गाय के नाम पर बनी भाजपा सरकार का गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से इंकार, मुख्यमंत्री सुवेंदु ने कहा 14 साल उम्र की गाय को काट सकते हैं!

The BJP government, formed in the name of the cow, refuses to declare it the national animal; Chief Minister Suvendu said that a 14-year-old cow can be slaughtered!

गाय के नाम पर बनी भाजपा सरकार का गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से इंकार, मुख्यमंत्री सुवेंदु ने कहा 14 साल उम्र की गाय को काट सकते हैं!

नई दिल्ली : केंद्र सरकार के समक्ष फिलहाल गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने या देशव्यापी गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. यह जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी. उन्होंने कहा कि विभिन्न समूह इस मांग को लगातार उठाते रहते हैं.
मेघवाल ने बताया कि गौहत्या संबंधी कानून अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं और फैसले अक्सर स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लिए जाते हैं. पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में मेघवाल ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने और देश भर में गौहत्या प्रतिबंधित करने की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए कि ऐसी मांगें सांसदों और सरकार के पास नियमित रूप से आती रहती हैं.
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कई संगठन इन मुद्दों पर लगातार काम करते रहते हैं और सांसदों के पास भी पहुंचते हैं. लोग आवेदन देते हैं और प्रतिनिधित्व करते हैं कि ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए। हालांकि मंत्री ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव संघ कैबिनेट के विचाराधीन नहीं है.
मेघवाल ने आगे कहा कि अभी हमारे पास ऐसा कोई मामला नहीं है जो कैबिनेट के विचाराधीन हो. अगर कभी कोई प्रस्ताव सरकार के फैसले या कैबिनेट विचार के योग्य चरण तक पहुंचता है तो हम आपको खबर करेंगे. उन्होंने कहा कि कई राज्य अपनी परिस्थितियों और योग्यता के आधार पर ऐसे मुद्दों पर फैसले लेते हैं. उन्होंने भाजपाशासित पश्चिम बंगाल सरकार के हालिया कदम का जिक्र किया। जहां राज्य के 1950 के कानून के तहत मवेशी हत्या पर सख्ती बढ़ाई गई है.
मंत्री ने कबूल किया कि पूर्ण गौहत्या प्रतिबंध की मांगें लगातार उठाई जा रही हैं और सोशल मीडिया समेत जगह-जगह चर्चा होती रहती है. उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे लोग बार-बार उठाते रहते हैं.  इसके समर्थक प्रयास कर रहे हैं और चर्चाएं होती रहती हैं. लेकिन फिलहाल यह सरकार के स्तर पर निर्णय प्रक्रिया शुरू होने के चरण में नहीं है. हिंदू समूह देश भर में गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग करते रहे हैं. वहीं कई मुस्लिम संगठनों और उलेमाओं ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और देशव्यापी गौहत्या प्रतिबंध की मांग का समर्थन किया है.
जामियत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी उनमें शामिल हैं. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसा कदम इस मुद्दे से जुड़े तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देकर गौहत्या से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों को सुलझाया जा सकता है, तो इसे विचार करना चाहिए.
हामिद अंसारी ने मुसलमानों से गाय की कुर्बानी से बचने की अपील भी की थी और कहा था कि इस्लाम किसी विशेष पशु की कुर्बानी का आदेश नहीं देता. अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली ने भी इस मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु मान्यता देना हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान होगा. ईद-उल-अज़्हा से पहले कई अन्य मुस्लिम नेताओं और उलेमाओं ने भी इसी तरह की अपील की थी. जिससे हाल के हफ्तों में यह मुद्दा फिर से सार्वजनिक चर्चा में आ गया.
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इस मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज बंगाल के CM सुवेन्दु अधिकारी के गाय काटने के बयान/निर्णय को लेकर आक्रोशित हो गए, कहा तुम्हारी मां बूढ़ी हो जाएगी तो क्या उसे भी काटकर खा जाओगे. खबरदार सुवेंदु अधिकारी जिस गाय को सनातन धर्म माता मानता है उसे काटने की परमिशन दे रहे हो - शंकराचार्य