हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार की फर्म पर GST छापा, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, PWD ने पंजीकरण किया सस्पेंड, टेंडर भी रद्द

GST raid on the firm of murder accused contractor Suresh Chandrakar, tax evasion of Rs 2 crore revealed, PWD suspends registration, tender also cancelled

हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार की फर्म पर GST छापा, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, PWD ने पंजीकरण किया सस्पेंड, टेंडर भी रद्द

हत्या के आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार की फर्म पर GST छापा, 2 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, PWD ने पंजीकरण किया सस्पेंड, टेंडर भी रद्द

रायपुर : रायपुर में जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार सुरेश चंद्रकार की फर्म पर छापा मारा. सुरेश चंद्रकार, जो पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के आरोपी हैं. उनकी फर्म पर छापेमारी में 2 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है. सुरेश चंद्रकार का पंजीकरण सस्पेंड कर दिया है.
जांच के बाद विक्रेता ने विसंगतियों को कबूल किया और 30 दिसंबर 2024 को प्रारंभिक रूप से 30 लाख रुपए का टैक्स भुगतान किया. हालांकि अन्य लंबित भुगतान और दस्तावेजों का सत्यापन अभी भी जारी है. विभाग द्वारा जीएसटी रिटर्न, बैंक विवरण, और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत मिलान किया जा रहा है.
मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी बस्तर सर्कल, जगदलपुर ने सुरेश चंद्रकार का पंजीकरण निलंबित करने की सिफारिश की थी. सुरेश चंद्रकार का विभाग में पंजीकरण ‘ए’ श्रेणी के ठेकेदार के रूप में था. उन्होंने बताया कि सिफारिश के आधार पर विभाग ने सोमवार को उसका पंजीकरण निलंबित कर दिया. वहीं जिस सड़क की स्टोरी को लेकर मुकेश की हत्या की गई उस सड़क के टेंडर को भी रद्द कर दिया है. इसको लेकर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग रायपुर ने आदेश जारी किया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI

छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्रकार को दी श्रद्धांजलि

रायपुर : रायपुर में मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के बाद से दिन प्रतिदिन पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. 5 जनवरी को 12 बजे रायपुर कार्यालय में वर्तमान समय में पत्रकारों पर हो रहे हमले, झूठे केस और उनकी की सुरक्षा पर विचार गोष्ठी तथा शोक सभा का आयोजन किया गया.
बीजापुर के दिवंगत युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर को छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ की तरफ से रविवार को श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर मुकेश चंद्राकर की हत्या और पत्रकारों की सुरक्षा कानून को लेकर गहन चर्चा भी की गई.
इस मौके पर छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष गजेंद्ररथ वर्मा ने  पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या की निंदा करते हुए देश भर के पत्रकारों में व्याप्त आक्रोश का जिक्र किया. साथ ही हत्याकांड के बाद बीजापुर के पत्रकारों की तरफ से बार-बार पुख्ता प्रमाण उपलब्ध करवाने के बावजूद कार्रवाई में स्थानीय पुलिस-प्रशासन की देरी पर ध्यान आकृष्ट कराया.
पत्रकार महासंघ  के विधिक व कानून मंत्री डॉ ताराचंद चन्द्राकर  ने कहा कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के बाद जांच के लिए गठित SIT में बस्तर संभाग में पदस्थ किसी पुलिस अधिकारी को शामिल न किया जाए. पुलिस मुख्यालय या अन्य जिलों के बेदाग छवि वाले अधिकारियों को शामिल किया जाए.
इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकारों ने घटना की निंदा करते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही पत्रकार सुरक्षा हेतु मीडियाकर्मी सुरक्षा कानून को आवश्यक संशोधन के साथ जल्द से जल्द लागू करने की मांग की.
श्रद्धांजलि सभा और पत्रकारों की सुरक्षा पर आयोजित विचार-गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों अशोक कुमार साहू, टूकेश्वर लोधी, नवीन देवांगन, डॉ. योगेश वैष्णव, पिलेश्वरी साहू, नरेंद्र नायक, पुनीत सोनकर, संजीव सेन, राजू दीवान मनोज वर्मा, रवि शर्मा, अब्दुल शमीम, परितोष भाई, अनुराग शर्मा समेत बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे.
छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने रायपुर प्रेस क्लब में दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर पत्रकारों ने हत्याकांड के बाद जांच से जुड़े बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराया. उन्हें सुकमा जिले के कोंटा में रेत ठेकेदारों और पुलिस थानेदार के षडयंत्र से बप्पी राय और 3 पत्रकारों को गांजा के परिवहन के फर्जी केस में फंसाए जाने वाले मामले की याद दिलाते हुए कोर्ट से अब तक राहत नहीं मिलने का जिक्र किया गया. जबकि आरोपी थानेदार को तीसरे दिन की जेल से जमानत मिल जाने का उल्लेख किया गया. राज्य सरकार को उस मामले में आंध्रा सरकार से चर्चा करके केस ख़ारिज करवाने की मांग की गई.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI

दुर्ग प्रेस क्लब ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार के लिए मांगा इंसाफ

दुर्ग : दुर्ग प्रेस क्लब (पत्रकार परिषद, जिला दुर्ग) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी से मुलाकात कर उन्हें राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पत्रकार स्व मुकेश चंद्राकर के हत्यारो के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की गई.
आक्रोशित वरिष्ठ पत्रकारों का कहना था कि हत्या की यह घटना निंदनीय है. ऐसी घटना से मीडियाकर्मियों की लेखनी थमने वाली नहीं है. बल्कि पूरे मजबूती से आगे भी समाज विरोधी ताकतों के खिलाफ सच्चाई की यह जंग जारी रहेगी.
दुर्ग प्रेस क्लब की मांगों में युवा पत्रकार स्व मुकेश चंद्राकर के हत्यारो को फांसी की सजा, पीड़ित परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ की मुआवजा राशि और प्रदेश में पत्रकारों के सुरक्षा हित में पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू करने की मांग शामिल है.
ज्ञापन सौंपने मीडिया कर्मी पटेल चौक से रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे. यहां उन्होंने पत्रकार की हत्या के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. पत्रकारों ने उक्त मांगों पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है.
ज्ञापन सौंपने के दौरान दुर्ग प्रेस क्लब अध्यक्ष अरुण मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार सतीश वर्मा, पुनीत कौशिक, पवन देवांगन, रोमशंकर यादव, धनेंद्र सिंह चंदेल, राहुल शर्मा, आशीष ठाकुर, पुरेंद्र देशमुख, ज्वाला अग्रवाल, मोहम्मद नसीम फारुकी, वीना दुबे, प्रेमलाल देशमुख, गोविंद यदु, रंजन पांडेय, छन्नूलाल सिन्हा, हमीद खान, दीपक राजपूत के अलावा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारगण बड़ी तादाद में मौजूद रहे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI

कोटा प्रेसक्लब के पत्रकारों ने एसडीएम को दिया ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की

कोटा-बिलासपुर : प्रेसक्लब कोटा में कैंडल जला कर दिवंगत बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजली दी गई. कोटा प्रेसक्लब के संरक्षक, सदभाव पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष आर डी गुप्ता ने कहा कि बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पत्रकारिता करना बड़ा कठिन काम है. मुकेश चंद्राकर एक साहसी निडर पत्रकार थे. और पत्रकारिता को एक नई पहचान दी. वे उस क्षेत्र में सड़क निर्माण के घोटाले को उजागर करने में लगे थे. इसी बीच ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर रितेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके नई सडयंत्र पूर्वक नृसंश हत्या कर दी. लाश को सेप्टिकटैंक में डाल दिया. एक कलाम के सिपाही की आवाज को हमेशा के लिए शांत कर दिया गया.
इस घटना से बस्तर, बीजापुर,जगदलपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकार इस घटना की कड़ी निंदा की. सभी जगह शांति पूर्ण बिरोध प्रदर्शन आंदोलन किया गया.
कोटा प्रेस क्लब के तत्वाधान में पत्रकारों ने श्रद्धांजलि सभा करने के बाद प्रेसक्लब भवन से पैदल मार्च करते हुए कोटा एस डीएम एस एस दुबे जी को ज्ञापन देने पहुँचे उनकी अनुपस्थिति में तहसीलदार अश्वनी कंवर ने ज्ञापन लिया.
इस श्रद्धांजलि शांति पूर्ण मार्च में कोटा प्रेसक्लब के अध्यक्ष सूरज गुप्ता, सचिव मोहम्मद जावेद खान, संरक्षक संजीव शुक्ल, सरंक्षक और सदभाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आर डी गुप्ता, उपाध्यक्ष रामनारायण यादव,अंकित सोनी, विकास तिवारी, सूचित मरावी, प्रमेन्द्र मानिकपुरी सहित पत्रकार मोहम्मद रज्जाक खान मौजूद रहे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI