इंजेक्शन के बाद बिगड़ी युवक की हालत, इलाज के दौरान मौत, परिजन बोले- बेड नहीं है कहकर रायपुर-एम्स और मेकाहारा ने लौटाया, झोलाछाप डॉक्टर फरार

Young man's condition deteriorated after an injection; he died during treatment. Family members claim AIIMS Raipur and Mekahara turned him away citing a lack of beds; the quack is absconding.

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी युवक की हालत, इलाज के दौरान मौत, परिजन बोले- बेड नहीं है कहकर रायपुर-एम्स और मेकाहारा ने लौटाया, झोलाछाप डॉक्टर फरार

कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद 28 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने और बाद में इलाज के दौरान मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान हर प्रसाद सोनवानी के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि घुटने में मामूली चोट के इलाज के दौरान तरदा निवासी मुरली मनोहर उर्फ महाराज ने उसकी कमर में इंजेक्शन लगाया था. जिसके बाद हालत लगातार बिगड़ती चली गई. युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की है. आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक, बेंदलकोना निवासी हर प्रसाद सोनवानी रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. रक्षाबंधन के आसपास 28 अगस्त 2026 को वह बाइक से कहीं जा रहा था. इसी दौरान सामने अचानक कुत्ता आ जाने से बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़ा. हादसे में हर प्रसाद के घुटने में मामूली चोट लगी थी. इसके बाद वह इलाज के लिए थाना उरगा क्षेत्र के ग्राम तरदा में मुरली मनोहर उर्फ महाराज के पास पहुंचा. परिजनों का आरोप है कि मुरली मनोहर किराए के मकान में अस्पतालनुमा व्यवस्था चलाकर लोगों का इलाज करता था.
परिवार के मुताबिक इलाज के दौरान मुरली मनोहर ने हर प्रसाद की बाईं कमर में एक इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगने के बाद वह वापस घर लौट आया. लेकिन करीब दो दिन बाद कमर में तेज दर्द शुरू हो गया. धीरे-धीरे सूजन बढ़ने लगी और इंजेक्शन वाली जगह पर नीले रंग का निशान भी दिखाई देने लगा. हालत बिगड़ने पर परिजन 2 सितंबर को हर प्रसाद को कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद इंजेक्शन वाली जगह पर संक्रमण की आशंका जताते हुए इलाज शुरू किया. मेडिकल कॉलेज में करीब दो दिन तक उसका इलाज चलता रहा.
परिजनों के मुताबिक हर प्रसाद की हालत की जानकारी मिलने के बाद मुरली मनोहर भी मेडिकल कॉलेज पहुंचा. उसने बेहतर इलाज कराने की बात कही और युवक को टीपी नगर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कराया. इसके बावजूद हर प्रसाद की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी तबीयत लगातार नाजुक होती गई. नाजुक हालत को देखते हुए परिवार 9 सितंबर को उसे इलाज के लिए रायपुर एम्स लेकर पहुंचा. परिजनों का कहना है कि वहां बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से उसे भर्ती नहीं किया जा सका. इसके बाद परिवार उसे वापस कोरबा लेकर आया.
काफी दिनों तक इलाज और अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद 22 सितंबर को हर प्रसाद को फिर से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया. लेकिन हालत नाजुक बनी रही. आखिरकार 5 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है. परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि गलत तरीके से लगाए गए इंजेक्शन के कारण हर प्रसाद की तबीयत बिगड़ी और संक्रमण बढ़ने से उसकी जान चली गई.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इंजेक्शन में कौन-सी दवा दी गई थी और आरोपी के पास इलाज करने से संबंधित वैध योग्यता या अनुमति थी या नहीं. घटना के बाद से मुरली मनोहर उर्फ महाराज फरार बताया जा रहा है. उसका मोबाइल फोन भी बंद है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. परिजनों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि जिले में बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
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