पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में तहसीलदार की धमकी से आक्रोशित छात्राओं का चक्काजाम, वीडियो हुआ वायरल, मैडम- वीडियो एडिट किया गया
Enraged by Tehsildars threat the girl students gathered in the presence of policemen video went viral Madam - Video edited
बिलासपुर : बिलासपुर जिले के पचपेड़ी हायर सेकेंडरी स्कूल और हॉस्टल की समस्याओं को लेकर छात्राओं ने सोमवार को मस्तूरी-पचपेड़ी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया.
इस दौरान समझाइश देने पहुंचीं तहसीलदार माया अंचल लहरे ने छात्राओं को धमकी दे दी कि एक बार लिखकर दूंगी तो सभी जेल चली जाओगी. वही सोशल मीडिया में खबर चलने के बाद मैडम ने इस बात का खण्डन किया है. जिसमे मैडम ने लिखा है की धमकी देने का वीडियो एडिट है. जबकि वीडियो में साफ दिख रहा है कि मैडम गुस्से में चिल्ला चिल्लाकर कह रही है कि लिख दूंगी तो जेल चले जाओगे. वही वीडियो में मैडम के पास खड़ा वर्दीधारी भी कह रहा है कि किससे बात कर रहे मालूम है तुमको?
कई दिनों से छात्राएं समस्याओं से जूझ रही थी. जिनके सब्र की इंतहा खत्म हुई और छात्राएं सड़क पर उतरने मजबूर हुई. जिनका दर्द समझने के बजाए मैडम बच्चों को डराने पहुंच गई. और अब अपने द्वारा कही गई बात को झुठलाते हुए वीडियो को एडिटेड बता रही है. और खबर पर सवाल उठा रही हैं. मैडम को अपने पद की गरिमा का ख्याल रखकर शालीनता दिखानी चाहिए न कि परेसानियो से जूझ रही छात्राओं इस तरह ताव दिखाकर बात करनी चाहिए.
बात दें छात्राओं ने शिक्षक और मैडम पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सड़क पर चक्काजाम किया था. महज आधे घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद चक्काजाम खत्म हो गया. छात्राएं नारेबाजी करती हुईं सड़क पर बैठ गई.
जिसके बाद मस्तूरी-पचपेड़ी मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को समझाइश देने का प्रयास किया. लेकिन वो अव्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग पर अड़ी रहीं.
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में साफ-सफाई और खाने की समस्या है. जिसे दूर करने की बात करने पर मैडम मनमानी करती हैं. स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं हो रही है. शिक्षकों के आने-जाने का कोई समय तय नहीं है. जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है. हॉस्टल में शासन से मिलने वाली सुविधाओं पर भी मैडम ध्यान नहीं देती हैं. बहरहाल बच्चों की शिकायत के बाद अधीक्षिका पर जांच कर उचित कार्यवाही करने की बात कही जा रही है.
इस पूरे मामले में बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके निर्देश पर जिला शिक्षाधिकारी ने अधीक्षिका संगीता टंडन को हटाकर कर उनकी जगह यमुना कान्त की नियुक्ति कर दी है. लेकिन अभी तक तहसीलदार पर किसी तरह की कार्यवाही नही की गई है.
स्कूल और छात्रावास की मौजूदा स्थिति को लेकर छात्राओं का गुस्सा प्रकट करने का यह तरीका प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है. यह मामला प्रशासनिक ढाँचे की समस्याओं और शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को स्पष्ट करता है. छात्राओं का यह आंदोलन अब प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से निभा रहे हैं.
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