राजिम कल्प कुंभ में पहुंचे दशनाम जुना अखाड़े के सैकड़ों साधु-संत भोजन के लिए भटकने हो रहे मजबूर, राशन के नाम पर गिने-चुने पैकेट और खाली तख्त

Hundreds of saints and sages from the Dashnam Juna Akhara who arrived at the Rajim Kalpa Kumbh are forced to wander for food, with only a few ration packets and empty tables.

राजिम कल्प कुंभ में पहुंचे दशनाम जुना अखाड़े के सैकड़ों साधु-संत भोजन के लिए भटकने हो रहे मजबूर, राशन के नाम पर गिने-चुने पैकेट और खाली तख्त

गरियाबंद/राजिम : राजिम कल्प कुंभ में दशनाम जुना अखाड़े के साधु-संतों की बदहाली अब तस्वीरों में साफ दिखाई देने लगी है. शासन के बुलावे पर पहुंचे करीब 300 साधु-संतों के लिए बनाए गए भंडार की हालत यह है कि वहां राशन के नाम पर कुछ गिने-चुने पैकेट और खाली तख्त पड़े हैं.
मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक भंडार में न तो अनाज है, न दाल, न ही नियमित भोजन की कोई व्यवस्था... यही वजह है कि साधु-संतों को दिन भर भोजन के लिए भटकना पड़ रहा है.
अखाड़ा के भोजन व्यवस्था देख रहे भंडारी प्रेम गिरी और ममलेश्वर गिरी ने साफ शब्दों में कहा कि “भोजन कराने लायक राशन ही नहीं दिया गया है.” उन्होंने बताया कि इस गंभीर स्थिति से तहसीलदार को मौके पर बुलाकर अवगत कराया गया. लेकिन जवाब मिला-“इतने साधुओं को कितना राशन लगेगा?”
साधु-संतों का अपमान
साधु-संतों का आरोप है कि प्रशासन की यह सोच अपमानजनक है और इससे यह संदेश जाता है कि कल्प कुंभ जैसे पवित्र आयोजन में उन्हें श्रद्धा नहीं, बल्कि बोझ समझा जा रहा है. साधुओं ने दो टूक कहा कि अगर यही हाल रहा तो यह कल्प कुंभ नहीं, बल्कि शासन की लापरवाही का उदाहरण बनकर रह जाएगा,
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