सीएम के रिश्तेदारों के लिए खाने का इंतजाम नहीं करना पड़ा महंगा!, नाका समिति को SDM ने पकड़ाया नोटिस, सरपंच पर एफआईआर

Not arranging food for CM's relatives proved costly! SDM served notice to Naka committee, FIR lodged against Sarpanch

सीएम के रिश्तेदारों के लिए खाने का इंतजाम नहीं करना पड़ा महंगा!, नाका समिति को SDM ने पकड़ाया नोटिस, सरपंच पर एफआईआर

बस्तर : बस्तर के पर्यटन स्थलों में शीर्ष में रहने वाले चित्रकूट का नाम फिर से देश भर में फैल रहा है. लेकिन यह नाम अपनी मनमोहक छटा बिखेरने के लिए मशहूर भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकूट जलप्रपात के लिए नहीं अपितु चित्रकूट में आने वाले पर्यटकों एवं उनके वाहनों के प्रवेश शुल्क को लेकर स्थानीय प्रशासन व ग्राम पंचायत के बीच चल रहे खींच तान व गहराते विवाद को लेकर फिर से सुर्खियों में है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत द्वारा पिछले10 साल से चित्रकूट जलप्रपात के पास पर्यटकों और उनके गाड़ियों के प्रवेश के लिए शुल्क लेने के लिए नाके का निर्माण किया गया था. जिसे 7 साल पहले तक पंचायत के 20 पांचों और कुछ बेरोजगार युवाओं को द्वारा संचालित किया जा रहा था. लेकिन कुछ ही समय पहले हुए पंचायत चुनाव के बाद नए युवा सरपंच भंवर मौर्य ने पंचायत चुनाव में जीत कर सरपंच बनकर आए. सरपंच बनते ही मौर्य ने पूर्व के समिति को नाका द्वारा पूर्व वर्षों के आय–व्यय का हिसाब मांगा. आय व्यय खातों से असंतुष्ट सरपंच ने पूर्व समिति को खंडित कर नई समिति का गठन किया.
मिली जानकारी के मुताबिक इसी बीच 15 मई को चित्रकूट जलप्रपात की सुंदरता निहारने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बेटी-दामाद चित्रकूट पहुंचे. जिनके आवभगत के लिए खान-पान की व्यवस्था के लिए चित्रकूट के एसडीएम नीतीश कुमार ने कोटवार के जरिए सरपंच को आदेशित किया कि वह खान-पान का इन्तेजाम करे. लेकिन गर्मी के मौसम में पर्यटकों की तादाद कम होने की वजह से सरपंच ने एसडीएम को आवभगत के लिए एक सिरे से नामंजूर कर दिया.
जिससे बौखलाए एसडीएम ने उसी दिन सरपंच को नाका द्वारा अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी कर दिया और 3 दिन का समय अपनी बात रखने को दिया. सरपंच ने तीन दिनों के भीतर एसडीएम के सामने अपना बयान पेश किया लेकिन शनिवार होने की वजह से एसडीएम ने सरपंच को सोमवार को आने को कहा. और सोमवार को बिना पक्ष सुने तहसीलदार और अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचकर नाके को सील कर दिया.
संबंधित कार्यवाही के बाद सरपंच और ग्रामीणों में गुस्सा उठा और ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम के हालात बन गए. जिसके बाद एसडीएम ने सरपंच सहित 12 ग्रामीणों पर धाराएं लगाते हुए FIR करवा दिया.
सरपंच ने बताया की छत्तीसगढ़ में पांचवी अनुसूची, पेशा कानून एवं 1993 पंचायत अधिनियम के द्वारा पंचायत को प्राप्त शक्तियों के आधार पर पंचायत में स्थित संसाधनों से पंचायत के विकास जीविकोपार्जन के लिए आय के स्त्रोत निर्मित कर सकता है.
इस मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व चित्रकूट विधायक व पूर्व संसद दीपक बैज ने सीएम विष्णुदेव साय पर आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यटन टूर पर चित्रकूट पहुंचे अपने बेटी-दामाद के आवभगत के लिए पंचायत से खान पान की व्यवस्था की मांग करना और सरपंच द्वारा आवभगत के लिए मना करना. जिससे भड़के एसडीएम ने डरा धमकाकर नाके को बंद कर दिया. और गुस्साए ग्रामीणों द्वारा एसडीएम के खिलाफ प्रदर्शन करने पर संगीन धारा लगाकर कार्यवाही किया गया.
बैज ने सरकार से सवाल करते हुए कहा क्या पंचायत को वहां कर वसूली, टैक्स लेने का हक नहीं है. जबकि 5वीं अनुसूची लागू है. रही बात सीएम के दामाद की तो “वो हमारे भी दामाद है. राज्य के भी दामाद है. अगर सरकार के पास पैसा नहीं है और उनको मुर्गा–बकरा खाना था तो उस क्षेत्र का मै विधायक–संसद रहा हूं. मुझको बोल देते मै खुद उनका स्वागत कर खाने की व्यवस्था करवा देता” इससे पारिवारिक सम्बन्ध भी बढ़ते. लेकिन बदले की भावना से सरपंच के ऊपर नोटिस देकर कारवाही करना यही विष्णु का सुशासन है.
बैज ने मुख्यमंत्री को एक आदिवासी मुख्यमंत्री न बताकर जनजाति मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि दामाद के आवभगत न करने की वजह से एक आदिवासी सरपंच के ऊपर कार्यवाही करना क्या सही है? यह एक गंभीर मुद्दा है.
वैसे तो भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकूट जलप्रपात का नाम अपने आप में ही अलौकिक है. कुछ महिना पहले ही चित्रकूट जलप्रपात समीप बस्तर विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक को लेकर मामला तूल पकड़ता नजर आया था. जिसमें बस्तर विकास प्राधिकरण के बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय
 ने की थी. चूंकि जलप्रपात में जल प्रवाह कम थी. इसीलिए बैठक में आने वाले प्रदेश भर से तमाम मंत्री और अधिकारियों के लिए मनोरंजन के लिए चित्रकूट समीप एनीकेट के द्वारा को खोल दिया गया. जिससे सिंचाई उपयोग के लिए संग्रहित जल की बरबादी हो गई. जिस पर भी कांग्रेस के आला नेताओं द्वारा आरोप लगाया गया था कि प्रदेश के मुखिया द्वारा अपने मनोरंजन के लिए अन्य कट का पानी खुलवाया गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB