छात्राओं के साथ बैड टच मामले को लिखित शिकायत के बाद भी 12 दिन तक दबाता रहा स्कूल प्रबंधन, जांच के बाद आरोपी टीचर पर FIR

Despite a written complaint, the school management suppressed the indecent touch case for 12 days. After investigation, an FIR was filed against the accused teacher.

छात्राओं के साथ बैड टच मामले को लिखित शिकायत के बाद भी 12 दिन तक दबाता रहा स्कूल प्रबंधन, जांच के बाद आरोपी टीचर पर FIR

जशपुर/पत्थलगांव : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिला जशपुर में निजी विद्यालय की छात्राओं ने शिक्षक पर बैड टच और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है. इस मामले का गंभीर पहलू यह है कि घटना को 12 दिन बीत जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने की पूरी कोशिश की गई. जांच में आरोप सही पाए गए हैं और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक जशपुर जिले के सुरंगपानी और बगीचा के स्कूलों में हाल ही में हुए बैड टच की घटनाओं के बाद अब डीएवी स्कूल पंडरीपानी से ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां छात्राओं ने अपने ही स्कूल के एक शिक्षक पर बैड टच और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है.
लिखित शिकायत के बाद भी प्राचार्य गंभीर नहीं
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना को पूरे 12 दिन बीत चुके और स्कूल प्रबंधन, विशेषकर स्कूल के प्राचार्य राजकुमार, आरोपी शिक्षक के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई से बचते रहे.
बताया जा रहा है कि छात्राओं ने घटना की लिखित शिकायत प्राचार्य से की थी. लेकिन स्कूल की “बदनामी” के डर से उन्होंने मामले को शांत करने और रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की.
छात्राओं ने बताया कि शिक्षक पिछले कई दिनों से उनके साथ अनुचित तरीके से पेश आ रहे थे. शिकायत दर्ज होने के बाद भी स्कूल की तरफ से न तो पुलिस को खबर दी गई और न ही आरोपी शिक्षक को हटाया गया. यह रवैया अभिभावकों में भारी रोष का कारण बन रहा है.
स्थानीय लोग और अभिभावक इस मामले में कहना है कि
आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए
मामले को दबाने की कोशिश में शामिल स्कूल प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई हो
जिले के सभी स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं
क्या स्कूल की छवि बच्चों की इमेज से बड़ी है..?
अभिभावकों का सवाल है कि क्या स्कूल की “इमेज” बच्चियों की “अस्मिता” से बड़ी है? अगर स्कूलों के भीतर ही बेटियां सुरक्षित नहीं, तो माता-पिता उन्हें पढ़ने भेजने में कैसे विश्वास करें?
BEO की जांच में आरोप सही, एफआईआर के निर्देश
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने बताया कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की गई और जांच में आरोप सही पाए गए. इस आधार पर आरोपी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं. अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे.
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