क्लास में पढ़ाई की जगह बाल श्रम!, सरकारी स्कूल में नन्हे बच्चों से झाड़ू-कचरा उठवाने का वीडियो वायरल, मचा बवाल, ग्रामीणों ने आक्रोश

Child labor instead of classroom learning! A video of children being forced to sweep and collect garbage in a government school goes viral, sparking uproar and outrage from villagers.

क्लास में पढ़ाई की जगह बाल श्रम!, सरकारी स्कूल में नन्हे बच्चों से झाड़ू-कचरा उठवाने का वीडियो वायरल, मचा बवाल, ग्रामीणों ने आक्रोश

बिलासपुर/कोटा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है. जिसने विभाग के दावों की पोल खोल दी है. कोटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले बानाबेल संकुल की शासकीय प्राथमिक शाला पंडरा पथरा में गुरुजी की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता देखने को मिली.
मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल समय के दौरान सुबह करीब 11:15 बजे जब बच्चों को कक्षाओं में पढ़ाई करनी चाहिए थी. तब उनसे स्कूल परिसर की सफाई कराई जा रही थी. यह सब कुछ शिक्षकों की मौजूदगी में कराया जा रहा था.
इस मामले का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कोटा विकासखंड अंतर्गत बानाबेल संकुल की शासकीय प्राथमिक शाला पंडरा पथरा के पांच मासूम बच्चे बाल्टियों में कचरा भरकर बाहर फेंक रहे हैं. वहीं दो और बच्चे कमरों में झाड़ू लगा रहे हैं. ​नियम के मुताबिक स्कूल परिसर में बच्चों से किसी भी तरह का शारीरिक श्रम या साफ-सफाई कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है. लेकिन यहां के शिक्षकों ने इन नियमों को ताक पर रख दिया.
‘शिक्षा का मंदिर’ कहे जाने वाले स्कूल में बच्चों के साथ हो रहे इस व्यवहार ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जैसे ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. पूरे जिले में हड़कंप मच गया और अभिभावकों सहित ग्रामीणों ने शिक्षकों के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है.
सवाल यह है कि
 क्या शिक्षकों को नियमों की जानकारी नहीं?
 या जानबूझकर बच्चों को मजदूर समझ लिया गया?
शिक्षा का मंदिर अब सफाई अभियान का मैदान बनता जा रहा है. जहां किताबें हाथ में देने की बजाय बच्चों को झाड़ू–बाल्टी थमा दी जा रही है.
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. अभिभावकों और ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों का कहना है कि “अगर यही पढ़ाई है, तो फिर स्कूल और मजदूरी में फर्क क्या रह गया?”
सबसे बड़ा सवाल अब यह है क्या जिम्मेदार शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी? या मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?
यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र की विफलता मानी जाएगी. अब निगाहें टिकी हैं शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर  क्या दोषियों पर गाज गिरेगी?  या वायरल वीडियो भी कुछ दिनों में भुला दिया जाएगा?
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB