर हत्याकांड को भी बीजेपी ने सप्रदायिक रुप दिया और उस आग को भड़काया जिससे उनको वर्ग विशेष का वोट मिल सके. जबकि तक्कालीन सरकार की कार्यवाही निष्पक्ष थी. ख़ुद बीजेपी की सरकार ने सीबीआई की जाँच की घोषणा विधानसभा में किया था और उनकी ही सरकार की जाँच ने इस घटना से पर्दा हटाया और खुलासा किया.
बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने इस बात को साफ किया. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर इस पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया. और इसमें मुंगेली के प्रभारी आलोक सिंह, ज़िला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा और नगर अध्यक्ष रोहित शुक्ला, हेमेन्द्र गोस्वामी, श्याम जायसवाल, उर्मिला यादव,दिलीप बंजारे,अरविंद वैष्णव,स्वतंत्र मिश्रा और अन्य कांग्रेस जन उपस्थित थे. पत्रकार वार्ता में स्वागत भाषण जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने किया और आभार शहर अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्र ने किया.
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