IAS सुबोध सिंह की फर्जी फेसबुक-आईडी बनाकर मांगे पैसे, शेयर-ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख ठगे, कानपुर से दो आरोपी गिरफ्तार

Two arrested from Kanpur for swindling ₹88 lakh by creating a fake Facebook ID of IAS officer Subodh Singh and luring victims with promises of profits from share trading.

IAS सुबोध सिंह की फर्जी फेसबुक-आईडी बनाकर मांगे पैसे, शेयर-ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख ठगे, कानपुर से दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर : रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत उत्तर प्रदेश से दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक आरोपी ने प्रमुख सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई और उनके परिचितों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग की थी.
वहीं, दूसरे आरोपी पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, दूसरे आरोपी के इस्तेमाल किए गए बैंक खाते को लेकर देश के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं.
रायपुर साइबर थाने की टीम ने तकनीकी जांच के जरिए दोनों आरोपियों की पहचान की. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. अब उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.
केस-1: IAS अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी आईडी
सुशांत पनका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर वरिष्ठ IAS अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फर्जी आईडी बनाई गई है. आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए अधिकारी के परिचितों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग की जा रही थी. शिकायत के आधार पर राखी थाने में मामला दर्ज किया गया था. इसकी जांच रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम कर रही थी.
जांच के दौरान पुलिस ने फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियों से जानकारी जुटाई. इस जानकारी का तकनीकी विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के अर्जुन कुमार जाटव उम्र 23 साल की पहचान की. पुलिस का आरोप है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर IAS अधिकारी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने में शामिल था.
मोबाइल जांच में दूसरे अधिकारियों के नाम से भी फर्जी आईडी के सबूत
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें अन्य स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाने के सबूत मिले हैं. पुलिस का कहना है कि इन फर्जी आईडी से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
केस-2: शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख की ठगी
दूसरे मामले में रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपए की ठगी की शिकायत की थी. शिकायत के आधार पर रेंज साइबर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वॉट्सऐप से मिली जानकारी की पड़ताल की. तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर के प्रवीण कुमार दीक्षित उम्र 46 साल की पहचान की. आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर 'दीक्षित एजेंसी' नाम की कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता था. इन खातों में ठगी से मिली रकम जमा कराई जाती थी.
ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते से जुड़ी 11 जगहों पर शिकायतें
पुलिस की पूछताछ में आरोपी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है. आरोपी ने जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया. उनसे जुड़े मामलों में देश के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं.
दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले
रायपुर पुलिस ने दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस दोनों मामलों में आगे की जांच कर रही है. साथ ही आरोपियों के अन्य साथियों और ठगी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
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