Article : दलित दलित एक समान चाहे हिंदू हो या मुसलमान
Article : जैसा कि हम सभी जानते हैं कि 14 और 15 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा ए कौम अली हुसैन आसिम बिहारी का जन्मदिन आ रहा है। गरीबों, मज़लूमों को न्याय दिलाने, जात-पात, ऊंच-नीच और आपसी वैमनस्यता को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले ये दोनों अज़ीम रेहनुमा, देशरत्न लगभग समकालीन हैं।
Article : जैसा कि हम सभी जानते हैं कि 14 और 15 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबा ए कौम अली हुसैन आसिम बिहारी का जन्मदिन आ रहा है। गरीबों, मज़लूमों को न्याय दिलाने, जात-पात, ऊंच-नीच और आपसी वैमनस्यता को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले ये दोनों अज़ीम रेहनुमा, देशरत्न लगभग समकालीन हैं। वहीं उनके जीवन और सेवाओं की बात करें तो दोनों नेताओं के बीच काफी हद तक समानता है। दोनों का जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक एक जैसा रहा है। तो आइए उनके जन्मदिन पर कुछ महत्वपूर्ण बातों का संकल्प करें।
- सबसे पहले तो यह कि दोनों अज़ीम रेहनुमाओं का जन्म दिवस पूरे देश धूमधाम से मनाया जाए और साथ ही लोगों को उनके जीवन के बारे में बताया जाए।
- उनके द्वारा बताई गई बातों को लोगों तक पहुंचाना चाहिए और उनके बताए रास्ते पर चलें ।
- बाबा साहेब द्वारा दिए गए संविधान को बचाना है, तभी हमारी सभ्यता-संस्कृति और हमारी भाषा सुरक्षित रहेगी, हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश सुरक्षित रहेगा।
- दोनों महान नेताओं ने जात-पात को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन आज़ादी के 77 साल बाद भी इसे खत्म नहीं किया जा सका है, आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके अभियान को जारी रखेंगे और समाज से जात-पात को मिटा देंगे। आज भी समाज में हर जगह, हर स्तर पर, हर विभाग में मनुवादी और पूंजीवादी तत्व बैठे हुए हैं और देश को दीमक की तरह बर्बाद कर रहे हैं।
- संविधान के अनुच्छेद 341 (1950 के राष्ट्रपति आदेश) को ख़त्म करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाना चाहिए और जो इसे ख़त्म न करने की बात कहे उसका बहिष्कार करना चाहिए ।
- आने वाले चुनाव में संविधान को बचाते हुए हमें इसकी चिंता करनी है कि मनुवादी और पुंजीवादी तत्व संसद में न जाने पाएं, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, और झूठे, मक्कार और कम पढ़े-लिखे लोगों को भी संसद में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
- इस अवसर पर 14 और 15 अप्रैल को सभी दबे-कुचले लोगों को बाबा साहेब के संविधान को बचाने और देश की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।



