पढ़ नहीं पाई, लड़खड़ा गई महापौर, भारी अव्यवस्था के बीच नव निर्वाचित मेयर ने लिया दो बार शपथ, पार्षदों को समझाते रहे कलेक्टर, उठ रहे सवाल

Couldn't read, mayor staggered, newly elected mayor took oath twice amidst huge chaos, collector kept explaining to councilors, questions are being raised

पढ़ नहीं पाई, लड़खड़ा गई महापौर, भारी अव्यवस्था के बीच नव निर्वाचित मेयर ने लिया दो बार शपथ, पार्षदों को समझाते रहे कलेक्टर, उठ रहे सवाल

बिलासपुर : बिलासपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर और पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को मुंगेली नाका चौक के मैदान में अव्यवस्था और फजीहत के बीच संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मेयर द्वारा शपथ लेते समय ‘सम्प्रभुता’ की जगह ‘साम्प्रदायिकता’ बोल देना सबसे बड़ा मजाक बन गया. इस गलती से पूरे माहौल में मेयर का मजाक बन गया और अधिकारियों को मेयर को दोबारा शपथ दिलानी पड़ी. हालांकि दूसरी बार भी मेयर हड़बड़ा गई. जिससे उनकी तैयारी और गंभीरता पर सवाल उठने लगे. 
मेयर ने ऐसी हिंदी पढ़ी जिसमें हड़बड़ाहट दिखाई दी तथा – तथा – तथा कई बार उच्चारण किया उनके हाव भाव भी घबराए हुए नजर आए.
पार्षदों की हंसी और कलेक्टर की मजबूरी 
शपथ समारोह में पार्षदों ने भी अजीबोगरीब हरकतें कीं. जब पार्षदों से उनकी आय और शैक्षणिक योग्यता पढ़ने को कहा गया. तो कई पार्षदों ने गलत उच्चारण किया. इस पर मौजूद लोगों के ठहाके लग गए. हालात यह बन गए कि कलेक्टर को उन्हें इमला बोलकर शपथ दोहराने के लिए कहना पड़ा. यह नजारा देखकर लोगों ने नगर निगम के नेताओं की क्षमता पर सवाल उठाए. 
पार्षदों को ही रोक दिया गेट पर 
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे पार्षदों को गेट पर ही पुलिस ने रोक दिया. मंच से उद्घोषक द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बाद ही उन्हें अंदर आने दिया गया. यह घटना भी पार्षदों की गंभीरता और समारोह की तैयारी पर सवाल खड़े कर गई. 
भीड़ जुटाने के लिए बुलाए गए सफाई कर्मी और मितानिन 
कार्यक्रम में भीड़ की कमी को देखकर अधिकारी सकते में आ गए. भीड़ बढ़ाने के लिए उन्होंने आनन-फानन में सफाई कर्मियों और मितानिनों को बुलवाया. यह कदम समारोह की गंभीरता को और कम करने वाला साबित हुआ. 
10-10 के ग्रुप में दिलाई गई शपथ 
70 वार्डों के पार्षदों को शपथ दिलाने के लिए 10-10 के ग्रुप में मंच पर बुलाया गया. इस प्रक्रिया में काफी समय लगा और लोगों में असंतोष फैल गया. 
हो न हो यह शपथ ग्रहण समारोह नगर निगम के नेतृत्व की कमजोर तैयारी और गंभीरता की कमी को उजागर कर गया. मेयर और पार्षदों की हरकतों ने लोगों के मन में यह सवाल पैदा कर दिया है कि क्या यही लोग शहर का विकास कर पाएंगे? अब यह देखना होगा कि नगर निगम की यह नई टीम अपनी छवि सुधारने और शहर की जिम्मेदारी को बखूबी निभाने में कितनी कामयाब होती है.
दरअसल शपथ लेते वक्त महापौर को कहना था कि मैं भारत की प्रभुता और अखंडता को अक्षुण्य रखूंगी. लेकिन पूजा विधानी ने शपथ लेते हुए सांप्रदायिकता कोअक्षुण्य रखूंगी बोल दी...इस पर सब तरफ खुसुर-पुसुर होने लगी.
शपथ कलेक्टर अवनीश शरण दिला रहे थे. मंच पर बैठे अतिथियों को भी शायद यह आश्चर्य लगा इसलिए आनन-फानन में महापौर पूजा विधानी को दुबारा शपथ लेने के लिए कहा गया.
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