जिला हॉस्पिटल में OPD डॉक्टर नहीं करेंगे इलाज, सिविल सर्जन के खिलाफ चिकित्सकों का आंदोलन, साइकिल स्टैंड में OPD, डॉक्टरों का अनोखा प्रदर्शन
OPD doctors will not treat patients in the district hospital, doctors protest against the civil surgeon, OPD in the bicycle stand, a unique protest by doctors
जांजगीर चांपा : जिला अस्पताल में सिविल सर्जन दीपक जायसवाल के खिलाफ डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है. छत्तीसगढ़ डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ इकबाल हुसैन ने सिविल सर्जन डॉ दीपक जायसवाल के ऊपर लगे आरोपों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ओपीडी में इलाज बंद करने का ऐलान किया है. उन्होंने इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जिला और प्रदेश में भी विस्तार करने की चेतावनी दी.
डॉक्टरों ने आज OPD का बहिष्कार करते हुए साइकिल स्टैंड में अस्थायी OPD शुरू कर दी, जहां वे जमीन पर बैठकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. जिला अस्पताल में एक सप्ताह से सिविल सर्जन और डॉक्टर के साथ स्टॉफ नर्स का विरोध जारी है. सिविल सर्जन दीपक जायसवाल पर डाक्टर और नर्सिंग स्टॉफ का अपमान करने और जिला अस्पताल में तनाव पूर्ण माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए शासन-प्रशासन से सिविल सर्जन को हटाने की मांग कर रहे हैं. मांग पूरा नहीं होने पर अपने आंदोलन को प्रदेश स्तर में विस्तार करने कि तैयारी में है.
जांजगीर चांपा जिला अस्पताल में सिविल सर्जन दीपक जायसवाल पर सीनियर स्टॉफ नर्स के साथ अभद्रता किए जाने और पद का दुरुपयोग कर सीनियर डॉक्टर्स पर रौब दिखाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगा है. जिला अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने 5 मार्च को कलेक्टर से इसकी शिकायत की. जिस पर जिस पर कलेक्टर ने तीन सदस्यी जांच कमेटी बनाई और जांच शुरु हुआ.
डॉक्टरों का आरोप है कि जांच के दौरान भी सिविल सर्जन ने पद में रहते हुए नर्सो को धमकाने और अपनी पहुंच स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से होने का दावा करते हुए कुछ नहीं बिगड़ने का दावा किया. साथ ही विरोध करने वालों को धमकी देने का भी आरोप डॉक्टरों ने लगाया. जिसके बाद डॉक्टरों ने सिविल सर्जन दीपक जायसवाल पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज से OPD बंद करने का ऐलान किया.
छत्तीसगढ़ डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ इकबाल हुसैन ने बताया कि सिविल सर्जन दीपक जायसवाल ने शासन की नीति के खिलाफ कई काम किए हैं. अपनी मर्जी से डॉक्टर और नर्सो को प्रतिनियुक्ति पर भेज रहे हैं. जिला अस्पताल में संसाधन और चिकित्सकीय स्टॉफ की कमी के बाद भी 100 बिस्तर के अस्पताल में 200 मरीजों की भर्ती कर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी के बाद भी डॉक्टर और पूरा स्टॉफ मरीजों का उपचार कर रहा है. इसके बाद भी सिविल सर्जन सभी का अपमान करते हैं.
हमारी मांग है कि जब जांच चल रही है उसके बावजूद भी सिविल सर्जन पद पर बने हुए हैं. पद पर रहते हुए मुख्य नर्सिंग स्टाफ को ट्रेनिंग पर भेज दिए हैं. उसके बाद रोज दबाव बनाया जा रहा है कि नर्सिंग स्टाफ ने जो बयान दिया है उसे बदल लें. अगर वे पद पर बने रहेंगे तो डायरेक्ट या इनडायरेक्टर प्रेशर बने रहेंगे. किसी और को उनकी जगह पर बैठाना चाहिए. अभी ओपीडी का बहिष्कार कर रहे हैं.- डॉ इकबाल हुसैन, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ डॉक्टर एसोसिएशन
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ दीपक जायसवाल और स्टॉफ के बीच उपजे विवाद के बाद इंवेस्टीगेशन टीम ने जांच पूरी कर ली है. अब एडिशनल कलेक्टर खुद शिकायतकर्ता डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ का बयान दर्ज कर रहे हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI



