कोयला घोटाला मामले में IAS रानू साहू, सौम्या चौरसिया और व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को जमानत मिलते ही DMF केस में ईओडब्लू ने किया गिरफ्तार
As soon as IAS Ranu Sahu, Saumya Chaurasia and businessman Suryakant Tiwari got bail in coal scam case, EOW arrested them in DMF case
रायपुर : छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी घोटाले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू को अंतरिम जमानत दे दी. इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया समेत 12 आरोपियों को भी जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटेश्वर सिंह की पीठ ने अंतरिम जमानत दी. यह मामला कोयला परिवहन से अवैध वसूली से जुड़ा है. ED की जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
हालांकि सौम्या चौरसिया पर आय से अधिक संपत्ति का एक अन्य मामला भी दर्ज है. जिसके चलते वह अब भी जेल में रहेंगी. इस मामले में उन्हें जमानत नहीं मिली है. जिससे उनकी रिहाई फिलहाल संभव नहीं है. ये सभी करीब दो साल से ज्यादा समय से जेल में हैं. इनकी पूर्व में कई याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा है कि मामले में निर्धारित तारीख पर याचिकाकर्ताओं के आचरण पर रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
छत्तीसगढ़ के कोल स्कैम मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलते ही ईओडब्लू ने रानू साहू, सौम्या चौरसिया और सूर्यकांत को DMF मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर ले लिया है. ईओडब्लू/एसीबी ने रायपुर विशेष अदालत में बीते 1 मार्च को आवेदन देकर प्रोडक्शन वारंट जारी कराया था। सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत को सशर्त 6 मार्च तक की रिमांड पर एसीबी/ईओडब्लू को सौंपा गया है.
रानू साहू के साथ सौम्या चौरसिया को भी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने रानू साहू, सूर्यकांत तिवारी और सौम्या चौरसिया को अंतरिम जमानत देते हुए जांच प्रक्रिया में लगने वाले समय को ध्यान में रखा. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जांच की समय लेने वाली प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए और जल्दबाजी में जांच की मांग किए बिना हम याचिकाकर्ताओं को अंतरिम जमानत पर रिहा करना उचित समझते हैं.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई गवाहों को प्रभावित करता, सबूतों से छेड़छाड़ करता या जांच में बाधा डालता पाया गया तो राज्य अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और उस स्थिति में अंतरिम जमानत रद्द कर दी जाएगी.
2010 बैच की आईएएस अधिकारी हैं रानू साहू
2010 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी रानू साहू को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2023 में गिरफ्तार किया था. उस समय साहू राज्य कृषि विभाग के निदेशक के रुप में कार्यरत थे. छत्तीसगढ़ कैडर की ही सिविल सेवक सौम्या चौरसिया को 2022 में गिरफ्तार किया गया था. समीर विश्नोई के बाद साहू इस मामले में गिरफ्तार होने वाले राज्य के दूसरे IAS अधिकारी थे. जिन्हें 2022 में गिरफ्तार किया गया था.
11 लोग हुए थे गिरफ्तार
जांच के तहत, एजेंसी ने 11 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और 26 आरोपियों के खिलाफ तीन अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं। इसने आरोपियों की 270 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की है
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



