छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायक के खिलाफ FIR, कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, विशेष धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी का लगा आरोप
FIR against BJP MLA in Chhattisgarh, police filed report on court's direction, accused of making controversial remarks against a particular religion
जशपुरनगर : ईसा मसीह पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में जिला न्यायालय में दर्ज परिवाद की सुनवाई करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार चौहान ने जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ बीएनएस की धारा 196,299 और 302 के अंतर्गत जुर्म दर्ज करने का निर्देश दिया है. कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 299 और 302 के तहत एफआईआर करते हुए मामला दर्ज कर लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक 1 सितंबर को आस्ता थाना क्षेत्र के ढेगनी गांव में भुइहर समाज के सामाजिक भवन के लोकार्पण के दौरान विवादित टिप्पणी करने का आरोप विधायक रायमुनि भगत पर धर्मांतरित लोगों ने लगाया था.
आरोप है कि कार्यक्रम को संबाेधित करने के विधायक भगत ने ईसा महीह पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर ईसा मसीह मरने के बाद जीवित हो सकते हैं तो धर्मांतरितों को कब्रिस्तान की जरुरत क्यों पड़ती है. इस बयान को ईसा मसीह का अपमान बताते हुए धर्मांतरितों ने जिले के सभी थाना और चौकी में विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था.
पुलिस ने मामले की जांच के बाद विधायक के बयान को गैर-विवादित मानते हुए हस्तक्षेप से इंकार करते हुए शिकायकर्ताओं को अदालत जाने की सलाह दी थी.
ढेगनी निवासी हेरमोन कुजूर पिता मार्टिन कुजूर ने 10 दिसंबर 2024 को जिला न्यायालय में केस दायर किया. सुनवाई के दौरान परिवादी के अधिवक्ता विष्णु कुलदीप ने 6 प्रत्यक्षदर्शियोa का बयान दर्ज कराने के साथ वीडियो फुटेज अदालत के सामने पेश कर दिया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने परिवादी हैरमोन के आरोप को सुनवाई योग्य मानते हुए विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ जुर्म दर्ज करते हुए 10 जनवरी को न्यायलय में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है. अदालत में अगली सुनवाई पर यह देखना अहम होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
बता दें कि बीजेपी विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को लेकर विशेष समाज ने विरोध जताया था. समाज ने 130 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला निकालकर विरोध प्रदर्शन भी किया था. सड़क किनारे हो रहे इस आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की कड़े इंतजाम किए और भारी वाहनों को जिले की सीमा के बाहर ही रोक दिया गया था.
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