गाली देने के बदले में कर दिया खून, करगा-चटौद पुल के नीचे पत्थर से कुचले मिले शव मामले में 72 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
Murder in retaliation for abuse; bodies found crushed by stones under Karga-Chataud bridge, case solved within 72 hours, three accused arrested
धमतरी : धमतरी पुलिस के बिरेझर चौकी कुरुद थाना सायबर, एफएसएल की संयुक्त टीम की सघन जांच से 72 घंटे में हत्याकांड मामला सुलझा लिया है. इस मामले में हत्या के बाद सबूत नष्ट करने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. धमतरी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, धमतरी पुलिस की अलग-अलग टीम गठित कर कुरुद थाना एवं सायबर टीम एवं एफएसएल टीम के सहयोग से ग्राम करगा एवं चटौद पुल के पास हुई हत्या के मामले का तत्परता से खुलासा किया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक करगा-चटौद पुल के नीचे एक युवक का शव मोटरसाइकिल सहित मृत अवस्था में पाए जाने की खबर 22 अक्टूबर 2025 को गिरीश कुमार महार द्वारा सुबह बिरेझर चौकी में मिली थी. मृतक की पहचान मनीष कुमार मिथलेश पिता किशन राम मिथलेश उम्र 26 साल निवासी ग्राम करगा के रुप में की गई.
इस खबर पर 22 अक्टूबर को चौकी बिरेझर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 131/25 धारा 194 बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की. शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “Death was likely to be homicidal in nature” पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरु की गई.
जांच के दौरान मृतक के परिजनों और गवाह योगराज साहू तथा हेमंत साहू के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी होमेश कुमार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 21 अक्टूबर 2025 की रात करीब 11 बजे वह अपने दोस्त चाहत यादव के साथ मृतक को शराब पिलाने चटौद करगा नाला पुल के पास ले गया.
शराब पीने के दौरान मृतक द्वारा गाली-गलौज करने पर विवाद हुआ. जिसके बाद आरोपी होमेश साहू ने मृतक की आंख और गले में गमछा बांधकर दबाया और सिर पर कई बार हमला किया. इसके बाद आरोपी होमेश साहू और चाहत यादव ने मृतक को पुल से नीचे फेंक दिया. मृतक के जीवित रहने की आशंका पर होमेश ने नीचे जाकर पत्थरों से उसके सिर और चेहरे पर वार कर हत्या कर दी.
आरोपी ने कत्ल के बाद मृतक की मोटरसायकल और चाबी को नीचे फेंक दिया और गवाहों योगराज और हेमंत साहू को फोन कर घटना की जानकारी दी. बाद में अपने गमछे और खून लगे कपड़ों को छिपाया. और मृतक का मोबाइल झाड़ी में फेंक दिया.
अगले दिन आरोपी ने अपने रिश्तेदार मनीष कुमार साहू को घटना की जानकारी दी और खून लगे गमछे और मोबाइल को जलाने कहा. आरोपी के निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल कपड़े, गमछा, अधजला मोबाइल आदि बरामद कर जब्त किया गया. जांच में आरोपी मनीष साहू द्वारा सबूत नष्ट करने की पुष्टि होने पर मामले में धारा 238, 3(5) बीएनएस जोड़ी गई.
सबूतों एवं बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 286/25, धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.
जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक मनीष कुमार मिथलेश पूर्व में जब रायपुर से वापस गांव आया था. तब उसने आरोपी होमेश कुमार साहू के साथ झगड़ा करते हुए गाली-गलौज (मां-बहन की अशोभनीय गालियाँ) किया था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था. 21 अक्टूबर 2025 की रात जब मृतक फिर पुल के पास मिला. तब फिर से झगड़ा और गाली-गलौज हुई.
उसी दौरान होमेश ने मौका देखकर मृतक की हत्या कर दी. पुलिस द्वारा इस गंभीर हत्याकांड के त्वरित खुलासे में थाना कुरुद एवं सायबर टीम और एफएसएल टीम,चौकी बिरेझर स्टाफ एवं जांच दल की अहम भूमिका रही.
आरोपी
1️⃣ होमेश कुमार साहू, पिता डेमन लाल साहू, उम्र 19 साल
2️⃣ चाहत यादव, पिता अमर सिंह यादव, उम्र 19 साल
3️⃣ मनीष कुमार साहू, पिता इन्द्रमन साहू, उम्र 21 साल
सभी निवासी ग्राम करगा मठ, चौकी बिरेझर, थाना कुरुद, जिला धमतरी (छ.ग.)
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